Surya Gochar 2026: सूर्य करेंगे वृषभ राशि में प्रवेश, जानें संक्रांति काल,किन राशियों को मिलेगा लाभ

Surya Gochar 2026 : 15 मई 2026 को वृषभ संक्रांति कब है, पुण्य काल, महा पुण्य काल, सर्वार्थ सिद्धि योग, सूर्य पूजा का महत्व और 12 राशियों पर असर जानें।

Update:2026-05-14 08:24 IST

Vrishabh Sankranti

Vrishabh Sankranti Kab Hai : सूर्य एक निश्चित समय के लिए एक राशि से दूसरी राशि में गोचर करते हैं। जब सूर्य किसी नई राशि में प्रवेश करते हैं, तो संक्रांति होता है।  सूर्य अभी मेष राशि में गोचर कर रहे हैं, जो मंगल ग्रह से प्रभावी है।  वृषभ राशि में प्रवेश करने वाले हैं, जो शुक्र ग्रह के राशि है। जिस क्षण सूर्य वृषभ राशि में प्रवेश करेंगे, वृषभ संक्रांति होगी। 15 मई 2026 से सूर्य अपनी उच्च राशि मेष को छोड़कर शुक्र की राशि वृषभ में प्रवेश करने जा रहे हैं। 

वृषभ संक्रांति के दिन सूर्य की पूजा करना अत्यंत पुण्यकारी है। इस दिन सूर्य की आराधना करने से जीवन में उन्नति और सफलता मिलती है। सूर्य की कृपा से व्यक्ति का जीवन सुख-समृद्धि से भर जाता है। वृषभ संक्रांति के अवसर पर सर्वार्थ सिद्धि योग का निर्माण हो रहा है।  सूर्योदय के समय सूर्य देव को अर्घ्य देना और सूर्य के शक्तिशाली मंत्रों का जाप करना व्यक्ति के व्यक्तित्व और आंतरिक तेज को बढ़ाने वाला माना जाता है। जानते हैं कि इस साल वृषभ संक्रांति कब मनाई जाएगी, साथ ही इसके पुण्य काल और महा पुण्य काल का समय क्या रहेगा।

वृषभ संक्रांति कब है?

इस साल शुक्रवार, 15 मई 2026 को सूर्य देव सुबह 6:28 बजे वृषभ राशि में प्रवेश करेंगे।

वृषभ संक्रांति 15 मई 2026 को मनाई जाएगी।

15 मई 2026 को, वृषभ संक्रांति का पुण्य काल सुबह 5:30 बजे प्रारंभ होगा।

यह शुभ अवधि सुबह 6:28 बजे तक जारी रहेगी।

इस दिन, महा पुण्य काल भी ठीक इसी समयावधि के साथ ही रहेगा।

इस 58-मिनट के महा पुण्य काल के दौरान विधि-विधान से स्नान और दान-पुण्य करना अत्यंत शुभ माना जाता है।

सर्वार्थ सिद्धि योग के दौरान वृषभ संक्रांति

वृषभ संक्रांति के दिन, सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह 5:30 बजे शुरू होगा और रात 8:14 बजे तक जारी रहेगा। माना जाता है कि इस योग के दौरान किया गया कोई भी काम सफलता दिलाता है।

वृषभ संक्रांति के अवसर पर, आप किसी पवित्र नदी में स्नान कर सकते हैं, घर पर ही अपने स्नान के जल में गंगाजल (गंगा नदी का पवित्र जल) मिलाकर स्नान कर सकते हैं। इसके पश्चात, स्वच्छ वस्त्र धारण करें और अपने पूर्वजों के निमित्त जल अर्पित करें या  तर्पण करें। इस कृत्य से आपके पूर्वज प्रसन्न होंगे। 
अन्न, वस्त्र, फल, कंबल, पका हुआ भोजन, बर्तन और इसी प्रकार की अन्य वस्तुओं का दान करें। यदि आपकी जन्म कुंडली में सूर्य की स्थिति कमजोर है, तो आप गेहूं, गुड़, लाल पुष्प, फल, लाल चंदन और ऐसी ही अन्य वस्तुओं का दान कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, आप सूर्य देव को समर्पित मंत्रों का जाप करके भी लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

