Morning Vastu Tips: सुबह उठते ही इन 5 चीजों पर पड़ गई नजर तो बिगड़ सकता है पूरा दिन!
Morning Vastu Tips: सुबह उठते ही क्या नहीं देखना चाहिए? धार्मिक और वास्तु मान्यताओं के अनुसार आईना, गंदे बर्तन, बंद घड़ी समेत कुछ चीजों को सुबह देखना शुभ नहीं माना जाता। जानें क्या देखना चाहिए।
Morning Vastu Tips: सुबह का समय अच्छी शुरूआत और सूरज की किरणों के निकलने के साथ एनर्जी से भरा होता है।यह पूरे दिन की शुरुआत का समय होता है। कहा जाता है कि सुबह उठने के बाद हमारा मन सबसे ज्यादा शांत और संवेदनशील रहता है। ऐसे में दिन की शुरुआत जिस चीज को देखकर या जिस विचार के साथ होती है, उसका असर पूरे दिन के मूड और सोच पर पड़ता है। यही वजह है कि धार्मिक और वास्तु मान्यताओं में सुबह उठने के बाद कुछ चीजों को देखने से बचने चाहिए....
मान्यता है कि सुबह आंख खुलते ही कुछ अशुभ या नेगेटिव चीजें देखने से मन पर नेगेटिविटी भरता है। वहीं, भगवान के दर्शन, अपनी हथेलियों को देखना और सकारात्मक विचारों के साथ दिन की शुरुआत करना शुभ होता है। इन बातों को धार्मिक मान्यताओं के रूप में ही देखना चाहिए। जानते हैं सुबह उठते ही किन चीजों को देखने से बचना चाहिए और दिन की शुरुआत कैसे करनी चाहिए।
सुबह उठते ही क्या नहीं देखना चाहिए?
सुबह उठकर आईना देखने से क्यों बचे
सुबह बिस्तर से उठते ही सबसे पहले आईना देखने को शुभ नहीं मानते है। मान्यता है कि रातभर सोने के बाद व्यक्ति के शरीर और मन पर थकान का असर रहता है। ऐसे समय में तुरंत अपना चेहरा देखने के बजाय कुछ समय शांत रहना बेहतर है। इसलिए उठते ही आईना देखने के बजाय पहले अपनी हथेलियों के दर्शन करने और भगवान का स्मरण करने की परंपरा है। व्यावहारिक तौर पर भी सुबह उठकर तुरंत शीशे में चेहरा देखने के बजाय कुछ मिनट खुद को व्यवस्थित करने से दिन की शुरुआत ज्यादा शांत होती है।
रात के जूठे और गंदे बर्तन न देखें
सुबह उठते ही अगर रसोई में रात के जूठे बर्तन पड़े हों तो उन्हें देखकर दिन की शुरुआत करना धार्मिक दृष्टि से शुभ नहीं है। मान्यता है कि घर में गंदगी और जूठे बर्तन नकारात्मकता को बढ़ाते हैं और इससे लक्ष्मी का वास प्रभावित होता है।
घर में रात को ही बर्तन साफ करके रखने और रसोई को व्यवस्थित रखना अच्छा रहता है। सुबह का साफ-सुथरा घर न केवल धार्मिक दृष्टि से अच्छा है, बल्कि इससे मन भी प्रसन्न रहता है और पूरे दिन काम करने की ऊर्जा बनी रहती है।
सुबह उठते ही अपनी या किसी की परछाईं देखने से बचें
धार्मिक मान्यताओं में सुबह उठते ही अपनी या किसी दूसरे व्यक्ति की परछाईं देखने को शुभ नहीं है। माना जाता है कि दिन की शुरुआत किसी तरह की आशंका या डर के भाव से नहीं करनी चाहिए।
इसका कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है, इसलिए इसे अंधविश्वास की तरह लेने के बजाय एक पारंपरिक मान्यता के रूप में समझना चाहिए। सुबह उठने के बाद कुछ देर शांत रहना, प्राकृतिक रोशनी में जाना और सकारात्मक विचार करना ज्यादा बेहतर आदत हो सकती है।
मोबाइल फोन से दिन की शुरुआत न करेंआज के समय में यह बात सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण मोबाइल है। बहुत से लोगों की आदत होती है कि आंख खुलते ही मोबाइल फोन उठा लेते हैं। इसके बाद सोशल मीडिया, मैसेज, न्यूज, ईमेल या दूसरी चीजें देखने लगते हैं।
ऐसा करने से सुबह का शांत समय तुरंत सूचनाओं और विचारों से भरता है। किसी बुरी खबर या तनाव वाली पोस्ट को देखकर मूड खराब हो सकता है। सोशल मीडिया पर दूसरों की जिंदगी देखकर अनावश्यक तुलना भी शुरू हो सकती है। उठने के तुरंत बाद कम से कम 15-20 मिनट मोबाइल से दूरी रखें। पहले पानी पिएं, भगवान का स्मरण करें, कुछ देर शांत बैठें और फिर दिन के जरूरी काम देखें।
बंद या खराब घड़ी को देखना क्यों है अशुभ?
वास्तु मान्यताओं में बंद या रुकी हुई घड़ी को शुभ नहीं माना जाता। घड़ी समय और गति का प्रतीक है। इसलिए घर में लंबे समय से बंद पड़ी घड़ी को रखना या उसे देखते रहना जीवन में रुकावट का प्रतीक है।
अगर घर में कोई घड़ी खराब हो गई है तो उसे ठीक करवा लें या हटा दें। सुबह उठते ही ऐसी चीजों पर नजर पड़ने से बचने के लिए घर की वस्तुओं को व्यवस्थित और साफ रखना अच्छा माना जाता है।
सुबह उठते ही क्या देखना चाहिए?
धार्मिक मान्यता के अनुसार सुबह आंख खुलने के बाद सबसे पहले अपनी हथेलियों के दर्शन करना शुभ है। इसके साथ भगवान का स्मरण किया जा सकता है। हथेलियों को देखते हुए यह मंत्र बोलने की परंपरा है—
'कराग्रे वसते लक्ष्मीः करमध्ये सरस्वती।
करमूले तु गोविंदः प्रभाते करदर्शनम्॥'
मान्यता है कि हथेली के अग्रभाग में माता लक्ष्मी, मध्य भाग में मां सरस्वती और मूल भाग में भगवान विष्णु का वास है। इसलिए सुबह हथेली के दर्शन करके अपने दिन की शुरुआत करना शुभ माना गया है। इसके बाद भगवान की तस्वीर या मूर्ति के दर्शन करना, सूर्य देव को स्मरण करना और अपने माता-पिता या बड़ों का आशीर्वाद लेना भी शुभहै।
सुबह की शुरुआत में इन बातों का भी रखें ध्यान
सुबह केवल क्या देखना है, यह ही महत्वपूर्ण नहीं है। दिन की शुरुआत किस सोच और व्यवहार से हो रही है, इसका भी असर पड़ता है। उठते ही किसी से झगड़ा करने, गुस्सा करने या नकारात्मक बातें करने से बचना चाहिए।
सुबह खिड़की-दरवाजे खोलकर घर में ताजी हवा और प्राकृतिक रोशनी आने दें। बिस्तर को व्यवस्थित करें और घर में अनावश्यक गंदगी न रहने दें। कुछ मिनट प्रार्थना, ध्यान या शांत बैठने के लिए निकाल सकते हैं। अगर संभव हो तो सुबह कुछ देर खुली हवा में टहलना भी अच्छा रहता है। इससे शरीर सक्रिय होता है और मन को भी दिन के लिए तैयार होने का समय मिलता है।