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विमान सेवाओं में पहले दिन भारी अव्यवस्था, बगैर सूचना के कई फ्लाइट्स कैंसिल

विमान सेवाओं को शुरू करने का फैसला केंद्र की ओर से राज्य सरकारों पर छोड़ दिया गया था। इस कारण विमान सीमाओं पर काफी असर पड़ा। एक अधिकारी का कहना है कि इसी कारण बड़ी संख्या में फ्लाइट्स या तो रद्द करनी पड़ीं या वे लेट हो गईं।

जीवन चलाने के लिए जीवन को ही दांव पर लगा दिया गया

समस्या का हल ढूंढने के लिए उसकी जड़ तक पहुंचना पड़ता है, वो जहाँ से शुरू होती है, उसका हल वहीं कहीं उसके आस पास ही होता है। इसलिए कोरोना नामक प्रश्न जिसकी शुरुआत एक मानव निर्मित वायरस से हुई उसका उत्तर एक मानव निर्मित ह्यूमन फ्रेंडली वायरस ही हो सकता है।

पुण्यतिथि 24 मई पर विशेषः बगावती तेवर और मज़लूमों का मसीहा मजरूह सुल्तानपुरी

डॉ. मोहम्मद आरिफ
यह मजरूह सुल्तानपुरी का वह इंक़लाबी अंदाज़ था, जिससे उन्हें इश्क़ था। वह फिल्मों के लिए लिखे गए गानों को एक शायर की अदाकारी कहते थे और चाहते थे कि उन्हें उनकी ग़ज़लों और ऐसी ही इंक़लाबी शायरी के लिए जाना जाए।

हवलदार की शहादत का बदला, एक माह के भीतर तेजपाल का एनकाउंटर

ब्रजलाल, पूर्व डीजीपी
मुझे और मेरे सहयोगी एसआई बृज़पाल सोलंकी को भारत के राष्ट्रपति द्वारा बहादुरी के लिए पुलिस मेडल प्रदान किया गया था। दिल्ली सरकार ने भी मुझे एक लाख रुपये का पुरस्कार दिया था। मै उस समय के कुछ फ़ोटो भी शेयर कर रहा हूँ जो मुठभेड़ स्थल पर लिए गये थे।

सुझाव अच्छे, निंदा हास्यास्पद

डा. वेद प्रताप वैदिक
सारे कोरोना-युद्ध को उन्होंने एक व्यक्ति का महिमा-मंडन बता दिया और यह आरोप भी ठोक दिया कि केंद्र सरकार सारी शक्ति प्रधानमंत्री कार्यालय में केंद्रित करके संविधान के संघवाद का उल्लंघन कर रही है। यह बात इंदिरा गांधी की बहू के मुंह से सुनने में कितनी हास्यास्पद लगती है।

असमिया मास्क है असम की संस्कृति की ताकत

रविशंकर रवि
गांव-गांव में महिला कारीगर तीन-चार माह पहले से गमोछा तैयार करने में जुट जाती हैं। एक गामोछा की कीमत बीस रूपए से लेकर एक सौ रूपए तक होती है। कीमत गामोछा के आकार और उस पर की गई कसीदाकारी के अनुरूप तय होती है। गामोछा बनाने पर महिलाओं का एकाधिकार है।

ईद : पैग़ाम -ए- मोहब्बत

डॉ. मोहम्मद आरिफ़
इधर ईद समारोहों का प्रचलन तेज़ी से बढ़ा है जो स्वस्थ परंपरा का प्रतीक है। इस समारोह में प्रत्येक धर्म एवं विश्वास के लोग सांप्रदायिक तनाव से मुक्त होकर एक-दूसरे से गले मिलते है तथा ईद के वास्तविक मक़सद को जानने -समझने की कोशिश करते हैं।