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जाम मुक्त होगा लखनऊ: राजनाथ सिंह ने दी सौगात, बोले- सालों पुरानी जरूरत हुई पूरी

मंगलवार को रक्षामंत्री व लखनऊ से सांसद राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सीजी सिटी, सुल्तानपुर रोड पर बने नवीन कैंसर इंस्टिट्यूट के सर्जिकल ऑन्कोलॉजी, रेडिएशन ऑन्कोलॉजी एवं अन्तःरोगी सेवाओं व ओपीडी ब्लॉक की औपचारिक शुरुआत की।

सिरसागंज सपा विधायक हरीओम यादवः खेती किसानी से आए राजनीति में

विधायक हरीओम यादव
हर जनप्रतिनिधि की प्राथमिकता जनता की सेवा करना होनी चाहिए। इसके लिए विधायक निधि की जरूरत होती है। विधायक निधि से क्षेत्र की जनता के विकास कार्य होते हैं। विपक्ष की सरकार है फिर भी जनहित के कार्य कराते हैं। हमारे क्षेत्र की मुख्य समस्या आवारा जानवरों की है जो किसानों की फसल ओर किसानों को काफी नुकसान पहुचा रहे हैं।

शिकोहाबाद के भाजपा विधायक डॉ. मुकेश वर्माः शल्य चिकित्सक से आए राजनीति में

विधायक डॉ मुकेश वर्मा
दलबदल के सवाल पर वह कहते हैं कि राजनीति गंदी है, कुछ नेता मज़बूरी में दल बदलते है। राजनीतिक दलों में आंतरिक लोकतंत्र होना चाहिए अपनी बात रखने की आजादी होनी चाहिए।

बढ़ापुर भाजपा विधायक कुंवर सुशान्त सिंहः राजनीति में न आते तो वकील होते

विधायक कुंवर सुशान्त सिंह
विधायक कहते हैं कि क्षेत्र की समस्या है तहसील बनवाने की क्योंकि एक तहसील में 300 गांव होते हैं जबकि तहसील धामपुर में 936 गांव हैं। अतः एक नई तहसील का निर्माण कराना। जिमकार्बेट पार्क कालागढ़ टुरिज्म बनाना जिससे वहां पर जो विदेशी चिड़िया आती हैं लोग उनको देख सकें।

चांदपुर से भाजपा विधायक कमलेश सैनीः राजनीति में न आतीं तो समाजसेवा करतीं

विधायक कमलेश सैनी
विधायक के तौर पर क्षेत्र में आईटीआई, जीजीआईसी संस्थाओं का निर्माण कराया एवं बिजली की समस्या निवारण हेतु बिजली घर का निर्माण कराया तथा मेरठ बिजनौर को जोड़ने वाले पुल का भी कार्य कराया और छोटे बड़े अनेक पुल बनवाये।

नगीना से सपा विधायक मनोज पारसः राजनीति में न आते तो आईएएस होते

विधायक मनोज पारस
विधायक ने कहा विधायक निधि का सही इस्तेमाल करे तो मददगार है। निधि नहीं होगी तो हम समस्या हल नहीं कर पायेंगे। विधायक निधि 2.5 करोड़ से बढ़ाकर 8 से 9 करोड़ कर देनी चाहिए जिससे क्षेत्र का ओर विकास कराया जा सके। 

मारहरा विस क्षेत्र के भाजपा विधायक वीरेंद्र लोधीः चाय-पानी पिलाते, नेता बन गया

विधायक वीरेंद्र लोधी
जनसेवा ही मेरा सबसे खुशी का पल है। मुझे जो दायित्व मिला है। वह मेरा सौभाग्य है जनता की सेवा करूँगा। मै जब चुनाव जीता 3 माह बाद मेरे पिता वृन्दावन सिंह की मृत्यु हो गयी वह 80 वर्ष के थे। वह तीन बार ग्राम प्रधान भी रहे। में उनकी सेवा नहीं कर सका। वही दुख रहा।

रोहनियां विधायक सुरेंद्र सिंह : राजनीति ही नहीं, अर्थशास्त्र व कानून के भी जानकार 

विधायक सुरेंद्र सिंह
विधायक निधि के सवाल पर सुरेंद्र सिंह औढ़े ने बेबाकी से अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि अगर विधायक निधि का ठीक ढंग से उपयोग हो तो इससे बेहतर कुछ और नहीं है। जनता अपने विधायक से अपेक्षाएं रखती है। यकीनन जनदबाव अधिक रहता है। फिरभी हमारी कोशिश रहती है कि लोगों की अपेक्षाओं पर खरे उतरे।

पिंड्रा विधायक अवधेश सिंह : माफ करिएगा मैं लहर वाला नेता नहीं हूं ! 

