FIFA World Cup 2026: भारतीय मूल के 4 खिलाड़ी दुनिया के सबसे बड़े मंच पर, जानिए कौन हैं ये सितारे
Fifa World Cup 2026 Players: 2026 फीफा विश्व कप का जादू दुनिया भर में छाया हुआ है। अफसोस कि भारत इस महान आयोजन में शामिल नहीं है।
Fifa World Cup 2026 Indian Origin Players
Fifa World Cup 2026 Players: 2026 फीफा विश्व कप का जादू दुनिया भर में छाया हुआ है। अफसोस कि भारत इस महान आयोजन में शामिल नहीं है। सन 50 में विश्व कप खेलने का मौका गंवाने के बाद भारत आज तक विश्व कप में खेलने के लिए क्वालीफाई नहीं कर पाया है। अब तो इसकी चर्चा तक नहीं होती।
फिर भी, 2026 का आयोजन भारतीय फुटबॉल प्रशंसकों के लिए एक अतिरिक्त आकर्षण ले कर आया है। इस बार पहला मौका है जब एक ही विश्व कप आयोजन में भारतीय मूल के चार खिलाड़ी अलग अलग देशों की टीम से खेल रहे हैं। ये खिलाड़ी हैं: सरप्रीत सिंह (न्यूज़ीलैंड), निशान वेलुपिल्लई (ऑस्ट्रेलिया), सैमुएल मौतुस्स्वामी (डीआर कांगो) और तहसीन मोहम्मद जमशीद (कतर)। इन खिलाड़ियों की विश्व फलक पर मौजूदगी भारतीय प्रवासी समुदाय की फुटबॉल ताकत का एक बड़ा संकेत है।
सरप्रीत सिंह: जर्मनी से विश्व कप तक
सरप्रीत सिंह की जड़ें पंजाब में जालंधर से हैं। लेकिन खुद उनका जन्म ऑकलैंड में हुआ था। सरप्रीत पहले भारतीय मूल के खिलाड़ी थे जिन्होंने जर्मनी की शीर्ष लीग में दिग्गज क्लब एफसी बायर्न म्युनिख के लिए खेला। अब वह न्यूज़ीलैंड की राष्ट्रीय टीम 'ऑल व्हाइट्स' के प्रमुख मिडफील्डर हैं। विश्व कप 2026 में 16 जून को ईरान के खिलाफ न्यूज़ीलैंड के पहले मुकाबले में सरप्रीत सिंह बतौर सब्स्टीट्यूट मैदान पर उतरे। मुकाबला 2-2 से ड्रॉ रहा और न्यूज़ीलैंड ने टूर्नामेंट की शुरुआती बड़ी सरप्राइज टीमों में जगह बनाई।
निशान वेलुपिल्लई: ऑस्ट्रेलिया का नया स्टार
निशान वेलुपिल्लई की मां एंग्लो-इंडियन हैं जबकि पिता श्रीलंकाई तमिल मूल के हैं। निशान ऑस्ट्रेलिया की टीम में विंगर पोजीशन से खेलते हैं। पिछले दो वर्षों में घरेलू लीग में शानदार प्रदर्शन के बाद उन्होंने राष्ट्रीय टीम में जगह बनाई। विश्व कप क्वालिफायर राउंड में निशान ने बेहतरीन प्रदर्शन किया था।
विश्व कप डेब्यू की बात करें तो ऑस्ट्रेलिया ने अपने पहले मैच में तुर्किये को 2-0 से हराया। इस मैच में निशान दूसरे हाफ में मैदान पर उतरे और टीम की जीत में योगदान दिया।
सैमुअल मौतुस्स्वामी: डीआर कांगो के सुपरफास्ट मिडफील्डर
सैमुअल एक तमिल भारतीय मूल के परिवार से आते हैं। उन्होंने फ्रांस के शीर्ष क्लबों में लम्बे समय तक खेलने के बाद ग्रीस की सुपर लीग में भी खेला है। 2026 विश्व कप में सैमुएल डी आर कांगो की टीम के सदस्य हैं। डीआर कांगो ने 17 जून को पुर्तगाल को 1-1 को बराबरी पर रोककर टूर्नामेंट का बड़ा उलटफेर किया। सैमुएल ने पूरे 90 मिनट खेलते हुए मिडफील्ड संभाला। इस ड्रा के साथ डीआर कांगो ने अपना पहला विश्व कप अंक हासिल किया।
तहसीन मोहम्मद जमशीद: कन्नूर का बेटा
तहसीन मोहम्मद के माता-पिता केरल के कन्नूर जिले से हैं। तहसीन ने 19 साल की उम्र में कतर की विश्व कप टीम में जगह बनाकर इतिहास रच दिया। तहसीन कतर के प्रमुख क्लब अल दुहैल एससी के लिए खेलते हैं।
तहसीन का जन्म और पालन पोषण भले ही कतर में हुआ लेकिन उनकी खेल से जुड़ी पहचान केरल के मालाबार क्षेत्र की फ़ुटबॉल की परंपराओं से से जुड़ी है। तहसीन के पिता जमशीद थाचनकंडी खुद एक बेहतरीन फ़ुटबॉलर रह चुके हैं। जमशीद ने कालीकट यूनिवर्सिटी के लिए खेला और 1985 में भारतीय फ़ुटबॉल के दिग्गजों के साथ केरल की सब-जूनियर टीम का प्रतिनिधित्व किया। जमशीद केरल के कन्नूर ज़िले के तटीय शहर थलासेरी से हैं, जो फ़ुटबॉल के साथ अपने ऐतिहासिक लगाव के लिए मशहूर है। वह 1996 में अकाउंटेंट के तौर पर काम करने के लिए कतर चले गए थे।
2026 से पहले पुरुष विश्व कप में भारतीय मूल के सिर्फ एक खिलाड़ी ने हिस्सा लिया था जिसका नाम था विकाश धोरासू। फ्रांस के लिए खेलने वाले धोरासू की पैतृक जड़ें आंध्र प्रदेश के एक साधारण तेलुगु परिवार से जुड़ी थीं। उन्होंने 2006 विश्व कप में दो मैच खेले और फ्रांस के साथ उपविजेता बने।