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आज पूरी दुनिया कोरोना महामारी से जूझ रही है एक तरफ इससे बचने के लिए लोगों को घरों में रहना पड़ रहा है तो दूसरी तरफ आर्थिक परेशानी बढ़ रही है। कई लोगों को नौकरी चली गई तो कुछ लोगों को अपना बिजनेस बंद करना पड़ा। इस समस्या के चलते कई लोग कर्ज में हैं।

भगवान की पूजा हर घर में की जाती है, लोग अपने घर में भगवान को एक खास जगह देते है और उसी जगह पर रोज़ाना उनकी पूजा पाठ की जाती है,एक तरह से माना जाये तो ये स्थान हमारे घर में एक मंदिर के रूप में रहता है।मंदिर चाहे छोटा हो या बड़ा, उसका वास्तु के अनुसार ही होना शुभ माना जाता है।

जयपुर माह-आषाढ, पक्ष-शुक्ल, तिथि-चतुर्दशी दिन-शनिवार, नक्षत्र- मूल, सूर्योदय- 5.30, सूर्यास्त-19.10। दिन शनिवार को जानिए 12 राशियों के राशिफल..

आने वाली 5 जुलाई को गुरु पूर्णिमा और चंद्रग्रहण लगने जा रहा हैं। इस चंद्रग्रहण का महत्व इसलिए और बढ़ जाता हैं क्योंकि इस दिन गुरु पूर्णिमा का पावन पर्व हैं। लेकिन यह चंद्रग्रहण उपछाया हैं

5 जुलाई को रविवार के दिन चंद्रग्रहण और गुरु पूर्णिमा एक साथ है। धार्मिक मान्यतानुसार, आषाढ़ मास की पूर्णिमा पर गुरु पूजा करने की परंपरा है। रविवार को पूर्णिमा होने से इस दिन सूर्यदेव की भी करनी चाहिए। साथ ही हनुमानजी की। कहते हैं कि हनुमानजी ने सूर्यदेव से वेदों का और शास्त्रों का ज्ञान पाया था

आषाढ़ माह पक्ष-शुक्ल,तिथि-त्रयोदशी, दिन शुक्रवार,नक्षत्र-ज्येष्ठा , सूर्योदय-05.25, सूर्यास्त-19.17। शुक्रवार के दिन 12 राशियों के लिए कैसा रहेगा जानिए...

ग्रहण एक खगोलीय घटना हैं जिसका प्राचीन महत्व भी बहुत हैं। माना जाता हैं कि राहु, सूर्य या चंद्रमा को ग्रसता है तब ग्रहण लगता है। ऐसे में जरा सोचिए की जो राहू सूर्य और चंद्रमा पर अपना असर दिखा सकता हैं वह इंसानों पर कितना प्रभावशाली होगी

लोगों के जीवन में जन्मदिन , समय , माह  व तारीख का बहुत महत्व होता है। हम किसी के उसके जन्म तारीख माह से उसके स्वभाव करियर को अच्छे से जान सकते हैं। इस माह में पैदा हुए लोग साधारणतया बहुत लोकप्रिय होते हैं और इनके आस-पास के लोग इनसे खुश रहते हैं। इन्हें नए दोस्त बनाना और घुमना-फिरना बहुत पसंद होता है।

आषाढ़ माह पक्ष-शुक्ल,तिथि-द्वादशी, दिन बृहस्पतिवार,नक्षत्र- अनुराधा, सूर्योदय-05.24, सूर्यास्त-19.17। बृहस्पतिवार के दिन 12 राशियों के लिए कैसा रहेगा जानिए...

इस बार सोमवार 6 जुलाई से सावन मास की शुरुआत हो रही है। भगवान शिव को सावन मास अतिप्रिय है। भगवान शंकर, देवों के देव और महादेव। भोलेनाथ एक ऐसे देवता है, जो अपने भक्त पर तुरंत ही प्रसन्न होते हैं और अपनी कृपा दृष्टि बनाए रखते है। रावण ने भी भगवान शंकर की अराधना की थी।