FB एकाउंट को सुरक्षित रखने के लिए करते हैं टू फैक्टर ऑथेन्टिकेशन का इस्तेमाल, तो पढ़ें ये खबर

फेसबुक के इस सिक्युरिटी फीचर में ढेर सारी खामियां हैं, जिसमें सबसे अहम है कि यह सब एक बाहर की कंपनी के प्लेटफॉर्म पर होता है। एक अमेरिकी स्टडी के मुताबिक जब यूजर अपने मोबाइल नंबर को फेसबुक पर रजिस्टर करता है तो वह अपने नंबर को मार्केटिंग से जुड़ी चीजों के लिए भी इस्तेमाल करने की इजाजत दे देता है।

लखनऊ: अगर आप फेसबुक का इस्तेमाल करते हैं तो ये खबर आपके लिए है। आजकल यूजर्स में अपने एकाउंट की सुरक्षा को लेकर चिंता लगातार बढ़ती ही जा रही है। ऐसे यूजर्स ऑनलाइन एकाउंट की सुरक्षा के लिए तेजी के साथ फेसबुक के नये फीचर यूजर पासवर्ड के अलावा “टू फैक्टर ऑथेन्टिकेशन” प्रक्रिया का इस्तेमाल कर हैं। जिसे कुछ लोग अपने लिए खतरा मान रहे है। तो आइये जानने की कोशिश करते है कि क्या है ये फेसबुक का नया सिक्युरिटी फीचर “टू फैक्टर ऑथेन्टिकेशन? जो इन दिनों चर्चा का विषय बन हुआ है।

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क्या है ये फीचर
फेसबुक का एक सिक्युरिटी फीचर है “टू फैक्टर ऑथेन्टिकेशन”। इस फीचर का मकसद यूजर के एकाउंट को हैकर्स से बचाना है। इस सिस्टम में यूजर सबसे पहले अपने एकाउंट में लॉग-इन करता है और फिर अपना पासवर्ड डालता है। लेकिन इसके बाद यूजर की पहचान को पुख्ता करने के लिए दूसरे चरण में एक कोड यूजर के स्मार्टफोन पर भेजा जाता है। इसके बाद ही यूजर अपना फेसबुक एकाउंट एक्सेस करता है।

ये हैं नुकसान
फेसबुक के इस सिक्युरिटी फीचर में ढेर सारी खामियां हैं, जिसमें सबसे अहम है कि यह सब एक बाहर की कंपनी के प्लेटफॉर्म पर होता है। एक अमेरिकी स्टडी के मुताबिक जब यूजर अपने मोबाइल नंबर को फेसबुक पर रजिस्टर करता है तो वह अपने नंबर को मार्केटिंग से जुड़ी चीजों के लिए भी इस्तेमाल करने की इजाजत दे देता है।

मार्केटिंग और बहुत कुछ
मार्केटिंग के अलावा, कंपनियां यूजर्स को फोन नंबर की मदद से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तलाश भी कर सकती हैं। इसका मतलब है कि अगर आपके पास किसी का मोबाइल नंबर है तो आप उसका प्रोफाइल आसानी से खोज सकते हैं। हैरानी की बात है कि इस फीचर को बंद नहीं किया जा सकता, लेकिन अपने फेसबुक फ्रेंड्स और उनकी फ्रैंड्स लिस्ट के लिए इसे सीमित किया जा सकता है।

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फेसबुक नहीं सुधरा
पिछले सालों में एलेक्स स्टामोस की तरह फेसबुक के कई बड़े अधिकारियों ने कंपनी को अलविदा कह दिया है। न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक फेसबुक छोड़ कर गए अधिकारी डाटा सिक्योरिटी से जुड़े मुद्दों पर कंपनी के साथ सहमत नहीं थे। यहां तक कि फेसबुक में चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर का पद अब तक खाली पड़ा हुआ है। इससे कहीं न कहीं ऐसा लगता है कि डाटा सिक्योरिटी जैसे मुद्दों पर फेसबुक जैसी कंपनी गंभीर नहीं है।

क्या कहता है फेसबुक
अमेरिकी मीडिया में फेसबुक के हवाले से कहा गया है कि फेसबुक का यह फीचर यूजर को मोबाइल नंबर के जरिए अपने ऐसे दोस्तों को ढूंढने का मौका देता है जो उनके परिचित तो हैं लेकिन फेसबुक पर जुड़े नहीं हैं, फेसबुक का कहना है जो भी इस प्रक्रिया को गलत समझता है वह अपना मोबाइल नंबर नेटवर्क से डिलीट कर दे।

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