अवधेश सिंह
डॉ. अवधेश सिंह बीजेपी से पहले कांग्रेस, एसपी और बीएसपी के टिकट पर इस सीट से चुनाव लड़ चुके हैं। लेकिन हर बार उन्हें हार का सामना करना पड़ा। लेकिन साल 2017 विधानसभा चुनाव में उन्होंने छह बार से विधायक रहे अजय राय को धूल चटा दी।

जमानिया विधायक सुनीता सिंहः राजनीति में न आती तो वृक्षारोपण करती

भाजपा विधायक सुनीता सिंह
भाजपा विधायक सुनीता सिंह ने बताया कि अभी मेरे क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाएं एवं बिजली के जर जर तारों की समस्या सबसे बड़ी है। इन क्षेत्रों मे मेरे प्रयास जारी हैं। मुख्यमंत्री से भी इन विषयों पर काफी चर्चा हुई है और उन्होंने विश्वास दिलाया है कि इन पर जल्द ही कुछ निर्णय होगा।

मुहम्मदाबाद से भाजपा विधायक अल्का रायः राजनीति में न आती तो गृहिणी होती

विधायक अलका राय
अल्का राय ने विधायक निधि के बारे में बताया की सरकार द्वारा दिया गया विधायक निधि क्षेत्र में लगाने के लिए एक धनराशि है। उन्होंने कहा जनता की जैसे सेवा हो सके चाहे स्कूल हो, अस्पताल हो, सड़क हो या खड़ंजा हो विधायक निधि खर्च करनी चाहिए। यह जनता की निधि है।

सिद्धार्थनगर शोहरतगढ़ के विधायक चौधरी अमर सिंहः राजनीति में न आते तो खेती करते

चौधरी अमर सिंह
मैं कहना चाहूंगा कि निचले स्तर पर अगर ज़िला पंचायत ओर क्षेत्र पंचायत में भ्रष्टाचार है तो ये चुनाव सीधे जनता से ही करा दिये जाएं ताकि भ्रष्टाचार खत्म हो जाये। ताकि भारतीय लोकतांत्रिक परंपरा के तहत चुनकर आने वाला निर्भीक हो कर अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा करें।

कानपुर देहात सिकंदरा से विधायक अजित पालः युवाओं को तकनीकी दक्षता का संकल्प

विधायक अजित पाल
वह कहते हैं कि बचपन से ही वह मेधावी, अनुशासित तथा चरित्रवान छात्र रहे हैं। समाज को अपने साथ लेकर निरंतर आगे बढ़ते हुए अपने पिता स्वर्गीय मथुरा प्रसाद पाल के नक्शे कदम पर चलते हुए ‘सबका साथ सबका विकास’ के संकल्प को पूरा करने के लिए अत्यधिक उत्साहित हैं।

डुमरियागंज के विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंहः हिंदू युवा वाहिनी कार्यकर्ता से की शुरुआत

विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह
गोरक्ष पीठाधीश्वर महंत अवैद्यनाथ महाराज की प्रेरणा से योगी आदित्यनाथ के दिशा निर्देश पर मैं डुमरियागंज विधानसभा में चुनाव लड़ने आया। सामाजिक एवं सांस्कृतिक संगठन हिंदू युवा वाहिनी से जुड़े रहने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।

छानबे के विधायक राहुल प्रकाश कोलः राजनीति में नहीं आता तो वकालत करता

विधायक राहुल प्रकाश कोल
विधायक राहुल प्रकाश कोल ने कहाकि लोगों की सोच गलत है। उन्होंने कहा जो प्रत्याशी जनता के बीच में रहता है, जनता की सेवा करता है। उसके चुनाव में धनबल और बाहुबल काम नहीं आएगा। जनता के साथ किया गया संघर्ष ही चुनाव के दौरान काम आता है।

कटरा बाजार के भाजपा विधायक बावन सिंहः 51 साल से परिवार पर भरोसा

विधायक बावन सिंह
विधायक बावन सिंह का कहना है कि जनता की सेवा ही मेरी जिंदगी है। लोगों ने मुझ पर जो भरोसा जताया है, मैं उनका विश्वास कभी टूटने नहीं दूंगा। क्षेत्र के विकास के लिए जो भी संभव होगा उसे पूरा करेंगे।

सिधौली के बसपा विधायक डॉ. हरगोविंद भार्गवः प्रगति में गरीबी लाचारी बाधा नहीं

विधायक डॉ. हरगोविंद भार्गव
अधिकारियों पर हनक धमक दिखाना मेरी फितरत में नहीं है। सभी से प्यार से बात करता हूं, अच्छा व्यवहार करता हूं तो ज्यादातर काम हो ही जाते हैं। जो नहीं काम करते हैं उनकी शिकायत शासन में कभी की है, इस पर वो कहते हैं कि ऐसी जरूरत नहीं पड़ी। वैसे भी अगर शिकायत करेंगे भी तो कोई परिणाम नहीं निकलेगा।

