Bharat Bhhagya Viddhaata Review: कंगना रनौत की फिल्म भारत भाग्य विधाता कैसी है, जानिए

Bharat Bhhagya Viddhaata X Review : कंगना रनौत की फिल्म भारत भाग्य विधाता आज रिलीज हो चुकी है, चलिए जानते हैं दर्शकों को कितनी आने वाली है पसंद

Update:2026-06-12 07:33 IST

Kangana Ranaut Movie Bharat Bhhagya Viddhaata Review In Hindi (Image Credit-Social Media)

Bharat Bhhagya Viddhaata Review: कंगना रनौत एक बार फिर से बड़े पर्दे पर वापसी करने जा रही है। कंगना रनौत जोकि एक्ट्रेस के साथ ही साथ सांसद भी हैं। लेकिन वो अपने दोनों कार्यों को बखूबी से निभाती है। कुछ समय पहले उनको इमरजेंसी में देखा गया था। जिसमें उन्होंने इंदिरा गाँधी का किरदार प्ले किया था। लेकिन उनकी ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कुछ खास प्रदर्शन नहीं कर पाई। इस फिल्म को लेकर विवाद भी देखने को मिले थे। तो वहीं अब जाकर एक बार फिर से वास्तविक घटनाओं पर आधारित फिल्म Bharat Bhhagya Viddhaata लेकर आ रही है। जिसकी स्पेशल स्क्रिनिंग दिल्ली में की गई। जहाँ पर दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने फिल्म की तारीफ की और दिल्ली में इसे टैक्स फ्री कर दिया। बता दे कि ये फिल्म मुंबई में हुए आतंकी हमलों पर आधारित है। जिसमें उस अस्पताल की कहानी को दर्शाया गया है, जहाँ के स्टाफ ने अपने जान की परवाह किए बिना वहाँ के लोगों की जान बचाई थी। आज फिल्म सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। चलिए जानते हैं कंगना रनौत की Bharat Bhhagya Viddhaata दर्शकों को कितनी पसंद आने वाली है। 

कंगना रनौत मूवी भारत भाग्य विधाता रिव्यू (Kangana Ranaut Movie Bharat Bhhagya Viddhaata Review In Hindi)-

भारत भाग्य विधाता फिल्म में मुंबई के कामा अस्पताल के कर्मचारियों के व्यस्त और अक्सर निराशाजनक जीवन को दर्शाता है। मरीजों की देखभाल के साथ-साथ, उन्हें पारिवारिक अपेक्षाओं और अपने काम के प्रति सराहना की कमी का भी सामना करना पड़ता है। कंगना रनौत का किरदार उनकी निराशा को इस तरह व्यक्त करता है, "जब आपका अपना परिवार ही आपका सम्मान नहीं करता, तो आप बाहरी लोगों से क्या उम्मीद कर सकते हैं?" उनकी रोज़मर्रा की परेशानियाँ तब नाटकीय मोड़ लेती हैं जब पास के सीएसएमटी स्टेशन पर आतंकवादी हमले की खबर आती है और घायल और डरे हुए लोग अस्पताल में आने लगते हैं।

हालात बिगड़ते जा रहे हैं, अस्पताल के अधिकारी नियमों और प्रक्रियाओं का पालन करने की कोशिश करते हैं, लेकिन कंगना का किरदार सवाल उठाता है कि आतंकी हमले के दौरान ऐसे प्रोटोकॉल का कोई महत्व है या नहीं, अस्पताल में नवजात शिशुओं, गर्भवती महिलाओं और कमजोर मरीजों की भारी भीड़ होने के बावजूद, कर्मचारी खतरे के बावजूद वहीं रुकने का फैसला करते हैं। हमलावरों के अस्पताल में घुसते ही बिजली गुल हो जाती है, ऐसे में नर्सें मरीजों की रक्षा करने, घायलों को स्थानांतरित करने और अंधेरे में भी जरूरी सेवाएं जारी रखने के लिए मजबूर हो जाती हैं। फिल्म भारत भाग्य विधाता एक गहन जीवन रक्षा नाटक में बदल जाती है, जो एक अकल्पनीय संकट में फंसे स्वास्थ्यकर्मियों के साहस और दृढ़ संकल्प को उजागर करता है।

कंगना रनौत द्वारा अभिनीत इस फिल्म का निर्माण मनोज तापड़िया द्वारा किया गया है। तो वहीं इस फिल्म में कंगना रनौत के अलावा गिरिजा ओक, स्मिता तांबे, आशा शेलार, प्रिया अरुण बर्दे, ईशा डे और अन्य शामिल हैं। फिल्म दर्शकों को कितनी पसंद आने वाली है, ये तो देखने लायक होगा। कंगना रनौत की फिल्म भारत भाग्य विधाता की टक्कर आज मनोज बाजपेयी की फिल्म गवर्नर, इम्तियाज अली की फिल्म मैं वापस आऊंगा और हांडेट 3डी से है। 

भारत भाग्य विधाता के बारे में पहले ही दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता बता चुकी हैं कि कैसी फिल्म है। मीडिया से बात करते हुए दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, "भारत भाग्य विद्धता एक बेहतरीन फिल्म है और इसका विषय बेहद प्रासंगिक है। फिल्म यह संदेश देती है कि समर्पण, सेवा और देशभक्ति सिर्फ वर्दीधारियों तक ही सीमित नहीं है। यह हमारे देश के सभी नागरिकों के भीतर मौजूद है। और जब सबसे ज्यादा जरूरत होती है, तो हर भारतीय देश की मदद के लिए आगे आता है। असली भारत भाग्य विद्धता हमारे देश के नागरिक हैं। मैं जनता से फिल्म देखने का आग्रह करती हूं।"

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