वृषभ संक्रांति में 12 राशियों पर प्रभाव

मेष राशि

यह गोचर आपके लिए फायदेमंद हो सकती हैं, यह समय आपके लिए लाभ का समय हो सकता है।उपायःसूर्य बीज मंत्र का जाप करें: ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः।।

वृषभ राशि

यह गोचर आपके लिए भाग्यशाली  है। आपको अपनी सफलता और उपलब्धियों की संभावना है । पूरे महीने संपत्ति से जुड़े लाभ मिलेंगे, लेकिन अहंकार से बचना जरूरी होगा। रविवार के दिन बैल को गेहूँ व चना खिलाएँ।

मिथुन राशि

यह गोचर आपके लिए अच्छा समय लेकर आएगा।यात्रा या दूर के स्रोतों से लाभ हो सकता है। खर्चों में वृद्धि हो सकती है। उपायःरविवार को लाल कपड़ा दान में दें।

कर्क राशि

इस समय फायदा मिल सकता है। लव लाइफ में संवाद की कमी न होने दें, बाकी आर्थिक रूप से समय शानदार है। जीवन के सभी क्षेत्रों के बारे में सावधान रहें।उपायःरविवार को तांबे की वस्तु दान करें।

सिंह राशि

इस समय आप अपने विरोधियों पर हावी रहेंगे। जीवनसाथी के व्यवहार में थोड़ी आक्रामकता नज़र आ सकती है। आपके ख़र्चों में वृद्धि संभव है। उपायःरविवार को गेहूँ और चना दान में दें।

कन्या राशि

समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा, हालांकि पिता की सेहत और बजट का ध्यान रखना जरूरी होगा।कड़ी मेहनत से आपको अच्छे परिणाम प्राप्त होंगे। उपायःआदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें।

तुला राशि

आपके लिए शुभ रहेगा। प्रोफ़ेशनल क्षेत्र में आपकी उन्नति हो सकती है, इंक्रीमेंट अथवा प्रमोशन संभव है। व्यापार में साझेदारी से लाभ प्राप्त होने के योग हैं।उपायःहरिवंश पुराण का पाठ करें अथवा उसे सुनें।

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि वालों के लिए समय शांति और सुकून का रहेगा। अचानक आपके साथ कोई अप्रत्याशित घटना घट सकती है। आपको प्रत्याशित धन लाभ अथवा धन हानि हो सकती है।उपायःरविवार के दिन पंडितों को तांबे की वस्तु दान करें।

धनु राशि

धनु राशि का समय समृद्ध, भाग्यशाली और सफल रहेगा। उन्हें छोटी-छोटी चीजों में आराम मिल सकता है, समाज में आपका मान-सम्मान बढ़ेगा,लॉन्ग जर्नी भी आपके लिए अनुकूल रह सकती है।उपाय : ब्राह्मणों को गुड़ दान में दें।

मकर राशि

मकर राशि के जातक  शिक्षा और प्रेम संबंधों में उतार-चढ़ाव संभव है। भाई-बहनों को थोड़ा संघर्ष करना पड़ सकता है। गोचर के दौरान भाग्य आपका साथ देगा। उपायःअपने पिताजी की सेवा एवं उनका सम्मान करें और सूर्य देव को लाल पुष्प चढ़ाएँ।

कुंभ राशि

कुंभ राशि के जातक इस समय में अधिक तैयार, धैर्यवान और खुश रहेंगे। शनि पूरी अवधि के लिए आपकी राशि में रहेगा, जिससे आपको स्थिरता मिलेगी ,कार्यक्षेत्र में आपकी उन्नति होगी। प्रमोशन आदि के भी योग हैं।उपायःरोज़ाना तांबे के लोटे में जल लें और उसमें लाल कुमकुम मिलाकर सूर्यदेव को चढ़ाएँ।

मीन राशि

इस समय करियर में आपकी ऊर्जा और ईमानदारी आपको दूसरों से आगे ले जाएगी। विरोधियों पर आपकी धाक जमेगी। इस दौरान यदि आपकी विदेश जाने की इच्छा है तो वह पूर्ण हो सकती है।उपायःरविवार को अपने बाजू में बेल मूल धारण करें।

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