सरकारी कर्मचारियों की Salary होगी रिवाइज? 8th Pay Commission ने तेज किया काम, जानें सबसे बड़ा अपडेट
8th Pay Commission Update: केंद्र सरकार ने 3 नवंबर 2025 को 8वें वेतन आयोग का गठन किया था। आयोग को अपनी अंतिम रिपोर्ट तैयार करने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है।
8th Pay Commission Update
8th Pay Commission Update: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। आयोग ने अपनी प्रक्रिया को तेज करते हुए अलग-अलग राज्यों का दौरा शुरू कर दिया है। इसी क्रम में आयोग की टीम 7 और 8 सितंबर 2026 को चेन्नई में मौजूद है, जहां कर्मचारी संगठनों और अन्य हितधारकों के साथ महत्वपूर्ण बैठकें की जा रही हैं। इन बैठकों में कर्मचारियों की वेतन, पेंशन और दूसरी मांगों पर विस्तार से चर्चा हो रही है।
केंद्र सरकार ने 3 नवंबर 2025 को 8वें वेतन आयोग का गठन किया था। आयोग को अपनी अंतिम रिपोर्ट तैयार करने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। अब तक तय समयसीमा का करीब 10 महीने का हिस्सा पूरा हो चुका है। ऐसे में आयोग देश के अलग-अलग हिस्सों में जाकर कर्मचारियों और अन्य संबंधित पक्षों की राय जुटा रहा है, ताकि रिपोर्ट तैयार करते समय उनकी वास्तविक समस्याओं और मांगों को शामिल किया जा सके।
किन मुद्दों पर हो रही चेन्नई में चर्चा ?
चेन्नई में चल रही बैठक को केंद्रीय कर्मचारियों के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है। आयोग के सामने सबसे प्रमुख मुद्दों में फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) शामिल है। फिटमेंट फैक्टर का सीधा संबंध कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में होने वाले संशोधन से होता है। यही वजह है कि कर्मचारी संगठन इस मुद्दे पर अपनी मांगों और सुझावों को आयोग के सामने रख रहे हैं।
इसके अलावा सेवारत कर्मचारियों के वेतन संशोधन, रिटायर्ड कर्मचारियों की पेंशन में सुधार और महंगाई भत्ते यानी DA (Dearness Allowance) से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हो रही है। कर्मचारियों की काम करने की परिस्थितियों और वर्किंग कंडीशन को बेहतर बनाने से जुड़े सुझाव भी आयोग दर्ज कर रहा है।
2.15 या 2.57 फिटमेंट फैक्टर? जानिए क्या है सच्चाई
8वें वेतन आयोग को लेकर सोशल मीडिया पर फिटमेंट फैक्टर को लेकर कई तरह के दावे किए जा रहे हैं। कहीं 2.15 तो कहीं 2.28 और 2.57 जैसे आंकड़े बताए जा रहे हैं। हालांकि, अभी तक इनमें से किसी भी आंकड़े पर केंद्र सरकार की आधिकारिक मुहर नहीं लगी है।
पिछले वेतन आयोगों को देखें तो 7वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.57 तय किया गया था, जबकि 6वें वेतन आयोग में यह 1.86 था। ऐसे में अब कर्मचारियों की नजर इस बात पर है कि 8वां वेतन आयोग फिटमेंट फैक्टर को लेकर क्या सिफारिश करता है।
यह भी समझना बेहद आवश्यक है कि वेतन आयोग की भूमिका मुख्य रूप से सिफारिश करने की होती है। आयोग की रिपोर्ट आने के बाद उस पर अंतिम फैसला केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद ही होगा। इसलिए फिलहाल किसी निश्चित सैलरी बढ़ोतरी या फिटमेंट फैक्टर को अंतिम मानना सही नहीं होगा।
आगे कहां-कहां पहुंचेगी आयोग की टीम?
चेन्नई से पहले आयोग की टीम दिल्ली, लद्दाख, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और ओडिशा समेत कई स्थानों का दौरा कर चुकी है। इन दौरों के दौरान कर्मचारी संगठनों और दूसरे हितधारकों से उनकी समस्याएं और सुझाव लिए गए।
आयोग के आगे के कार्यक्रम के अनुसार, चेन्नई दौरे के बाद टीम 9 सितंबर 2026 को पुडुचेरी पहुंचेगी। इसके बाद 16 से 18 सितंबर 2026 तक चंडीगढ़ में बैठकें होंगी। वहीं, 7 और 8 अक्टूबर 2026 को बेंगलुरु में भी चर्चा का कार्यक्रम रखा गया है।
इन बैठकों का उद्देश्य अलग-अलग वर्गों के कर्मचारियों और पेंशनर्स की मांगों को समझना और सभी जरूरी सुझावों को अंतिम रिपोर्ट में शामिल करना है। ऐसे में 8वें वेतन आयोग की प्रक्रिया आगे बढ़ने के साथ केंद्रीय कर्मचारियों की नजर अब फिटमेंट फैक्टर, वेतन संशोधन और पेंशन से जुड़े बड़े फैसलों पर बनी हुई है।