सावधान! दिवाली पर आपके नाश का कारण बनेंगी मन्दिर में रखी ये चीजें, अभी कर दें बाहर वरना छा जाएगी मनहूसियत

Diwali Vastu Tips: वास्तु शास्त्र के अनुसार मंदिर में कुछ चीज़ें रखना अशुभ माना जाता है, जिससे देवी लक्ष्मी की कृपा घट सकती है और नकारात्मक ऊर्जा बढ़ सकती है।

Update:2025-10-14 12:59 IST

Diwali Vastu Tips

Diwali Vastu Tips: दिवाली का पर्व सिर्फ रोशनी और मिठास का नहीं, बल्कि आध्यात्मिक शुद्धता और ऊर्जा का भी प्रतीक होता है। ऐसे में घर का मंदिर केवल पूजा-पाठ का स्थान नहीं, बल्कि पूरे घर की आध्यात्मिक और सकारात्मक ऊर्जा का केंद्र माना जाता है। वास्तु शास्त्र में घर के मंदिर का विशेष महत्व बताया गया है। इसके अनुसार मंदिर में की गई छोटी-छोटी गलतियां भी नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ा सकती हैं और इससे देवी लक्ष्मी की कृपा में कमी आ सकती है। इसलिए जरूरी है कि दिवाली जैसे पावन अवसर पर आप जानें कि मंदिर में किन वस्तुओं को रखना वर्जित है।

टूटी या खंडित मूर्तियां

वास्तु शास्त्र के अनुसार मंदिर में कभी भी टूटी हुई या खंडित मूर्तियां या तस्वीरें नहीं रखनी चाहिए। यदि किसी मूर्ति में दरार आ गई हो या वह खंडित हो गई हो, तो उसे नदी या किसी पवित्र स्थान पर विसर्जित कर देना चाहिए। माना जाता है कि ऐसी मूर्तियों से देवी-देवता अप्रसन्न हो जाते हैं और घर में दरिद्रता तथा नकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। पूजा में उपयोग होने वाली सभी मूर्तियां संपूर्ण, साफ-सुथरी और शुभ होनी चाहिए।

नुकीली और धारदार वस्तुएं

मंदिर में कभी भी कैंची, चाकू, सुई, पिन जैसी नुकीली चीजें नहीं रखनी चाहिए। वास्तु के अनुसार ये वस्तुएं क्रोध, हिंसा और अस्थिरता का प्रतीक होती हैं। ये मंदिर के शांत और दिव्य वातावरण को नष्ट कर देती हैं। यदि आप मंदिर के पास ऐसे सामान रखते हैं, तो इससे परिवार में तनाव और मानसिक अशांति बढ़ सकती है। ये वस्तुएं हमेशा रसोई या स्टोररूम जैसी जगहों पर ही रखें।

एक से ज्यादा शंख

घर के मंदिर में केवल एक ही शंख रखना शुभ माना जाता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार हर शंख की अपनी अलग ऊर्जा होती है और एक से अधिक शंख रखने से ये ऊर्जाएं आपस में टकराने लगती हैं। इसका परिणाम होता है- अस्थिरता, मानसिक उलझन और आर्थिक परेशानी। यदि आपके पास एक से अधिक शंख हैं, तो उन्हें अलग-अलग पूजा स्थानों या अलमारी में रखें, लेकिन एक समय में मंदिर में केवल एक ही रखें।

गंदे कपड़े या झाड़ू

मंदिर में गंदे कपड़े, झाड़ू या सफाई से जुड़ी वस्तुएं रखना वर्जित माना जाता है। ऐसी चीजों को अपवित्र समझा जाता है और ये देवी लक्ष्मी के आगमन में बाधा उत्पन्न करती हैं। यदि आपने पूजा के लिए कोई वस्त्र प्रयोग किया है, तो उसे धोकर ही अगली बार उपयोग करें। मंदिर को हमेशा स्वच्छ, सुगंधित और व्यवस्थित रखें, ताकि वहां सकारात्मक ऊर्जा बनी रहे।

माचिस और जली हुई तिल्लियाँ

अक्सर लोग मंदिर में दीपक जलाने के बाद माचिस की डिब्बी या जली हुई तिल्लियाँ वहीं छोड़ देते हैं, जो कि वास्तु शास्त्र के अनुसार अशुद्ध मानी जाती हैं। जली हुई तिल्ली को नकारात्मकता और रुकावट का प्रतीक माना जाता है। इससे देवी लक्ष्मी की कृपा में कमी आ सकती है। दीपक जलाने के बाद माचिस और जली तिल्लियों को मंदिर से बाहर हटा देना चाहिए।

Disclaimer: यह खबर आपको केवल जागरूक करने के मकसद से लिखी गई है। हमने इसको लिखने में सामान्य जानकारियों की मदद ली है। NEWSTRACK इस आर्टिकल में दी गई किसी भी जानकारी की सत्यता इसकी पुष्टि नहीं करता है। 

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