Falguni Pathak: डांडिया क्वीन ने क्यों नहीं की शादी? टॉमबॉय लुक के पीछे छिपी है दिलचस्प कहानी

Falguni Pathak: फाल्गुनी पाठक का इन दिनों जबरदस्त क्रेज देखने को मिल रहा है, ऐसे में आइए आपको उनकी जिंदगी से जुड़े कुछ अनसुने किस्से बताते हैं।

Update:2026-10-20 07:10 IST

Falguni Pathak

Falguni Pathak: नवरात्रि हो और फाल्गुनी पाठक के गानों की धूम न हो, ऐसा हो ही नहीं सकता। नवरात्रि चल रही है और इसी के साथ ही फाल्गुनी पाठक का नाम भी सुर्खियों में आ गया है, उनके गानों पर लोग जमकर डांडिया खेल रहें हैं। वहीं। फाल्गुनी पाठक भी इन दिनों लाइव परफॉर्मेंस देने में काफी व्यस्त चल रहीं है। भले ही आज फाल्गुनी पाठक के नए गाने नहीं रिलीज हो रहें हैं, उनके पुराने गाने ही धूम मचाए हुए हैं। अपनी सुरीली आवाज और शानदार गरबा परफॉर्मेंस से लाखों दिलों पर राज करने वाली फाल्गुनी पाठक की लोकप्रियता आज भी बरकरार है। चलिए इसी बीच हम आपको बताते हैं कि आखिर फाल्गुनी पाठक ने शादी क्यों नहीं की? और उनके खास टॉमबॉय लुक के पीछे की कहानी क्या है?

फाल्गुनी पाठक ने क्यों नहीं की शादी?

फाल्गुनी पाठक 57 साल की हैं, लेकिन आज तक वे कुंवारी ही हैं, यहां तक की आक तक उनके अफेयर की खबरें भी नहीं आईं। ऐसे में हर कोई जानना चाहता है कि आखिर फाल्गुनी पाठक ने शादी क्यों नहीं की? फाल्गुनी पाठक इसका खुलासा खुद कर चुकीं हैं, उन्होंने एक्ट्रेस करिश्मा तन्ना के चैट शो में शादी न करने के बारे में बात की। फाल्गुनी पाठक ने बताया कि वह बचपन से ही संगीत से जुड़ी रही हैं और संगीत उनके जीवन का बेहद अहम हिस्सा है। फाल्गुनी ने कहा, "मैंने संगीत से शादी कर ली है।"


फाल्गुनी पाठक ने बहुत ही कम उम्र में गायन शुरू कर दिया था, जब वे महज 9 साल की थी, तभी से संगीत से जुड़ी हुईं हैं। उन्होंने कहा कि बचपन से ही उन्होंने खुद को पूरी तरह संगीत को समर्पित कर दिया था, जिस वजह से उनका ध्यान कभी दूसरी चीजों पर गया ही नहीं। संगीत ही एकमात्र ऐसी चीज है जिससे वह दिल से जुड़ी हुई हैं और संगीत के व्यस्त शेड्यूल के कारण उनके पास बाकी चीजों के लिए कभी समय ही नहीं बचा।

फाल्गुनी पाठक का म्यूजिक करियर

फाल्गुनी पाठक को बचपन से ही म्यूजिक से लगाव हो गया था, दरअसल उनके घर पर रेडियो पर पुराने हिंदी गाने बजते रहते थे, जिसे सुनकर म्यूजिक के लिए उनका प्यार बढ़ता गया। फाल्गुनी पाठक ने महज 9 साल की उम्र में एक स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम में फिल्म 'कुर्बानी' का गाना 'लैला मैं लैला' गाया था, जिसके लिए उन्हें 25 रुपए मिले थे। वहीं साल 1987 से उन्होंने अपने संगीत करियर की शुरुआत की, साल 1989 में उन्होंने 'द बीटरज' (The Beatruz) नाम के बैंड के साथ काम किया और फिर 1994 में अपना खुद का गरबा बैंड 'ता थैया' (Ta Thaiyaa) बनाया। फाल्गुनी का पहला म्यूज़िक एल्बम साल 1998 में रिलीज़ हुआ, उनके पहले म्यूजिक एल्बम का नाम 'याद पिया की आने लगी' था, जो आज भी लोगों का पसंदीदा है।


टॉमबॉय लुक के पीछे की दिलचस्प कहानी?

फाल्गुनी पाठक के लुक को लेकर कई तरह की बातें होती रहती हैं, उनका लुक खूब सुर्खियां बटोरता है, कई सवाल भी उठते हैं कि फाल्गुनी पाठक हमेशा टॉमबॉय के लुक में ही क्यों रहतीं है? उनके इस लुक के पीछे की इंट्रेस्टिंग कहानी है, जिसके मुताबिक, फाल्गुनी के माता-पिता चार बेटियों के जन्म के बाद उम्मीद लगाए बैठे थे कि इस बार उनके घर में बेटा होगा, लेकिन पांचवीं संतान भी बेटी (फाल्गुनी) हुईं। ऐसे में उनके माता-पिता और बड़ी बहनों ने उनका दिल रखने और बेटे की कमी महसूस न होने देने के लिए फाल्गुनी को बचपन से ही लड़कों की तरह पालना शुरू कर दिया। बचपन में उनकी बड़ी बहनें उन्हें लड़कों के कपड़े पैंट-शर्ट पहनाती थीं और नाई के पास ले जाकर उनके बाल भी छोटे करवा देती थीं। ऐसे में बचपन से ही उनका पहनावा लड़कों जैसा हो गया, उन्हें दूसरे तरह के कपड़े पहनने की आदत नहीं हुई, हालांकि स्कूल के दिनों में एक-दो बार फ्रॉक या लहंगा पहनने की कोशिश की थी, लेकिन उन्हें वे कपड़े आरामदायक नहीं लगे, और उन्होंने अपना टॉमबॉय वाला लुक हमेशा के लिए अपना लिया। आज के समय में यही टॉमबॉय लुक उन्हें एक अलग पहचान देता है, जो सबसे अलग दिखता है।



 


Tags:    

Similar News