Masik Shivratri April 2026: मासिक शिवरात्रि अप्रैल में कब है, जानिए तारीख मुहूर्त और महत्व

Masik Shivratri April 2026 : कब है अप्रैल में वैशाख की शिवरात्रि। हर माह में कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मासिक शिवरात्रि मनाई जाती है। मासिक शिवरात्रि पर भगवान शंकर की पूजा- अर्चना करने से सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं।

Update:2026-04-07 10:54 IST

Masik Shivratri 2026 : मासिक शिवरात्रि शिव जी की प्रिय तिथि है।  इस दिन पूजा और व्रत करने से शिव जी प्रसन्न होते हैं और अपने भक्तों के सभी कष्टों को दूर करते हैं। समस्याओं से मुक्ति पाने के लिए शिवरात्रि के दिन शिवलिंग का रुद्राभिषेक करना बहुत शुभ फलदायी माना जाता है।जो हर महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाया जाता है।

12 शिवरात्रि में  वैशाख माह की मासिक शिवरात्रि का अपना महत्व है। यह दिन भगवान शिव की उपासना, व्रत और ध्यान के लिए है। मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से पूजा करने और रात्रि जागरण करने से पापों से मुक्ति मिलती है और जीवन में सुख-समृद्धि आता है। इस साल वैशाख की शिवरात्रि का व्रत 15 अप्रैल को है। इस दिन ब्रह्म और इन्द्र योग भी बन रहा है। जानते हैं कब है मासिक शिवरात्रि…

कब है वैशाख मासिक शिवरात्रि


पंचांग के अनुसार, वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि की शुरुआत 15 अप्रैल 2026 को रात 10 .32 मिनट पर होगा।
 चतुर्दशी तिथि का समापन 16 अप्रैल को रात 8 . 12 मिनट पर होगा।
निशिता काल के अनुसार, वैशाख माह में मासिक शिवरात्रि का व्रत 15 अप्रैल 2026 को रखा जाएगा।

वैशाख मासिक शिवरात्रि शुभ मुहूर्त

इस दिन गोधूलि मुहूर्त सुबह 6 . 55 मिनट से 7 . 18 मिनट तक।
वहीं अमृत काल सुबह 7. 37 मिनट से रात 9 . 10 मिनट तक।
वहीं निशिता मुहूर्त रात 12. 15 मिनट से देर रात 1 . 1 मिनट तक रहेगा।
 मासिक शिवरात्रि की पूजा के लिए निशिता मुहूर्त मंगलकारी माना जाता है।

मासिक शिवरात्रि पूजा विधि

मासिक शिवरात्रि के दिन प्रातः जल्दी उठकर स्नानादि करें।यदि घर शिवलिंग है तो दूध, और गंगाजल आदि से अभिषेक करें। शिवरात्रि पूजा आधी रात को होती है, इसे निशिता काल भी कहा जाता है। पूजा शुरू करने से पहले स्नान कर लें और साफ कपड़े पहन लें। इसके बाद गंगाजल, दूध, घी, शहद, दही, सिन्दूर, चीनी, गुलाब जल आदि चढ़ाकर शिवलिंग का अभिषेक करें।
अभिषेक करते समय शिव मंत्र का जाप करें। चंदन लगाएं और धतूरा, बेलपत्र और धूप जलाएं। दीपक जलाएं और आहुति दें। इसके बाद रुद्राक्ष की माला से शिव चालीसा, शिव पुराण और शिव मंत्र का जाप करें। शिव आरती करें और भगवान से अपनी गलती के लिए माफी मांगें।

वैशाख मासिक शिवरात्रि महत्व

वैशाख मासिक शिवरात्रि का व्रत भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने के लिए  है। मान्यता है कि इस दिन यदि भक्त भक्ति और समर्पण के साथ भगवान शिव की पूजा करते हैं। वे अपने परिवार की खुशहाली के लिए भी व्रत रखते हैं। मासिक शिवरात्रि वह दिन है जब लोग विभिन्न प्रकार के धार्मिक कार्य करते हैं। इसके अलावा लोग शिव मंदिर में जाकर रुद्राभिषेक और जलाभिषेक करते हैं। ऐसा माना जाता है कि जिन लोगों की जन्म कुंडली में चंद्रमा से संबंधित समस्याएं हैं उन्हें सभी समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए यह व्रत अवश्य करना चाहिए।


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