Nana Patekar का नाम कैसे पड़ा नाना? बड़ी दिलचस्प है कहानी, पढ़ें
Nana Patekar Name Story: नाना पाटेकर का नाम "नाना" कैसे पड़ा, आइए इसके पीछे की दिलचस्प कहानी बताते हैं।
Nana Patekar Name Story
Nana Patekar Name Story: बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर अब हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन अपनी दमदार आवाज, शानदार अभिनय और यादगार किरदार के जरिए वे हमेशा हमारे दिलों में जिंदा रहेंगे। नाना पाटेकर के निधन के बाद उनकी जिंदगी से जुड़े कई किस्से चर्चाओं में हैं, चाहे वह उनकी निजी जिंदगी से जुड़े हुए हों या फिर प्रोफेशनल लाइफ से। इन्हीं सब किस्सों में से एक बेहद दिलचस्प कहानी उनके नाम से जुड़ी हुई है, जी हां! क्या आप जानते हैं कि ‘नाना पाटेकर’ को नाना नाम किसने दिया? यदि नहीं! तो आइए हम आपको यहां बताते हैं।
क्या था नाना पाटेकर का असली नाम?
नाना पाटेकर का असली नाम क्या था, यह आपमें से बहुत कम लोगों को पता होगा, क्योंकि वे दुनिया भर में नाना पाटेकर के नाम से ही जाने जाते थे। बता दें कि नाना पाटेकर का असली नाम विश्वनाथ गजानन पाटेकर था। फिल्मी दुनिया में आने के बाद जिस नाम से उन्हें देश-दुनिया में पहचान मिली, वह नाम उन्हें बचपन में ही मिल गया था।
नाना पाटेकर ने अपने नाम के पीछे का दिलचस्प किस्सा खुद सुनाया था, उन्होंने बताया था कि उनकी मां की एक बेहद करीबी दोस्त थीं, जिन्हें वह अपनी बहन जैसा मानती थीं। वह बचपन में विश्वनाथ को प्यार से "नाना" कहकर बुलाया करती थीं। धीरे-धीरे यही नाम घर और आसपास के लोगों की जुबान पर चढ़ गया और विश्वनाथ के साथ हमेशा के लिए जुड़ गया, उनका नाम नाना इस तरह पड़ गया कि उनके असली नाम "विश्वनाथ" का नामो निशान मिट गया।
स्कूल में ‘विशु’ नाम से बुलाते थे लोग
नाना पाटेकर को भले ही अब दुनिया भर में नाना के नाम से जाना जाता है, लेकिन बचपन में और स्कूली शिक्षा के दौरान उन्हें लोग विश्वनाथ कहकर ही बुलाते थे, वहीं प्यार से लोग उन्हें विशु कहा करते थे। वहीं घर के लोगों के बीच उन्हें नाना ही कहा जाता था।
"नाना पाटेकर" ही बन गया उनका असली नाम
नाना पाटेकर का बचपन का यह निक नेम इतना मशहूर हुआ कि उन्होंने अपने इसी नाम को अपना आधिकारिक पहचान भी बना लिया। उन्होंने खुद बताया था कि पासपोर्ट, आधार कार्ड और दूसरे सभी दस्तावेजों में भी उनका नाम विश्वनाथ गजानन पाटेकर नहीं, बल्कि नाना पाटेकर के नाम से ही दर्ज है। नाना पाटेकर को खुद नाना नाम बेहद पसंद था, यही वजह है कि उन्होंने विश्वनाथ से बदलकर अपना नाम नाना रख दिया।