छत्तीसगढ़ बनेगा देश का अगला रक्षा हब! CM साय ने राजनाथ सिंह से की मुलाकात, युवाओं के लिए सुनहरा मौका
Chhattisgarh defense hub: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दिल्ली में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की। इस दौरान बिलासपुर में रक्षा पार्क, बस्तर में सेना भर्ती रैली और नौसैनिक पोतों के नामकरण जैसे कई आवश्यक मुद्दों पर विचार किया गया।
Chhattisgarh defense hub (photo: social media)
Chhattisgarh defense hub: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दिल्ली में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने राज्य में रक्षा उद्योग और युवाओं के लिए अवसर में वृद्धि पर विस्तृत रूप से बातचीत की। इस दौरान बिलासपुर में रक्षा पार्क, बस्तर में सेना भर्ती रैली और नौसैनिक पोतों के नामकरण जैसे कई आवश्यक मुद्दों पर विचार किया गया।
बिलासपुर में रक्षा उद्योग केंद्र की संभावना
मुख्यमंत्री साय ने रक्षा मंत्री का ध्यान बिलासपुर के पास भारतीय सेना को सौंपी गई तकरीबन 1000 एकड़ भूमि की तरफ़ आकर्षित किया, जो मौजूदा वक़्त में किसी सक्रिय प्रोजेक्ट्स में प्रयोग नहीं हो रही है। साय ने सुझाव दिया कि इस भूमि पर रक्षा उपकरण निर्माण, अनुसंधान केंद्र या औद्योगिक इकाइयों की स्थापना की जाए। उन्होंने कहा कि इससे न सिर्फ स्थानीय युवाओं को रोजगार और प्रशिक्षण मिलेगा, बल्कि छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय रक्षा उत्पादन मानचित्र पर अपनी पहचान मजबूत प्रदान कर सकेगा।
सेना प्रशिक्षण केंद्र और भर्ती रैली पर बल
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में अभी कोई स्थायी सेना या वायुसेना कैंप नहीं है। उन्होंने बिलासपुर या बस्तर में सेना का प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने का आग्रह किया। इसके अलावा, सीएम ने खासतौर से बस्तर क्षेत्र के युवाओं के लिए सेना भर्ती रैली आयोजित करने का आग्रह किया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस प्रस्ताव का तहे दिल से स्वागत किया और बस्तर में जल्द ही भर्ती रैली आयोजित करने का विश्वास दिलाया।
नौसैनिक पोतों के नाम में छत्तीसगढ़ की पहचान
बैठक में मुख्यमंत्री साय ने यह भी सुझाव दिया कि नई नौसैनिक पोतों के नाम छत्तीसगढ़ की नदियों और क्षेत्रों के नाम पर रखे जाएँ। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा, “INS इंद्रावती, INS महानदी या INS बस्तर जैसे नाम देश और राज्य के लिए गर्व का विषय होंगे।” रक्षा मंत्री ने इस विचार की प्रशंसा की और कहा कि मंत्रालय इस पर गहनता से विचार करेगा।
नई औद्योगिक नीति पर चर्चा
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की नई औद्योगिक नीति के बारे में भी रक्षा मंत्री को जानकारी दी। यह नीति रक्षा और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण को प्रोत्साहन देने के लिए तैयार की जा रही है। इसके अंतर्गत राज्य में उच्च तकनीकी प्रशिक्षण, अनुसंधान, निजी निवेश और रोजगार के मौके बढ़ाने पर खासतौर से जोर रहेगा।
बता दे, मुख्यमंत्री साय ने बैठक के बाद कहा कि छत्तीसगढ़ देश की रक्षा उत्पादन क्षमता और युवा शक्ति के लिहाज से तैयार है और केंद्र सरकार के मदद से राज्य में रक्षा उद्योग और प्रशिक्षण केंद्रों का विकास तेजी से होगा।