Shani Jayanti Ke Upay :शनि जयंती का महासंयोग, इन उपायों से देगा शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या से राहत

Shani Jayanti Ke Upay : सालों बाद बना दुर्लभ संयोग, शनि दोष से राहत दिला सकते हैं ये उपाय,16 मई 2026 को शनि जयंती, शनि अमावस्या और वट सावित्री व्रत का दुर्लभ संयोग बन रहा है। जानिए शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या और शनिदेव को प्रसन्न करने के खास उपाय।

Update:2026-05-13 08:30 IST

Shani Jayanti Ke Upay : 16 मई शनिवार के दिन शनि जयंती के साथ वट सावित्री व्रत और शनि अमावस्या भी मनाया जा रहा है। जिस कारण इस बार शनि जयंती पर बेहद खास संयोग बन रहा है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार है कि कई साल बाद ऐसा शुभ संयोग बन रहा है। साथ ही इस दिन सर्वार्थ सिद्धि का विशेष योग भी बन रहा है। बता दें इसमें शनि जयंती का दिन व्यक्ति के शनि दोष से मुक्ति पाने के लिए बेहद खास माना जाता है।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शनिदेव को न्याय देवता और कर्मफलदाता भी माना गया है। धार्मिक पुराणों के अनुसार शनिदेव जातकों को उनके कर्मों के हिसाब से फल प्रदान करते हैं। यानी अच्छे कर्म करने वाले जातकों को शुभ और बुरे कर्म करने वाले जातकों को दंडित करने का भी कार्य शनिदेव ही करते हैं। पौराणिक मान्यता है कि शनिदेव की कृपा दृष्टि जिस जातक पर पड़ जाती है उसे जीवन में किसी भी चीज का अभाव नहीं होता है। लेकिन वहीँ जब शनिदेव की टेढ़ी नजर व्यक्ति का सर्वनाश करने से भी चुकती है। इसलिए लोग शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए तरह-तरह के उपाय करते रहते हैं।

गौरतलब है कि हिंदू पंचांग के अनुसार, प्रत्येक साल ज्येष्ठ मास की अमावस्या को शनि जयंती मनाई जाती है। इस वर्ष 16मई 2026 शनिवार को शनि जयंती मनाई जा रही है। ख़ास बात यह है कि इस शुभ दिन जिन जातकों पर शनि ढैय्या व शनि की साढ़ेसाती चल रही हो उन्हें शनिदेव को प्रसन्न करने के उपाय सच्चे मन से अवश्य करना चाहिए। मान्यताओं के अनुसार शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए शनि जयंती का दिन अति उत्तम माना गया है।

जानिए किन राशियों पर चल रही शनि की साढ़ेसाती व ढैय्या

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, शनि की साढ़ेसाती कुंभ, मीन और मेष राशि पर, जबकि शनि की ढैय्या सिंह और धनु राशि पर चल रही है। इन राशियों को इस दौरान विशेष सावधानी और धैर्य रखने की सलाह दी जाती है।बता दें कि शनि मीन राशि में गोचर कर रहे हैं।  शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए कुछ ख़ास उपाय अपनाकर कई गुना फल प्राप्त कर सकते हैं।

शनि जयंती के दिन करने वाले खास उपाय


शनि जयंती के दिन शनिदेव की पूजा करते समय 'ॐ शं शनैश्चराय नम:' मंत्र का जाप व शनि चालीसा का पाठ अवश्य करना चाहिए।

इस दिन छाया दान करना अति लाभकारी माना गया है। शनि जयंती के दिन कांसे के कटोरे में सरसों का तेल लेकर उसमें अपना चेहरा देखें। उसके बाद कटोरे सहित इसे किसी गरीब या जरूरतमंद को दान कर दें। या फिर शनि मंदिर में रख दें।

शनि जयंती के दिन किसी शनि मंदिर में जाकर अवश्य पूजा कर शनिदेव को सरसों का तेल, काला तिल व काला उड़द अर्पित करें।

शनि जयंती के दिन किसी गरीब या जरूरतमंद को अपनी सामर्थ्य अनुसार मदद या दान जरूर करें।

बता दें कि शनि जयंती के दिन पैसे, काले कपड़े, तेल, भोजन, तिल और उड़द आदि का दान करना अति शुभ माना जाता है।

हनुमान जी की पूजा: शनिवार को हनुमान जी की पूजा करने और हनुमान चालीसा का पाठ करने से शनि के कष्ट दूर होते हैं।
दान: जरूरतमंदों को काले कपड़े, उड़द दाल, जूते-चप्पल और सरसों के तेल का दान करें।
मंत्र जाप: नियमित रूप से शनिदेव के बीज मंत्र 'ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः' का जाप करें।आचरण: सात्विक जीवन जिएं, बड़ों का सम्मान करें और कार्यस्थल पर ईमानदारी बरतें।



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