Jharkhand Rajya Sabha Election: बैद्यनाथ की जीत पक्की, परिमल-प्रणव में फंसा पेंच, आज हो रहा फैसला

Jharkhand Rajya Sabha Election: चुनावी मुकाबला केवल दो सीटों तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे राज्य में सत्तारूढ़ INDIA गठबंधन और विपक्षी एनडीए की राजनीतिक ताकत तथा विधायकों की एकजुटता की परीक्षा के रूप में देखा जा रहा है।

Update:2026-06-18 10:49 IST

Jharkhand Rajya Sabha Election

Jharkhand Rajya Sabha Election: झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के लिए मतदान के बीच राजनीतिक माहौल बेहद गर्म है। चुनावी मुकाबला केवल दो सीटों तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे राज्य में सत्तारूढ़ INDIA गठबंधन और विपक्षी एनडीए की राजनीतिक ताकत तथा विधायकों की एकजुटता की परीक्षा के रूप में देखा जा रहा है। राज्यसभा चुनाव में कुल तीन उम्मीदवार मैदान में हैं। झारखंड मुक्ति मोर्चा के बैद्यनाथ राम, कांग्रेस के प्रणव झा और भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नथवानी के बीच मुकाबला है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पहली सीट पर बैद्यनाथ राम की जीत लगभग तय मानी जा रही है, जबकि दूसरी सीट के लिए कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा और एनडीए समर्थित परिमल नथवानी के बीच कड़ा संघर्ष देखने को मिल सकता है।

विधानसभा का गणित क्या कहता है?

81 सदस्यीय झारखंड विधानसभा में राज्यसभा चुनाव जीतने के लिए किसी भी उम्मीदवार को 28 प्रथम वरीयता मतों की आवश्यकता होती है। वर्तमान में INDIA गठबंधन के पास 56 विधायक हैं, जबकि एनडीए के खाते में 24 विधायक हैं। संख्या बल के आधार पर महागठबंधन दोनों सीटों पर जीत का दावा कर रहा है। यदि गठबंधन के सभी विधायक एकजुट रहते हैं और मतदान में कोई तकनीकी त्रुटि नहीं होती, तो उसके लिए दोनों सीटें जीतना आसान हो सकता है। हालांकि राजनीतिक चुनाव केवल आंकड़ों का खेल नहीं होते और कई बार क्रॉस वोटिंग या वोटों के अमान्य होने से पूरे समीकरण बदल जाते हैं।

क्यों अहम है दूसरी सीट का मुकाबला?

राज्यसभा चुनाव में मतदान प्रक्रिया सामान्य चुनावों से अलग होती है। इसमें खुला मतदान होता है और विधायकों को अपनी पार्टी के अधिकृत एजेंट को वोट दिखाना होता है। ऐसे में किसी भी तरह की गलती या अनुशासनहीनता चुनावी नतीजों को प्रभावित कर सकती है।इसी वजह से दूसरी सीट पर मुकाबला बेहद रोचक माना जा रहा है। चर्चा है कि यह चुनाव केवल संख्या बल से नहीं, बल्कि विधायकों की निष्ठा और गठबंधन की एकजुटता से तय होगा। दोनों पक्षों ने अपने विधायकों को एकजुट रखने के लिए विशेष रणनीति बनाई है।

उम्मीदवारों के पक्ष में वोटों का गणित

बैद्यनाथ राम

झामुमो उम्मीदवार बैद्यनाथ राम को विधानसभा में पार्टी और सहयोगी दलों का मजबूत समर्थन प्राप्त है। यदि उन्हें झामुमो और गठबंधन के अपेक्षित वोट मिलते हैं, तो वे आसानी से 28 वोटों का आंकड़ा पार कर सकते हैं। उनकी जीत के बाद बचे अतिरिक्त वोट कांग्रेस उम्मीदवार के पक्ष में जा सकते हैं।

प्रणव झा

कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा की जीत पूरी तरह INDIA गठबंधन की एकजुटता पर निर्भर है। यदि महागठबंधन के सभी 56 विधायक तय रणनीति के अनुसार मतदान करते हैं, तो बैद्यनाथ राम की जीत के बाद बचने वाले वोट प्रणव झा को दूसरी सीट दिला सकते हैं।

परिमल नथवानी

भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नथवानी के पास एनडीए के 24 विधायकों का समर्थन है। जीत के लिए उन्हें कम से कम चार अतिरिक्त वोटों की जरूरत होगी। ऐसे में उनकी उम्मीदें क्रॉस वोटिंग या वरीयता मतों के बदलते समीकरणों पर टिकी हैं।

दोनों खेमों की किलेबंदी

चुनाव से पहले INDIA गठबंधन और एनडीए दोनों ने अपने-अपने विधायकों को एकजुट रखने के लिए विशेष इंतजाम किए। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अगुवाई में महागठबंधन ने लगातार बैठकें कीं और नए विधायकों को मतदान प्रक्रिया की जानकारी देने के लिए मॉक पोल भी कराया। वहीं एनडीए ने अपने विधायकों को रांची के एक होटल में ठहराया और मतदान प्रक्रिया का प्रशिक्षण दिया। भाजपा नेताओं की मौजूदगी में विधायकों को मतदान नियमों की विस्तृत जानकारी दी गई ताकि कोई वोट अमान्य न हो।

शाम तक साफ होगी तस्वीर

राज्यसभा चुनाव के लिए मतदान सुबह 9 बजे शुरू हुआ और शाम 4 बजे तक चलेगा। मतदान के बाद रिपोर्ट चुनाव आयोग को भेजी जाएगी। आयोग की अनुमति मिलने के बाद शाम करीब 5 बजे मतगणना शुरू होगी। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह चुनाव केवल राज्यसभा की दो सीटों का फैसला नहीं करेगा, बल्कि झारखंड में गठबंधनों की मजबूती, विधायकों की निष्ठा और भविष्य की राजनीतिक दिशा का भी संकेत देगा।

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