Shardiya Navratri Upay शारदीय नवरात्रि पर करें, इन उपायों से बनी रहेगी घर में खुशियां

Shardiya Navratri Upay: नवरात्रि की अष्टमी और नवमी तिथि पर मां दुर्गा को प्रसन्न करने के खास उपाय जानें। धन, संतान, विवाह, प्रमोशन और कर्ज मुक्ति के लिए करें ये सरल उपाय और पाएं मां आदिशक्ति का आशीर्वाद।

Update:2025-09-19 11:23 IST

Sharadiya NavratriUpay: नवरात्रि की अष्टमी-नवमी पर करें ये महा उपाय:शारदीय नवरात्रि का हर दिन देवी मां की भक्ति और आराधना के लिए विशेष माना जाता है। लेकिन इनमें से अष्टमी और नवमी तिथि का महत्व सबसे अधिक होता है। इन दिनों मां दुर्गा के महागौरी और सिद्धिदात्री स्वरूप की पूजा होती है। घर-घर में हवन, कन्या पूजन और मां की विदाई का होता है। नवरात्रि का समापन दशहरे के साथ होता है, जब असत्य पर सत्य की जीत के प्रतीक स्वरूप रावण दहन किया जाता है।

नवरात्रि के नौ दिनों में अधिकतर  उपवास और पूजा करते हैं, लेकिन यदि किसी कारणवश आप पूरे नौ दिन व्रत नहीं रख पाए हों, तो अष्टमी और नवमी तिथि पर कुछ विशेष उपाय करके भी मां दुर्गा की असीम कृपा पा सकते हैं। मान्यता है कि इन दिनों किए गए छोटे-छोटे उपाय भी शीघ्र फल देते हैं और जीवन की बाधाओं को दूर कर देते हैं।

अगर आपकी भी इच्छा है कि इस नवरात्रि मां की कृपा से जीवन में सुख-समृद्धि, संतान सुख, विवाह, प्रमोशन या रुके हुए कार्य पूरे हों, तो अष्टमी और नवमी को ये सरल उपाय अवश्य करें।

नवरात्रि अष्टमी-नवमी के महा उपाय

मुख्य द्वार पर स्वास्तिक और तोरण-अष्टमी या नवमी के दिन घर के मुख्य द्वार पर स्वास्तिक का चिन्ह बनाएं और दरवाजे पर आम्र-पल्लव या अशोक पत्तियों का तोरण लगाएं। यदि नवरात्रि के पहले दिन यह कार्य नहीं कर पाए, तो इन दिनों करना भी उतना ही शुभ होता है। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा प्रवेश करती है और मां दुर्गा की कृपा बनी रहती है।

 हनुमान मंदिर में पान अर्पण-यदि कोई विशेष मनोकामना आपके मन में है, तो अष्टमी या नवमी को हनुमान मंदिर में जाकर पान का पत्ता अर्पित करें। मान्यता है कि यह उपाय शीघ्र फल देता है और मां दुर्गा के साथ-साथ बजरंगबली की भी कृपा प्राप्त होती है।

अखंड ज्योत या विशेष दीपक-यदि आप पूरे नवरात्रि अखंड ज्योत नहीं जला पाए हों, तो अष्टमी या नवमी के दिन संकल्प लेकर देवी मां के सामने 24 घंटे का घी का दीपक जलाएं। इस दीपक में 4 लौंग डाल दें। यह उपाय रोगों से मुक्ति और मनोकामना सिद्धि के लिए विशेष प्रभावकारी माना गया है।

विवाह और संतान सुख के लिए उपाय-जिन्हें विवाह या संतान सुख की प्राप्ति में विलंब हो रहा है, वे अष्टमी या नवमी को सूखे मेवे लाल चुनरी में बांधकर मां दुर्गा को भोग लगाएं। बाद में इसे प्रसाद के रूप में ग्रहण करें। माना जाता है कि इससे दांपत्य जीवन में सुख-समृद्धि आती है और संतान प्राप्ति की संभावना बढ़ती है।

