CBSE Scan Copy Refund: सीबीएसई का बड़ा फैसला, 12वीं स्कैन कॉपी की गलत फीस होगी रिफंड

CBSE Scan Copy Refund: CBSE ने 12वीं स्कैन कॉपी प्रक्रिया में तकनीकी गड़बड़ी पर छात्रों को राहत दी है। गलत शुल्क का रिफंड किया जाएगा और समस्या का समाधान होगा।

Update:2026-05-24 17:49 IST

CBSE Scan Copy Refund

CBSE Scan Copy Refund: सीबीएसई (CBSE) ने कक्षा 12वीं की स्कैन कॉपियों को लेकर छात्रों और अभिभावकों के लिए एक अहम अपडेट जारी किया है। यह अपडेट उन छात्रों के लिए राहत भरी खबर है, जिन्हें हाल ही में स्कैन कॉपी आवेदन प्रक्रिया के दौरान तकनीकी समस्याओं का सामना करना पड़ा था। बोर्ड के अनुसार, 21 और 22 मई 2026 को आवेदन प्रक्रिया के दौरान कुछ तकनीकी गड़बड़ियों के कारण कई मामलों में शुल्क की गलत कटौती हुई थी। कुछ छात्रों से निर्धारित राशि से अधिक पैसे ले लिए गए, जबकि कुछ मामलों में कम राशि कट गई।

सीबीएसई (CBSE News) ने स्पष्ट किया है कि जिन छात्रों से अतिरिक्त शुल्क लिया गया है, उन्हें पूरी राशि उसी भुगतान माध्यम के जरिए वापस (रिफंड) कर दी जाएगी, जिससे भुगतान किया गया था। वहीं जिन मामलों में कम पैसे काटे गए हैं, उन छात्रों को शेष राशि जमा करने के लिए अलग से सूचना भेजी जाएगी।

बिना नए आवेदन के मिलेगा लाभ

CBSE ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी दी है कि सभी प्रभावित मामलों में जांची गई उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन कॉपियां उपलब्ध (CBSE Scan Copy Refund) कराई जाएंगी। छात्रों को इसके लिए दोबारा आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी। बोर्ड स्वयं इस प्रक्रिया को पूरा करेगा।

क्या था पूरा मामला?

कक्षा 12वीं के कई छात्रों ने अपनी उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन कॉपी प्राप्त करने के लिए आवेदन किया था, लेकिन शुरुआती दिनों में तकनीकी खराबी के कारण उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कई छात्रों ने शिकायत की कि वेबसाइट ठीक से काम नहीं कर रही थी, जबकि कुछ के पैसे कट जाने के बावजूद उन्हें स्कैन कॉपी नहीं मिली। इसके अलावा कुछ मामलों में निर्धारित शुल्क से अधिक पैसे वसूले जाने की भी शिकायत सामने आई। इन समस्याओं के कारण छात्रों और अभिभावकों में असंतोष बढ़ गया था।

आवेदन की तारीखें कई बार बढ़ाई गईं

छात्रों की परेशानी को देखते हुए सीबीएसई (CBSE Technical Issue) ने आवेदन की अंतिम तिथि कई बार बढ़ाई। पहले 19 मई को आई तकनीकी समस्या के कारण इसे 22 मई तक बढ़ाया गया। बाद में लगातार समस्याएं बनी रहने पर इसे 23 मई और फिर 24 मई तक बढ़ा दिया गया।

शिक्षा मंत्री ने मांगी रिपोर्ट

इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सीबीएसई से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। इसमें सर्वर डाउन होने और पेमेंट गेटवे फेल होने जैसे तकनीकी कारणों की जांच शामिल है। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि तकनीकी खामियों के कारणों, तैयारी में हुई चूक और प्रक्रिया का संचालन करने वाली एजेंसियों की जिम्मेदारी स्पष्ट की जाए।

छात्रों को राहत, लेकिन सुधार की जरूरत

सीबीएसई (CBSE Fee Refund) का यह कदम छात्रों के लिए राहत भरा जरूर है, लेकिन बार-बार सामने आ रही तकनीकी समस्याओं ने परीक्षा और मूल्यांकन प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल भी खड़े किए हैं। अब उम्मीद की जा रही है कि भविष्य में ऐसी समस्याओं को रोकने के लिए मजबूत तकनीकी व्यवस्था लागू की जाएगी। 

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