Gautam Adani : बिहार में गौतम अदाणी शुरू करेंगे ग्रामीण नेत्र स्वास्थ्य का बड़ा सेवा अभियान

Gautam Adani Bihar Visit: गौतम अदाणी बिहार में ग्रामीण नेत्र स्वास्थ्य और कौशल विकास के लिए बड़े सेवा अभियान की शुरुआत करेंगे।

Update:2026-05-16 09:20 IST

Gautam Adani Bihar Visit

Gautam Adani Bihar Vsit: यह सहयोग अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी के ‘सेवा ही साधना है’ के मूलमंत्र से प्रेरित है। यह देशभर में नेत्र स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और सामुदायिक विकास में ग्रुप की बढ़ती भागीदारी को भी मजबूत करता है।बिहार में रविवार को देश के सबसे बड़े ग्रामीण स्वास्थ्य कार्यक्रमों में से एक की शुरुआत होने जा रही है। अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी मस्तीचक पहुंचेंगे, जहां वे भूमि पूजन करके ग्रामीण इलाकों के लिए नेत्र स्वास्थ्य और कौशल विकास से जुड़ी नई योजनाओं की आधारशिला रखेंगे।

यह कार्यक्रम अदाणी फाउंडेशन और अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल मस्तीचक मिलकर आयोजित कर रहा है। इसका उद्देश्य सस्ते इलाज को गांव-गांव तक पहुंचाना और खासकर उत्तर और मध्य भारत के पिछड़े क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इसके साथ ही, इससे अदाणी ग्रुप के लंबे समय के देश निर्माण और सामाजिक विकास के विज़न में बिहार की बढ़ती अहमियत भी मजबूत होगी।मस्तीचक में शुरू होने वाली स्वास्थ्य योजना से आम लोगों को सस्ता इलाज, गांव-गांव तक सेवाओं की पहुंच और ट्रेनिंग उपलब्ध होगी। योजना के तैयार होने के बाद यह दुनिया के सबसे बड़े ग्रामीण नेत्र चिकित्सा नेटवर्क में से एक बन कर उभरेगा।

मूल में है ‘सेवा ही साधना है’ का मंत्र

यह आयोजन सिर्फ स्वास्थ्य सुविधाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि अदाणी समूह के मूलमंत्र “सेवा ही साधना है” के भी अनुरूप है। साल 2022 में गौतम अदाणी के 60वें जन्मदिन पर परिवार ने 60,000 करोड़ रुपये स्वास्थ्य, शिक्षा और कौशल विकास के उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता जताई थी। इसके बाद अपने बेटे जीत अदाणी की शादी के दौरान 10,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त सामाजिक योगदान भी घोषित किया गया।

महाकुंभ और पुरी जगन्नाथ रथ यात्रा जैसे बड़े धार्मिक आयोजनों में भी अदाणी समूह ने भोजन, सफाई और सेवा के कामों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया है। महाकुंभ 2025 में 50 लाख श्रद्धालुओं के भोजन और पुरी जगन्नाथ की रथ यात्रा में 40 लाख भक्तों को भोजन उपलब्ध कराने का काम अदाणी ग्रुप की तरफ से किया गया था।

2005 में बिहार के एक ग्रामीण इलाके में 30 बिस्तरों वाले अस्पताल के रूप में स्थापित अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल आज देश के अग्रणी नेत्र चिकित्सा संस्थानों में शामिल हो चुका है। यहां अब तक 14 लाख से अधिक लोगों की आंखों की रोशनी लौटाई जा चुकी है और लाखों लोगों की जांच की जा चुकी है।

इसी पृष्ठभूमि में बिहार में शुरू की गई यह पहल, सेवा को केंद्र में रखकर किए जा रहे राष्ट्र निर्माण के व्यापक प्रयासों के तहत स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच, कौशल विकास और सामाजिक बुनियादी ढांचे पर अदाणी समूह के बढ़ते फोकस को और मजबूत करने वाली मानी जा रही है।

आंखों के इलाज की क्रांतिकारी पहल

अदाणी ग्रुप और अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल साथ आकर आंखों के इलाज के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव ला सकते हैं। एक तरफ अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल मस्तीचक अब तक 14 लाख से ज्यादा आंखों के ऑपरेशन हो चुके हैं और लाखों लोगों की जांच हो चुकी है।

दूसरी तरफ अदाणी फाउंडेशन का विजन केयर कार्यक्रम भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। 2024 से अब तक करीब 1.93 लाख लोगों की आंखों की जांच की गई है करीब 59,000 लोगों को चश्मे दिए गए हैं यह काम 11 राज्यों में चल रहा है। भारत में अंधापन एक बड़ी समस्या है, खासकर गांवों और गरीब इलाकों में। दोनों के साथ आने से देश में दृष्टिहीनता की समस्या से कारगर तरीके से निपटा जा सकता है।

बिहार में होने वाला यह नया अभियान इलाज, ट्रेनिंग और सस्ती स्वास्थ्य सेवाओं को एक साथ जोड़कर लोगों तक पहुंचाने का काम करेगा। इससे गांवों में रहने वाले लाखों लोगों को राहत मिलेगी और उन्हें बेहतर जीवन जीने का मौका मिलेगा।

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