 ऐश्वर्य प्राप्ति के लिए भोग-यदि जीवन में सुख और ऐश्वर्य चाहिए, तो देवी मां को इलायची और मिश्री का भोग लगाएं। इसके साथ संध्याकाल में लाल आसन पर बैठकर विष्णु सहस्रनाम और ललिता सहस्रनाम का पाठ करें। यह उपाय लक्ष्मी कृपा और घर में धन वृद्धि के लिए अत्यंत लाभकारी है।

 कन्या पूजन का महत्व-नवरात्रि में विशेषकर अष्टमी और नवमी को नौ कन्याओं का पूजन और भोजन कराना अत्यंत शुभ होता है। उन्हें दक्षिणा और उपहार देकर विदा करें। मान्यता है कि यह उपाय घर से हर संकट को दूर कर देता है और परिवार में सुख-शांति व समृद्धि का वास होता है।

सोना-चांदी की शुभ वस्तुएं-इन तिथियों पर सोने या चांदी की कोई भी शुभ सामग्री जैसे स्वास्तिक, ॐ, श्री, कलश, दीपक, शंख, श्रीयंत्र या त्रिशूल खरीदकर देवी मां के चरणों में अर्पित करें। नवरात्रि पूर्ण होने के बाद इस सामग्री को गुलाबी कपड़े में बांधकर तिजोरी में रखें। यह उपाय घर में धन वर्षा कराने वाला माना गया है।

 कर्ज मुक्ति का उपाय-यदि बार-बार प्रयास करने के बाद भी कर्ज से छुटकारा नहीं मिल रहा हो, तो अष्टमी या नवमी को सूर्यास्त के बाद 21 गुलाब के फूल और सवा किलो लाल मसूर लाल कपड़े में बांधकर माता के सामने रखें। घी का दीपक जलाकर 108 बार मंत्र जप करें –

ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे

फिर इस पोटली को अपने ऊपर सात बार उतारकर किसी जरूरतमंद को दान कर दें। यह उपाय कर्ज से मुक्ति दिलाने वाला माना जाता है।

दुर्भाग्य दूर करने का उपाय

दुर्गा अष्टमी की रात घर के मुख्य द्वार पर ठीक 12 बजे गाय के घी का दीपक जलाएं। माना जाता है कि इससे जीवन का दुर्भाग्य दूर होता है और सौभाग्य का प्रवेश होता है।

नवरात्रि में यदि व्रत नहीं रखा हो, तब भी लहसुन, प्याज और मांसाहारी भोजन का सेवन न करें।

घर में बनने वाला भोजन सात्विक हो और छौंक का प्रयोग न करें।

मां दुर्गा की पूजा में काले रंग के वस्त्र न पहनें।

व्रत रखने वालों को अष्टमी पर दिन में नहीं सोना चाहिए और इस दिन नमक व अनाज का सेवन वर्जित है।

दुर्गा चालीसा या सप्तशती का पाठ करते समय किसी से वार्तालाप न करें, अन्यथा पूजा अधूरी मानी जाती है।नवरात्रि की अष्टमी और नवमी तिथि शक्ति साधना के विशेष दिन माने जाते हैं। इन दिनों किए गए छोटे-छोटे उपाय भी जीवन को सुख, समृद्धि और शांति से भर सकते हैं। चाहे आप पूरे नौ दिन व्रत न रख पाए हों, लेकिन इन दो दिनों पर आस्था और श्रद्धा से मां दुर्गा की आराधना करने पर निश्चित रूप से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

नोट: इस आर्टिकल में दी गई सभी जानकारी ज्योतिषाचार्यों और पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित है। हमारा उद्देश्य केवल आप तक पहुँचाना है। इसे सिर्फ़ सूचना के रूप में लें और किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय से पहले अपनी समझ और विशेषज्ञ सलाह अवश्य लें।

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