Health

कोई वैक्सीन कितनी असरदार है इसका एक आसान सा फार्मूला होता है। मान लीजिये कि कि किसी वैक्सीन के ट्रायल में 20 हजार लोग शामिल होते हैं। इनमें से दस हजार लोगों को वैक्सीन की खुराक और दूसरे दस हजार लोगों को सादी या ब्लैंक खुराक दी जायेगी।

आज की युवा पीढ़ी के बीच सिगरेट, गांजा, चरस, एलएसडी और नशीले पदार्थों का सेवन करना एक ट्रेंड सा बन गया है। वो बस अपने आपको इसमें डूबा हुआ ही पाना चाहते हैं।

कई देशों में कोरोना की वैक्सीन बनाने पर काम चल रहा है। फ़िलहाल सबसे आगे अमेरिका की दवा कंपनी फाइजर है जो एक जर्मन कम्पनी ‘बियोनटेक’ के साथ मिल कर वैक्सीन बना रही है। फाइजर ने यूएसएफडीए को वैक्सीन के इमरजेंसी अप्रूवल के लिए अर्जी लगा दी है।

आंवला जितना बालों के लिए फायदेमंद होता हैं ,उतना ही आपकी बॉडी को बीमारियों से लड़ने में मदद करता है। इसमें सेहत से संबंधित सभी ज़रूरी गुणकारी मिनरल और विटामिन मौजूद हैं।

एक स्वास्थ्य शोध में यह बात साफ़ तौर पर निकल कर सामने आई थी कि गर्म चाय और सिगरेट एक साथ पीने से 'एसोफैगल कैंसर' होने की संभावना पांच गुना ज्यादा बढ़ जाती है।

सीरम इंस्टीट्यूट के सीईओ अदर पूनावाला ने कहा है कि सब कुछ इसपर निर्भर करता है कि ट्रायल के अंतिम परिणाम क्या रहते हैं और नियामक संस्था क्या निर्णय लेती है। वैसे अभी तक वैक्सीन के नतीजे अच्छे रहे हैं।

छठ पूजा का महापर्व आज से नहाए खाए से शुरू हो चूका है। छठ पूजा में कुछ ख़ास प्रसाद चढ़ाए जाते हैं। जिसके बिना छठ की पूजा पूरी नहीं होती।

एक तो कोरोना वायरस का कहर ऊपर से ठंड का मौसम। लोगों में खासी जुखाम बढ़ने का डर सता रहा हैं। लेकिन जिन्हें इस ठंड से ज्यादा नुक्सार हैं वो निमोनिया के मरीज़ हैं। निमोनिया में फेंफड़े संक्रमित हो जाते हैं।

सर्दियों के मौसम में सबसे ज्यादा लोग मूली के पराठे खाना पसंद करते हैं। लेकिन आपको बता दें, कि जितनी ज्यादा ख़ुशी आपको मूली खाने के बाद मिलती है, उससे ज्यादा आपके पेट के आंतों में रहनेवाले गुड बैक्टीरिया को मिलती है।

स्वास्थ्य सेवा पिछले कुछ दशकों में तकनीकी रूप से बदल गई है और इनमें सबसे महत्वपूर्ण बदलाव टेलीहेल्थ का विकास रहा है - यह उच्च गुणवत्ता कि स्वास्थ्य सेवा को दूर दराज के क्षेत्रों तक पहुंचाने की एक तकनीक है। जिसमे सलाह देने वाले सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टर की शारीरिक मौजूदगी की आवश्यकता नहीं होती।