तीन साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म करने का आरोपी पुलिस मुठभेड़ ढेर, 24 घंटे के भीतर पुलिस ने की कार्रवाई

लखनऊ में तीन साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म के आरोपी दीपक वर्मा को पुलिस ने 24 घंटे के अंदर मुठभेड़ में ढेर कर दिया।

लखनऊ। बुधवार की रात आलमबाग मैटो स्टेशन पुल के नीचे तीन साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म करने के आरोपी को पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खोज निकाला। आरोपी की पहचान करते हुए जांच में जुटी पुलिस की टीम ने 6 जून को देर मुठभेड़ में मार गिराया। आरोपी की पहचान दीपक वर्मा के रूप में हुई है। आरोपी घटना को अंजाम देने के बाद शहर से भागने के फिराक में था। जांच में जुटी क्राइम ब्रांच की टीम ने सीसीटीवी की मदद से आरोपी पहचान करके सूचना आधार पर देर रात कार्रवाई की है। घायल आरोपी की केजीएमयू में इलाज के दौरान मौत हो गई है।

मवैया के बाद हुआ मुठभेड़

एसीपी कैंट अभय प्रताप ने बताया कि आरोपी दीपक वर्मा को मैट्रों स्टेशन में लगे सीसीटीवी से पहचान करने के बाद से ही खोजबीन के लिए टीमें लगा दी गई थी। गुरुवार को आरोपी को ट्रेस करते हुए गिरफ्तारी के लिए गई टीम पर आरोपी ने हमला बोल दिया। तभी जवाबी कार्रवाई करते हुए पुलिस की टीम ने भी फायरिंग की। लगातार हुए फायरिंग में आरोपी दीपक वर्मा के गोली लगने से वह घायल हो गया। मौके पर मौजूद पुलिस टीम ने आरोपी को केजीएमयू हॉस्पिटल इलाज के भर्ती करवाया जहां डॉक्टरों की टीम ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया।


स्टेशन में पानी बेचने का काम करता था आरोपी

एसीपी कैंट ने बताया कि आरोपी दीपक वर्मा आलमबाग में पानी बेचने का काम करता था। पांच जून की रात लगभग साढ़े तीन बजे सफेद स्कूटी से ओवर ब्रिज के नीचे आया और सड़क के किनारे फुटपाथ पर सो रही तीन साल की बच्ची को अगवा कर लिया। वह बच्ची को कुछ दूर ले जाकर लिफ्ट के अंदर दुष्कर्म किया। पीड़ित बच्ची के माता-पिता ने घटना की पूरी जानकारी आलमबाग पुलिस को दी थी। आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट लिखकर पुलिस की टीम ने 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए आरोपी को मार गिराया।

मेट्रो पर लगे सीसीटीवी से हुई आरोपी की पहचान

जांच टीम ने बताया कि मैट्रों स्टेशन पर लगे सीसीटीवी की मदद से आरोपी की पहचान की गई थी। इसके बाद जांच में लगी टीम ने मुखबिरों की मदद से आरोपी को ट्रेस किया। गुरुवार की रात सूचना के आधार पर आरोपी को घेराबंदी करके कार्रवाई की गई। पुलिस को देख आरोपी ने फायरिंग करने शुरू करने पर पुलिस के जवाबी कार्रवाई में ढेर किया गया।

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Sumit Yadav
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Sumit Yadav

मेरा नाम सुमित यादव है और मैं प्रयागराज का रहने वाला हूँ। पत्रकारिता में आने से पहले मैंने अपने करियर की शुरुआत फोटो पत्रकारिता से की थी। कैमरे के साथ काम करते-करते जब कलम भी थाम ली, तो लोगों की आवाज़ बन गया। साल 2014 में मैंने बतौर रिपोर्टर अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत की। इस दौरान मैंने राजस्थान पत्रिका (रायपुर), ईटीवी भारत (प्रयागराज), पत्रिका डिजिटल यूपी (प्रयागराज) और अमर उजाला (पंचकूला, चंडीगढ़) जैसे संस्थानों के साथ काम किया है। फिलहाल मैं न्यूज़ट्रैक (लखनऊ) के साथ जुड़कर पत्रकारिता का काम कर रहा हूँ और लोगों की बातों को आवाज़ देने का काम लगातार कर रहा हूँ।