हिमाचल में आफत की बरसात! स्कूल बंद, रास्ते धंसे, 39 की मौत, पहाड़ बना 'कब्रगाह'
Himachal Rains: मानसून आते ही हिमाचल प्रदेश में भूस्खलन, मूसलाधार बारिश और मौत का आंकड़ा अब डर की कहानियां सुना रहा है।
Himachal Rains
Himachal Rains: मानसून आते ही हिमाचल प्रदेश पर आसमान से मौत बरसने लगी है। बादलों ने जो कहर ढाया है, उससे हर पहाड़ी रास्ता अब डर की कहानियां सुना रहा है। भूस्खलन, मूसलाधार बारिश और मौत का आंकड़ा, सब कुछ मिलकर हिमाचल को आपदा की आगोश में धकेल चुके हैं। कई जिलों में बारिश का कहर इस तरह है कि मौसम विभाग ने रेल अलर्ट जारी किया है।
स्कूल बंद, अलर्ट जारी; चार जिलों में रेड जोन जैसा माहौल
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने कांगड़ा, मंडी, सिरमौर और सोलन जिलों को लेकर रेड अलर्ट जारी कर दिया है। हालात इतने खराब हैं कि सरकार ने सभी स्कूलों को बंद कर दिया है। साथ ही मौसम विभाग ने 5 जुलाई तक कई इलाकों में तबाही वाली बारिश की चेतावनी है।
हिमाचल में अब तक 39 मौतें
पिछले 24 घंटे में बारिश के कारण तीन और जानें चली गई है, और अब तक मानसून शुरू होते ही कुल 39 लोगों की मौत हो चुकी है। ऊना और बिलासपुर में लोग पानी में बह गए, तो शिमला में एक शख्स की मौत ऊंचाई से गिरने से हुई। कांगड़ा में कुछ दिन पहले बादल फटने से 5 लोगों की जान चली गई थी। अभी मृतकों की संख्या में बढ़ोतरी होने की आंशका है।
हिमाचल का हर कोना डरा रहा
शिमला-कालका रेललाइन पर भारी मलबा और पेड़ गिरने से ट्रेन सेवाएं घंटों ठप रहीं। भट्टाकुफर इलाके में 5 मंजिला इमारत पूरी की पूरी धरती निगल गई। गनीमत रही कि कोई हताहत नहीं हुआ। एनएच-5 (शिमला-चंडीगढ़) हाईवे पर कोटी के पास लैंडस्लाइड से सड़क टूट चुकी है, जिसके चलते यहां 2-3 किलोमीटर लंबा जाम लगा है।
मनाली जाने वालों को सरकार ने दी चेतावनी
राज्य सरकार ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों को चेतावनी जारी करते हुए साफ कह दिया है कि मनाली की तरफ यात्रा ना करें, रास्ते मौत की ओर ले जा सकते हैं।