वाराणसी के अजगरा विधायक कैलाश सोनकरः टूट जाएगा BJP का घमंड

विधायक कैलाश सोनकर
कैलाश सोनकर भले ही मौजूदा वक्त में सुभासपा से विधायक हों लेकिन राजनीति की शुरुआत उन्होंने बीजेपी से ही की है। वो दौर था 1990 का, जब पूरे देश में राम नाम की लहर थी। लालकृष्ण आडवाणी की अगुवाई में बीजेपी ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए आंदोलन छेड़ रखा था।

गोसाईगंज से भाजपा विधायक इंद्र प्रताप तिवारी खब्बूः विकास प्राथमिकता

विधायक इंद्र प्रताप तिवारी खब्बू
गरीब तबके के वनराजा, नट, कंकाली, धर कार जैसे समाज के छोटे तबके के लोगों को चिन्हित कर जिन्हें सर्वाधिक जरूरतमंद समझा उनके लिए अपने बरईपारा स्थित आवास पर अन्नपूर्णा राहत पैकेज का निर्माण करा कर लोगों को बांटने का काम कराया है।

दीन दयाल उपाध्याय नगर से MLA साधना सिंहः समाज सेवा करती रहूंगी

विधायक साधना सिंह
दल - बदल की राजनीति पर विधायक ने बहुत शालीनता से जवाब देते हुए कहा, " अरे भईया, जब हम सत्ता से सालों दूर रहे तब दल बदलने का थोड़ा सा भी ख्याल नहीं आया तो अब क्या आएगा, इसी कमल के फूल में लिपटकर श्मशान घाट पहुंच जाएं यही हमारी हार्दिक इच्छा है क्योंकि बीजेपी हमारे लिए तो भगवान के समान है।"

महराजगंज सदर MLA जयमंगल कन्नौजियाः माँ ने कपड़े धोकर पाला

विधायक जयमंगल कन्नौजिया
विधायक जयमंगल कन्नौजिया का कहना है कि नेताओं का भी अपना परिवार होता है। हमारा भी व्यक्तिगत काम है। निजी जीवन है। परिवार के साथ होटल में भोजन की फोटो को गलत तरीके से वायरल करना निजता का उलंघन है। निजी जीवन में झांकना किसी के लिए ठीक नहीं है।

कश्मीर के खुराफाती नेता न मानें तो सख्त कारवाई हों

आर.के. सिन्हा
जम्मू-कश्मीर के नज़रबंद नेताओं ने रिहा होते ही फिर से अपनी पुरानी खुऱाफात चालू कर दी है। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्रियों फारूख अब्दुल्ला, महबूबा मुफ़्ती, उमर अब्दुल्ला और जम्मू-कश्मीर पीपुल्स कॉन्फ़्रेंस, माकपा तथा जम्मू-कश्मीर अवामी नेशनल कॉन्फ़्रेंस के नेताओं ने हाल ही में यह मांग कर दी

या देवी सर्व भूतेषुः प्रवासी माँ में जीवंत, कोरोना काल में महिलाओं का योगदान

योगेश मिश्र
देवताओं को भी लेनी पड़ी शक्ति से मदद, प. बंगाल में प्रवासी मां का दुर्गा के रूप में प्राकट्य, निराशा के घने अंधकार में प्रकाश की किरण दिखा मनोबल बढ़ाती है शक्ति, 2020 शक्ति के सम्मान का वर्ष, घरों में हमने देखा है। चुके नहीं हैं मौलिक गुण।

क्या तनिष्क विवाद के बाद भी दोहराई जाएगी ‘विवेक’ कथा ?

श्रवण गर्ग
तनिष्क के विज्ञापन की बात करें तो उसकी एक परिभाषा यही निकलती है कि बहू अगर मुस्लिम और सास हिंदू होती तो ‘गोद भराई’ देश की मुख्यधारा में शामिल मान ली जाती।

शादी की उम्र 25 साल की जाए

डॉ. वेदप्रताप वैदिक
भारत अब शादियों के मामले में क्रांतिकारी कदम उठानेवाला है। अभी तक भारतीय कानून के मुताबिक वर की आयु 21 वर्ष और वधू की आयु 18 वर्ष है। इससे कम आयु के विवाह अवैध माने जाते हैं।

बिहार चुनाव का फैसला किसके पक्ष में….

डॉ नीलम महेंद्र
सोशल इंजीनियरिंग, जात पात का गणित और वोटबैंक की राजनीति ने लोकतंत्र के केंद्र आम आदमी को इन राजनैतिक दलों के हाथों की कठपुतली बनाकर रख दिया है।

खत्म हो शिक्षा के नाम पर धर्म के प्रचार की छूट

आर.के. सिन्हा
क्या यह सच नहीं है कि भारत में कुछ खास धर्मों के मानने वाले शिक्षण संस्थानों में अपने-अपने धर्मों के प्रचार के लिए कोशिशें करते रहते हैं।