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माह-फाल्गुन, तिथि- चतुर्दशी, दिन-शनिवार, पक्ष-कृष्ण, नक्षत्र- श्रावण, सूर्योदय-06.08, सूर्यास्त-18.05। आज कैसा रहेगा शनिवार 12 राशियों के जातक के लिए...

पूरा देश में आज बम भोले और हर हर महादेव के जयकारों से गूँज रहा है। पूरे देश में महाशिवरात्रि का पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है।

जयपुर: बहुत से लोगों को बाएं कंधे से दाएं बाजू की ओर एक कच्चा धागा लपेटे देखा होगा। इस धागे को जनेऊ कहते हैं। जनेऊ तीन धागों वाला एक सूत्र होता है। जनेऊ को संस्कृत भाषा में ‘यज्ञोपवीत’ कहा जाता है। यह सूत से बना पवित्र धागा होता है, जिसे व्यक्ति बाएं कंधे के ऊपर …

भगवान शिव को भोला भंडारी भी कहते हैं। मान्यता है कि शिव जी को प्रसन्न करने के लिए  बहुत सारी चीजों की जरूरत नहीं होती, बल्कि सच्चे मन और भाव से दिया गया एक फूल भी भगवान आशुतोष को प्रसन्न कर सकता है।इस बार महाशिवरात्रि 21  फरवरी को मनाई जा रही है।

  माह – फाल्गुन तिथि –त्रयोदशी ,पक्ष – कृष्ण, वार –शुक्रवार, नक्षत्र –उ.षा/श्रावन, सूर्योदय – 06:05, सूर्यास्त –18.06। जानते हैं आज कैसा रहेगा महाशिवरात्रि वाला शुक्रवार का दिन 12 राशियों के जातक के लिए...

इसके दुष्प्रभाव इतने जबर्दस्त होते हैं कि व्यक्ति को जीते जी मृत्यु तुल्य कष्ट देते ही हैं और व्यक्ति के न रहने पर भी इसका प्रभाव पीछा नहीं छोड़ता अगले जन्म में भी ये ग्रह अपना बकाया कष्ट वसूल करने पहुंच जाता है। यानी केतु से पीडित व्यक्ति मरने के बाद भी इससे मुक्त नहीं हो सकता।

हर चंद्र मास का चौदहवाँ दिन अथवा अमावस्या से पूर्व का एक दिन शिवरात्रि के नाम से जाना जाता है। एक साल में में आने वाली सभी शिवरात्रियों में से, महाशिवरात्रि, को सर्वाधिक महत्वपूर्ण मानते है। क्यों कि इस शिवरात्रि को प्रकृति व पर्व का मिलन हुआ था। भगवान शिव योगी जीवन से गृहस्थ जीवन की ओर रुख किया था।

माह- फाल्गुन, तिथि-एकादशी, पक्ष-कृष्ण, दिन बृहस्पतिवार नक्षत्र- पू.षा./ उ.षा, सूर्योदय-06.56, सूर्यास्त-18.05।  12 राशियों के लिए बृहस्पतिवार का दिन कैसा रहेगा। जानते हैं राशिफल...

भगवान श्री कृष्ण ने अर्जुन को विजया एकादशी का महत्व बताते हुए कहा था हे अर्जुन इस व्रत के विधान को सुनने और पढ़ने मात्र से व्यक्ति के समस्त पापों का अंत हो जाता है। देवर्षि नारद ने जब ब्रह्माजी से विजया एकादशी व्रत के महात्मा के बारे में पूछा तो ब्रह्मा जी ने कहा मैंने आज तक विजया एकादशी के व्रत को करने की विधि किसी को नहीं बताई आज तुमने पूछा है तो मैं तुमको यह परम गोपनीय रहस्य बताता हूं।

महाशिवरात्रि पर्व पर अलग-अलग राशि के लोगों के लिए विशेष पूजन के प्रकार का प्रावधान है। भगवान शिव यूं तो मात्र जल और बिल्वपत्र से प्रसन्न हो जाते हैं लेकिन उनका पूजन अगर अपनी राशि के अनुसार किया जाए तो अतिशीघ्र फल की प्राप्ति होती है।