NEET Paper Leak Case: परीक्षा से पहले ही छात्रों के हाथ में था गेस पेपर, 180 में से 135 सवाल हूबहू, कैसे लीक हुआ पेपर?
NEET Paper Leak Case: नीट यूजी पेपर लीक मामले में परीक्षा रद्द कर दी गई है। अब CBI जांच करेगी। गेस पेपर और लीक को लेकर बड़ा खुलासा सामने आया है।
NEET Paper Leak Case
NEET Paper Leak Case: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (National Testing Agency) द्वारा आयोजित NEET UG परीक्षा को पेपर लीक मामले के चलते रद्द कर दिया गया है। इस बड़े फैसले के बाद पूरे मामले की जांच अब Central Bureau of Investigation (CBI) को सौंप दी गई है। इस केस में अब तक करीब 45 लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है, जिससे यह मामला और गंभीर होता जा रहा है।
कैसे सामने आया पेपर लीक का मामला?
जांच अधिकारियों के अनुसार, परीक्षा से लगभग 15 दिन से एक महीने पहले ही “गेस पेपर” नाम से कुछ सामग्री छात्रों तक पहुंचाई जा रही थी। यह दावा किया गया है कि परीक्षा शुरू होने से लगभग 42 घंटे पहले यह सामग्री व्हाट्सएप के जरिए भी छात्रों को भेजी गई। इस पूरे मामले की जांच राजस्थान पुलिस की SOG टीम कर रही है, जिसका नेतृत्व एडीजीपी विशाल बंसल कर रहे हैं। जांच में यह सामने आया कि परीक्षा से पहले लगभग 410 प्रश्नों वाला एक सेट छात्रों तक पहुंचा था।
गेस पेपर और असली परीक्षा में समानता के आरोप
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस गेस पेपर में से लगभग 180 में से 135 प्रश्न असली परीक्षा से मेल खाते पाए गए। खासकर रसायन विज्ञान के 45 प्रश्न और बायोलॉजी के कई सवाल हूबहू परीक्षा में पूछे जाने का दावा किया गया है। कुछ रिपोर्टों में यह भी सामने आया है कि परीक्षा के कुल 720 अंकों में से लगभग 600 अंकों के सवाल परीक्षा से पहले ही छात्रों तक पहुंच गए थे। इससे परीक्षा की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
लाखों रुपये में बिक्री का दावा
जांच में सबसे चौंकाने वाला पहलू यह सामने आया है कि इस कथित गेस पेपर को परीक्षा से पहले लाखों रुपये में बेचा जा रहा था। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, इसकी कीमत 5 लाख रुपये तक बताई गई, जबकि परीक्षा नजदीक आने पर यह 30 हजार रुपये तक में भी उपलब्ध कराया गया। हालांकि, पुलिस अभी इस बात की जांच कर रही है कि क्या वास्तव में यह कोई संगठित रैकेट था या केवल अफवाह और फर्जी सामग्री का मामला।
कितने लोग जांच के घेरे में?
अब तक राजस्थान और उत्तराखंड से 13 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है। इनमें सीकर, झुंझुनूं और देहरादून जैसे इलाकों के संदिग्ध शामिल हैं।पुलिस और SOG टीम लगातार मोबाइल फोन, चैट रिकॉर्ड, बैंक लेनदेन और कोचिंग संस्थानों से जुड़े नेटवर्क की जांच कर रही है। जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि क्या यह केवल एक गेस पेपर का मामला है या फिर परीक्षा से जुड़े प्रश्नों की वास्तविक लीकिंग हुई है।
NTA का रुख और छात्रों के लिए निर्देश
National Testing Agency ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा दोबारा आयोजित की जाएगी और इसकी तारीख जल्द घोषित की जाएगी। साथ ही, एडमिट कार्ड और अन्य अपडेट आधिकारिक नोटिफिकेशन के जरिए जारी किए जाएंगे। एजेंसी ने यह भी कहा है कि दोबारा परीक्षा के लिए छात्रों को नए सिरे से आवेदन करने की जरूरत नहीं होगी और न ही कोई अतिरिक्त फीस ली जाएगी। NTA ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक वेबसाइट पर जारी जानकारी पर ही भरोसा करें और सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों से दूर रहें।