भीषण गर्मी से हाहाकार! इस राज्य में 20 अप्रैल से स्कूल बंद, वक़्त से पहले घोषित हुई गर्मी की छुट्टिया
School Closed: पूरे देश में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है और उत्तर भारत सहित कई राज्यों में गर्मी ने अप्रैल महीने में ही अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं।
School Closed (photo: social media)
School Closed: पूरे देश में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है और उत्तर भारत सहित कई राज्यों में गर्मी ने अप्रैल महीने में ही अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। इसी बीच छत्तीसगढ़ से बड़ी खबर सामने आई है, जहां भीषण गर्मी और लू के खतरे को देखते हुए राज्य सरकार ने स्कूलों में वक़्त से पहले गर्मी की छुट्टियों का ऐलान कर दिया है। अब राज्य के सभी सरकारी और निजी स्कूल 20 अप्रैल से बंद हो जाएंगे।
जल्दी शुरू हो गर्मी छुट्टी
आमतौर पर छत्तीसगढ़ में गर्मी की छुट्टियां 1 मई से शुरू होती हैं, लेकिन इस बार तापमान में अप्रत्याशित वृद्धि और हीटवेव की स्थिति को देखते हुए सरकार ने यह बड़ा निर्णय पहले ही लागू कर दिया है। राज्य सरकार के आदेश के मुताबिक, 20 अप्रैल से 15 जून तक सभी स्कूल बंद रहेंगे। यह आदेश सरकारी, प्राइवेट और अनुदान प्राप्त सभी विद्यालयों पर समान रूप से लागू होगा।
शिक्षा मंत्री का बड़ा आदेश
स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने इस फैसले को बच्चों की सुरक्षा से जुड़ा अहम कदम बताया है। उन्होंने कहा कि “बच्चों के स्वास्थ्य के साथ कोई समझौता नहीं किया जा सकता। लगातार बढ़ती गर्मी और दोपहर के समय चलने वाली लू को देखते हुए स्कूलों में पढ़ाई जारी रखना जोखिम भरा हो सकता है।” उन्होंने यह भी कहा कि अभिभावकों की चिंता को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है।
अप्रैल महीने में ही तापमान 40 डिग्री
दरअसल, इस बार छत्तीसगढ़ में अप्रैल महीने में ही तापमान 40 डिग्री के पार पहुंच चुका है। कई जिलों में पारा 43 डिग्री तक दर्ज किया गया है। राजनांदगांव राज्य का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं राजधानी रायपुर में तापमान 41.7 डिग्री तक पहुंच गया। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में तापमान में 2 से 3 डिग्री की और वृद्धि हो सकती है।
मौसम विभाग ने 16 से 19 अप्रैल तक प्रदेश के कई हिस्सों में लू चलने की चेतावनी जारी की है। स्वास्थ्य विभाग ने भी एडवाइजरी जारी करते हुए लोगों से दोपहर के समय घर से बाहर न निकलने, अधिक पानी पीने और बच्चों का खासतौर से ध्यान रखने की अपील की है।
मौसम पर विशेषज्ञों की राय
विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों पर गर्मी का असर वयस्कों की तुलना में ज्यादा तेजी से पड़ता है। डिहाइड्रेशन, चक्कर आना, थकान और हीट स्ट्रोक जैसी समस्याएं बच्चों के लिए खतरनाक हो सकती हैं। ऐसे में स्कूलों को बंद करना एक जरूरी एहतियाती कदम माना जा रहा है।
गौरतलब है कि पूरे देश में अब गर्मी की छुट्टियों को लेकर ट्रेंड बदलता नजर आ रहा है। जलवायु परिवर्तन और लगातार बढ़ते तापमान के कारण कई राज्य सरकारें अब पारंपरिक कैलेंडर की बजाय मौसम की स्थिति के अनुसार छुट्टियों का ऐलान कर रही हैं।
छत्तीसगढ़ सरकार का यह फैसला न सिर्फ छात्रों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह अन्य राज्यों के लिए भी एक संकेत है कि बदलते मौसम के अनुसार शिक्षा व्यवस्था में लचीलापन अपनाना जरूरी हो गया है।