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सरकार अपना खजाना कब खोलेगी

डॉ. वेदप्रताप वैदिक
मुझे यह जानकर बड़ी खुशी हुई कि भारत सरकार अपने सर्वोच्च न्यायालय से कह रही है कि देश के गैर-सरकारी कल-कारखानों, दुकानों और घरों में काम करनेवाले लोगों को उनकी पूरी तनखा दिलवाए।

तिब्बत की स्वतंत्रता भारत के उत्तरी सीमांत की सुरक्षा के लिए जरुरी

डा समन्वय नंद
अमेरिक संसद में तिब्बत को एक स्वतंत्र देश की मान्यता प्रदान करने के लिए एक विधेयक पेश किया गया है । इसे लेकर भारत में भी कुछ लोग उत्साहित होते दिख रहे हैं ।

दंगा भड़काने पर जेल क्यों ना जाए कोई गर्भवती स्त्री

आर.के.सिन्हा
क्या सांप्रदायिक दंगे भड़काने जैसे गंभीर आरोपों को झेल रही महिला को जेल के पीछे भेजना अपराध है? क्या कोई गर्भवती महिला किसी की हत्या या अन्य अपराध करने के बाद सिर्फ इसी आधार पर जेल से बाहर रह सकती है कि उसके गर्भ में एक बच्चा पल रहा है?

संन्यासीः योगी ने तोड़े कई मिथ, बदलते गए परंपरागत छवि

Dr. Neelam Mahendra
योगी आदित्यनाथ अपने अब तक के कार्यकाल में बेहद मजबूती से यह संदेश देने में भी सफल हुए हैं कि सरकार चलाना और राजनीति करना दो अलग अलग बातें हैं और जब जनकल्याण की बात आती है तो वे भली भांति जानते हैं कि दोनों में से किसे चुनना है।

अंधेरी खंदकों में सत्ताओं के खुले आकाश की तलाश: श्रवण गर्ग

श्रवण गर्ग
अश्वेत नागरिक जॉर्ज फ़्लॉयड की गर्दन को जब गोरे पुलिस अफ़सर डेरिक चेविन ने अपने घुटने के नीचे दबा रखा था तब वह गिड़गिड़ा रहा था कि ‘मैं साँस नहीं ले पा रहा हूँ’( I can’t breathe)

घेराबंदी में फंसे ट्रम्पः क्या वर्तमान हालात से उबर कर चुनाव जीते सकते हैं

डॉo सत्यवान सौरभ,
अश्वेत नागरिक फ्लॉयड की मौत ने अमेरिकी जनता के गुस्से के लिये एक चिंगारी का काम किया तो वहीं राष्ट्रपति ट्रंप की भड़काऊ भाषा ने इन प्रदर्शनों को हिंसक रूप दे दिया। अमेरिकी इतिहास में वर्ष 1968 और वर्ष 2020 के बीच काफी समानताएँ हैं।