Rahukaal Time Raksha Bandhan :रक्षा बंधन पर भद्रा नही, राहुकाल का साया, इस समय राखी बांधने से बचें, मिलेगा अशुभ फल
Rahukaal Raksha Bandhan:इस बार रक्षा बंधन भद्रा मुक्त है, लेकिन राहुकाल का असर रहेगा, तो जानिए कब से कब तक राखी नहीं बांधना होगा,
Rahukaal Raksha Bandhan : इस बार रक्षा बंधन 9 अगस्त को मनाया जाएगा। जो सावन का अंतिम दिन है। इस दिन बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनकी लंबी उम्र की कामना करती हैं,इस बार रक्षा बंधन भद्रा के साये से मुक्त है, लेकिन राहु का असर यानि राहुकाल का साया रहेगा। इसलिए जानते है कब से कब तक रहेगा राहुकाल और क्यों नहीं बांधेंगे राखी....
राखी बांधने के शुभ मुहूर्त और राहुकाल
रक्षाबंधन 9 अगस्त, शनिवार को होगा, शनिवार को राखी बांधने का सबसे श्रेष्ठ मुहूर्त सुबह 05 . 47 मिनिट से शुरू होगा। दोपहर 01 बजकर 24 मिनिट तक रहेगा।इस बार राखी बांधने के लिए आपको पूरे 07 घण्टे 37 मिनट का समय मिलेगा।
अगर किसी वजह से इस समय में राखी नहीं बांध पाएं तो इसके बाद का शुभ मुहूर्त दोपहर 03 . 46 मिनिट से शाम 05.23 मिनिट तक रहेगा। इस दिन 9.07 सुबह से 10.47 सुबह राहुकाल रहेगा, इस दिन 01 घंटे 40 मिनट की इस अवधि में अपने भाईयों को राखी बांधने से बचना चाहिए।उस समय भी राखी न बांधे तो अच्छा रहेगा।विद्वानों के अनुसार रात में रक्षा बंधन करना शुभ नहीं होता लेकिन यदि दिन भर रक्षा बंधन का कोई शुभ मुहूर्त न हो और सिर्फ रात में ही हो तो इस स्थिति में रात में राखी बांध सकते हैं। राखी हमेशा दाएं हाथ में बांधना चाहिए क्योंकि दायां हाथ से ही हम सभी शुभ कार्य करते हैं।
सनातन परंपरा में किसी भी मांगलिक कार्य को करते समय शुभ और अशुभ समय पर विचार करने की परंपरा है, यही कारण है कि हर साल राखी बांधने के शुभ समय देखा जाता है और भद्रा और राहुकाल का ख्याल रखते है। इस दिन राखी पर राहुकाल का खतरा है, ऐसे में बहनों को किसी भी अमंगल से बचने के लिए इस समया राखी नहीं बांधनी चाहिए।
राहु काल क्या है?
राहु को ज्योतिष में छाया ग्रह माना गया है और जिसके प्रभाव में आने वाली समयावधि में शुभ काम वर्जित है, उस दौरान रक्षाबंधन का पर्व भी मनाने से बचना चाहिए। मान्यता है कि राहुकाल के दौरान किसी भी शुभ कार्य को करने पर उसमें बाधा या अहित होने की आशंका बनी रहती है। यही कारण है कि इसमें देवी-देवताओं की पूजा, यज्ञ आदि देव कार्य भी नहीं किये जाते हैं। हर दिन डेढ़ घंटे तक लगने वाला राहुकाल का समय प्रत्येक दिन सूर्योदय के समयानुसार तय होता है। खास बात ये भी कि सप्ताह के प्रत्येक दिन में इसका समय अलग-अलग होता है.