Petrol Diesel Price Today 4 June 2026: 4 जून को पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर, जानें आपके शहर में क्या है नया रेट
Petrol Diesel Price Today 4 June 2026: 4 जून 2026 को तेल कंपनियों ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है। जानिए दिल्ली, मुंबई, लखनऊ समेत प्रमुख शहरों के ताजा रेट।
Petrol Diesel Price Today 4 June 2026
Petrol Diesel Price Today 4 June 2026: आज कल लगातार क्रूड ऑयल की घटती-बढ़ती कीमतों ने पूरी अर्थव्यवस्था को हिलाकर रख दिया है। यही वजह है कि देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर आम लोगों की नजर बनी हुई है। लगातार चार बार हुई बढ़ोतरी के बाद 4 जून 2026 को तेल कंपनियों ने ईंधन के दामों में कोई बदलाव नहीं किया है। हालांकि, पिछले कुछ हफ्तों में हुई कीमतों की बढ़ोतरी का असर अब आम लोगों की जेब पर साफ दिखाई देने लगा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण आने वाले दिनों में ईंधन और महंगा हो सकता है।
प्रमुख शहरों में पेट्रोल-डीजल का ताजा रेट
शहर | पेट्रोल (रुपये/लीटर) | डीजल (रुपये/लीटर)
दिल्ली | 102.12 | 95.20
मुंबई | 111.18 | 97.83
कोलकाता | 113.47 | 99.82
चेन्नई | 107.77 | 99.55
बेंगलुरु | 110.93 | 98.80
हैदराबाद | 115.69 | 103.82
अहमदाबाद | 101.70 | 97.84
लखनऊ | 102.05 | 95.55
पटना | 113.35 | 99.36
पिछले 20 दिनों में 7.5 रुपये तक बढ़े दाम
15 मई के बाद से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में चार बार बढ़ोतरी हो चुकी है। इस दौरान दोनों ईंधनों के दामों में कुल मिलाकर लगभग 7.50 रुपये प्रति लीटर का इजाफा हुआ है। तेल कंपनियों का कहना है कि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी हुई हैं, जिसके चलते कीमतों पर दबाव बना हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चा तेल महंगा बना रहता है तो आने वाले समय में पेट्रोल और डीजल के दामों में और बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
महंगाई पर पड़ सकता है बड़ा असर
रेटिंग एजेंसी CRISIL की रिपोर्ट के अनुसार, ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी का असर सिर्फ वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहेगा। पेट्रोल और डीजल महंगे होने से परिवहन लागत बढ़ती है, जिसका सीधा असर खाद्य पदार्थों, उपभोक्ता वस्तुओं और अन्य जरूरी सामानों की कीमतों पर पड़ता है।
रिपोर्ट के मुताबिक, 7.5 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी से खुदरा महंगाई दर (CPI) में लगभग 36 बेसिस पॉइंट्स तक की बढ़ोतरी हो सकती है। वहीं यदि ईंधन की कीमतों में कुल बढ़ोतरी 10 रुपये प्रति लीटर तक पहुंचती है तो महंगाई पर इसका असर 48 बेसिस पॉइंट्स तक हो सकता है।
क्यों बढ़ती है महंगाई?
देश में इन दिनों तेजी पकड़ रही महंगाई की बात करें तो भारत की कुल लॉजिस्टिक्स लागत में माल ढुलाई का हिस्सा करीब 54 फीसदी है। देश में लगभग 71 फीसदी माल सड़क मार्ग से पहुंचाया जाता है। सड़क परिवहन की लागत में ईंधन का हिस्सा करीब 42 फीसदी होता है। ऐसे में डीजल और पेट्रोल महंगे होने पर ट्रांसपोर्टेशन खर्च बढ़ जाता है। जिसका असर धीरे-धीरे हर सेक्टर पर दिखाई देने लगता है।
आगे क्या है संभावना?
फिलहाल 4 जून को पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है, लेकिन वैश्विक हालात और कच्चे तेल की कीमतों को देखते हुए बाजार की नजर आने वाले दिनों पर टिकी हुई है। यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दबाव बना रहा तो उपभोक्ताओं को ईंधन के मोर्चे पर राहत मिलने में अभी समय लग सकता है।