कार्तिक महीना Kartik Mahina in Hindi: क्यों है शुभ,जानिए नियम जो बढ़ाते है सुख-समृद्धि और सौभाग्य
Kartik Mahina in Hindi:7 अक्टूबर 2025 से शुरू हो रहा है पवित्र कार्तिक महीना। जानिए कार्तिक मास में क्या करें और किन बातों से बचें, साथ ही तुलसी पूजा, स्नान, दान और दीपदान का महत्व।
Kartik Month 2025: 7 अक्टूबर से कार्तिक माह की शुरुआत होने जा रही है। हिंदू धर्म में कार्तिक माह को सर्वश्रेष्ठ महीना माना जाता है। बता दे श्रीहरि विष्णु के प्रिय माह कार्तिक में की गई पूजा-पाठ, अनुष्ठान, स्नान, दान से न सिर्फ पापों का नाश होता है बल्कि सुख-सौभाग्य और धन में भी बढ़ोतरी होती है।साथ ही आरोग्य का वरदान मिलता है।
स्कंद पुराण में कार्तिक माह की महिमा का वर्णन किया गया है-
'न कार्तिकसमो मासो न कृतेन समं युगं,
न वेदं सदृशं शास्त्रं न तीर्थं गंगया समं' जिसका अर्थ है : कार्तिक के समान कोई महीना नहीं है, न सतयुग के समान कोई युग, वेद के समान कोई शास्त्र नहीं है और गंगा के समान कोई तीर्थ नहीं।कार्तिक मास में सुबह सुबह स्नान और सूर्योदय से पहले दीपदान का महत्व है। इस माह में पवित्र नदियों में ब्रह्ममुहूर्त में स्नान का बहुत अधिक महत्व होता हैं। इसी मास से चातुर्मास का समापन होता है। कार्तिक मास 8 अक्टूबर से शुरू हो रहा है और 5 नवंबर को खत्म हो रहा है।
हालांकि कार्तिक माह में कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है। जानते हैं कार्तिक माह में क्या करें और क्या ना करें:
कार्तिक माह के नियम
नदी में स्नान करना- कार्तिक के पूरे माह ब्रह्म मुहूर्त में पवित्र नदी में स्नान करने की मान्यता है। कहते हैं कि कार्तिक महीने में श्रीहरि जल में निवास करते हैं। इसलिए नदी में स्नान न कर सकें तो घर में ही नहाने के पानी में पवित्र नदियों का जल मिलाकर स्नान करना भी शुभ माना जाता है।
तुलसी पौध के सामने दिया जलाना- कार्तिक महीना भगवान विष्णु को बहुत प्रिय होता है। पूरे महीने संध्या काल में तुलसी में घी का दीपक लगाकर पूजा करने से सौभाग्य में बढ़ोत्तरी होती है।
भगवान शालिग्राम की पूजा- कार्तिक मास में भगवान विष्णु के स्वरूप माने गए भगवान शालीग्राम की पूजा करनी चाहिए। साथ ही प्रतिदिन गीता का पाठ करें। कहते हैं कि इससे मां लक्ष्मी बेहद प्रसन्न होती हैं और साधक को धन प्राप्त होता है। साथ ही इससे अक्षय पुण्य प्राप्त होगा और पाप कर्मों से मुक्ति मिलेगी।
दान करना- इस माह नि:स्वार्थ भावना से किया दान कभी खाली नहीं जाता है, लेकिन अगर कार्तिक माह में किसी गरीब या असहाय को अन्न, धन, कंबल का दान करना उत्तम माना जाता है।
दीपदान- कार्तिक महीने में दीपदान का विशेष महत्व है। इसलिए मंदिर, नदी, तीर्थ स्थान या घर में दीप जलाएं। ऐसा कहते हैं इससे उज्जवल भविष्य की कामना पूर्ण होती है।
कार्तिक माह में इन कामों से दूरी बना कर चलें
कार्तिक महीना में ब्रह्मचर्य का पालन करें, साथ ही अपनी इंद्रियों पर संयम रखना बेहद जरूरी है।
कार्तिक चातुर्मास का आखिरी और चौथा महीना होता है, इसलिए इस दौरान पलंग का त्याग कर जमीन पर सोना चाहिए। कहते हैं इससे मन में सात्विकता का भाव पैदा होते हैं और गलत विचार नहीं आते हैं।
कार्तिक माह में तामसिक भोजन गलती से भी न खाएं। प्याज, लहसून और मांसाहर का सेवन नहीं करें। ऐसा कहते हैं इससे मां लक्ष्मी रूठ जाती हैं और ऐसे घर में देवी लक्ष्मी का वास नहीं होता।
कार्तिक माह में शराब का भी सेवन करने से बचें। शराब का सेवन अच्छा नहीं माना जाता है। कार्तिक मास आत्मिक शुद्धि, दया, दान और भक्ति का महीना है।जो व्यक्ति इस माह में नियमपूर्वक पूजा-पाठ, स्नान, दान, व्रत और साधना करता है, उसे अक्षय पुण्य, दीर्घायु, और धन-समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है। कहा गया है कि इस महीने की भक्ति करने से अनेक जन्मों के पाप नष्ट हो जाते हैं और जीवन में शुभता का उदय होता है।
नोट: यह लेख सामान्य धार्मिक और सांस्कृतिक जानकारी के उद्देश्य से बनाया गया है। इसमें दी गई मान्यताओं और परंपराओं की newstrack.com पुष्टि नहीं करती। पाठक इसे आस्था और श्रद्धा के भाव से पढ़ें।