Aaj Ka Panchang 8 Apri 2026: आज की तिथि, वार, नक्षत्र जानने के लिए देखे आज का पंचांग क्या है?
Aaj Ka Panchang 8 Apri 2026: आज के पंचांग में तिथि, नक्षत्र, योग और राहुकाल,देखे आज का पंचांगआज का पञ्चाङ्ग 8 अप्रैल 2026: , आज के पंचांग में तिथि, नक्षत्र, योग और राहुकाल के साथ दिन के खास मुहूर्त की जानकारी पढ़ें।
8 April 2026 Ka Panchang in Hindi: ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का बहुत महत्व है । पंचांग ज्योतिष के पांच अंगों का मेल है। जिसमें तिथि,वार, करण,योग और नक्षत्र का जिक्र होता है। इसकी मदद से हम दिन के हर बेला के शुभ और अशुभ समय का पता लगाते हैं। उसके आधार पर अपने खास कर्मों को इंगित करते हैं।
आज 8अप्रैल 2026, बुधवार को वैशाख मास के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि है। बुधवार को राहु 12:28 PM से 02:01 PM तक है, धनु राशि पर संचार करेगा, देखिए आज का पंचांग...
आज 8अप्रैल का पंचांग
हिन्दू मास एवं वर्ष
विक्रम संवत - 2083, सिद्धार्थि
शक सम्वत - 1948, पराभव
पूर्णिमांत - चैत्र
अमांत - चैत्र
आज की तिथि
तिथि: कृष्ण पक्ष षष्ठी तिथि 07:01 PM तक उपरांत सप्तमी
वार: बुधवार
नक्षत्र: मूल
योग: वरीयान योग 05:10 PM तक, उसके बाद परिघ योग
करण: वणिज 07:02 PM तक, बाद विष्टि
सूर्य राशि: मीन
चंद्र राशि: धनु
ऋतु: वसंत
अयन: उत्तरायण
दिशाशूल: उत्तर
चंद्र निवास: उत्तर
त्यौहार और व्रत
बुधवार
सूर्य और चंद्रमा का समय
सूर्योदय- 05:44
सूर्यास्त-18:19
मध्याह्न-12:02
चंद्रास्त-09:36
शुभ- अशुभ काल
ब्रह्म मुहूर्त-04:13 — 04:59
प्रातः सन्ध्या-04:36 — 05:44
अभिजित मुहूर्त-11:37 — 12:27
अमृत काल-विशेष-07:19 — 08:53
विजय मुहूर्त-14:08 — 14:58
गोधूलि मुहूर्त-18:17 — 18:42
सायाह्न सन्ध्या-18:19 — 19:28
निशिता मुहूर्त-23:39 — 00:25
अशुभ काल
राहु काल-12:02 — 13:36
यमगंड काल-07:19 — 08:53
गुलिक काल-10:27 — 12:02
प्रथम दुर्मुहूर्त-11:37 — 12:27
आनन्दादि योग
ध्वजा (केतु)
गण्डमूल नक्षत्र
Apr 08 05:53 AM – Apr 9 08:48 AM
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
लाभ 06:16 AM 07:49 AM
अमृत 07:49 AM 09:22 AM
काल (काल वेला) 09:22 AM 10:55 AM
शुभ 10:55 AM 12:28 PM
रोग (वार वेला) 12:28 PM 14:01 PM
उद्बेग 14:01 PM 15:34 PM
चर 15:34 PM 17:07 PM
लाभ 17:07 PM 18:41 PM
रात का चौघड़िया
उद्बेग 18:41 PM 20:07 PM
शुभ 20:07 PM 21:34 PM
अमृत 21:34 PM 23:01 PM
चर 23:01 PM 00:28 AM
रोग 00:28 AM 01:55 AM
काल 01:55 AM 03:21 AM
लाभ (काल रात्रि) 03:21 AM 04:48 AM
उद्बेग 04:48 AM 06:15 AM
ध्यान दें
सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
भगवान विष्णु और अपने इष्ट देव का ध्यान करें।
इस दिन दान-पुण्य और जरूरतमंदों की सहायता करना शुभ माना जाता है।
मंदिर जाकर पूजा-अर्चना करें और दीप जलाएं।
दिनभर सात्विक आहार और सकारात्मक सोच बनाए रखें।
पंचांग क्या होता है?
पंचांग ज्योतिष के पांच अंगों का मेल है। जिसमें तिथि,वार, करण,योग और नक्षत्र का जिक्र होता है। हर दिन की तिथि का निर्धारण सूर्य और चंद्मा में भेद के आधार पर होता है और पंचांग के आधार पर हर दिन के शुभ-अशुभ समय का निर्धारण करते हैं। इसके आधार पर अपने काम को आसान बनाते हैँ। आज का पंचांग में तिथि, पक्ष, माह, नक्षत्र भी देखना जरुरी होता है। क्योंकि हर एक शुभ कार्य के लिए अलग अलग नक्षत्र होता है। सूर्योदय से दूसरे दिन सूर्योंदय के कुछ पहर पहले तक ही एक तिथि मानी जाती। चंद्रमा का स्थान जिस दिन चंद्रमा जिस स्थान पर होता है। उस दिन वही नक्षत्र और राशि मानी जाती है। चंद्रमा एक राशि में ढ़ाई दिन तक रहते हैं।
तिथि वारं च नक्षत्रं योगं करणमेव च।
पंचांगस्य फलं श्रुत्वा गंगा स्नानं फलं लभेत् ।।
आदिकाल में ही इस श्लोक के माध्यम से पंचांग को परिभाषित किया है।
- तिथि- पंचांग का पहला अंग तिथि है। जो 16 है। इनमें पूर्णिमा और अमावस्या दो प्रमुख तिथियां है। जो दो पक्षों का निर्धारण करते हैं। कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष। पूर्णिमा और अमावस्या दोनों तिथि माह में एक बार आती है।
- नक्षत्र- नक्षत्र 27 होते हैं। लेकिन एक मुहूर्त अभिजीत नक्षत्र है जो शादी विवाह के समय देखा जाता है। इसे मिला कर 28 नक्षत्र भी कहे जाते है।
- योग- 27 होते है। मनुष्य के जीवन में योग का बहुत महत्व है।
- करण- 11 होते हैं। 4 स्थिर व 7 परिवर्तनशील है।
- वार- सप्ताह में 7 दिन होते हैं। जो रविवार से शुरू, सोमवार, बुधवार, बृहस्पतिवार, शुक्रवार, और शनिवार पर खत्म होते हैं।