दुनिया का ये कैसा दुर्गा मन्दिर? नहीं हैं मां की कोई मूर्ति... पूजा जाता है देवी का बस ये एक अंग
Adhar Devi Mandir: एक ऐसा मंदिर जहां मां दुर्गा की पूरी मूर्ति नहीं है, बल्कि माता सती के होंठों की पूजा की जाती है।
Adhar Devi Temple
Adhar Devi Mandir: दुनिया में ऐसे कई मंदिर हैं जिनकी अपनी-अपनी धार्मिक मान्यताएँ और विशेषताएँ हैं। लेकिन राजस्थान के माउंट आबू में स्थित अधर देवी मंदिर अपने आप में अनोखा है। यह मंदिर इसलिए खास है क्योंकि यहां मां दुर्गा की पूरी मूर्ति नहीं है, बल्कि माता सती के होंठों की पूजा की जाती है। यही कारण है कि इस मंदिर को अधर देवी मंदिर कहा जाता है।
अधर देवी मंदिर का महत्व
धर्मशास्त्रों और पुराणों के अनुसार, जब माता सती ने अपने पिता दक्ष के यज्ञ कुंड में आत्माहुति दी थी, तब भगवान शिव ने शोक और क्रोध में उनका पार्थिव शरीर उठाकर तांडव करना शुरू कर दिया था। उस समय ब्रह्मांड को बचाने के लिए भगवान विष्णु ने अपने सुदर्शन चक्र से माता सती के शरीर को खंडित कर दिया। उनके अंग 51 स्थानों पर गिरे और वे स्थान शक्तिपीठ कहलाए। माउंट आबू का अधर देवी मंदिर इन्हीं 51 शक्तिपीठों में से 15वां शक्तिपीठ माना जाता है। मान्यता है कि यहीं माता सती के होंठ गिरे थे, इसी कारण इस मंदिर को अधर देवी नाम मिला।
धार्मिक मान्यता
स्कंद पुराण में उल्लेख है कि इस मंदिर में माता सती के छठे स्वरूप मां कात्यायनी का गुप्त रूप से पूजन होता है। यहां साल भर अखंड ज्योति जलती रहती है, जो मंदिर की दिव्यता और महत्ता को और भी बढ़ा देती है। विशेष रूप से नवरात्रि के समय इस मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है। श्रद्धालु मानते हैं कि इन दिनों अधर देवी के दर्शन मात्र से उनके सभी कष्ट दूर हो जाते हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है।
मंदिर की विशेषता
अधर देवी मंदिर की सबसे खास बात यह है कि यह एक गुफा के भीतर स्थित है। भक्तों को मंदिर तक पहुंचने के लिए लगभग 365 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं। मान्यता है कि इसी गुफा में माता ने अपने भक्तों को गुप्त रूप से दर्शन दिए थे। यही कारण है कि यहां आकर श्रद्धालु एक अलग आध्यात्मिक अनुभव महसूस करते हैं।
नवरात्रि में महत्व
नवरात्रि के पावन दिनों में अधर देवी मंदिर का माहौल भक्ति और आस्था से सराबोर हो जाता है। दूर-दराज से हजारों श्रद्धालु यहां पहुंचकर माता रानी के दर्शन करते हैं। इस समय मंदिर में विशेष पूजन और आयोजन किए जाते हैं।
ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर
अधर देवी मंदिर न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह राजस्थान की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर का भी प्रतीक है। माउंट आबू की प्राकृतिक सुंदरता के बीच स्थित यह मंदिर श्रद्धा और पर्यटन, दोनों ही दृष्टियों से अत्यंत आकर्षक है।
अधर देवी मंदिर एक ऐसा अद्वितीय शक्तिपीठ है, जहां माता सती के होंठों की पूजा की जाती है। यह मंदिर श्रद्धा, विश्वास और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत केंद्र है। यहां पहुंचकर हर भक्त को यह अनुभव होता है कि आस्था केवल मूर्तियों तक सीमित नहीं है, बल्कि श्रद्धा के प्रत्येक रूप में देवी का वास होता है।