आखिर क्यों नीली से भगवा हो गई Indian Men's Hockey Team की जर्सी? Hockey India ने बताई वजह

India Hockey Team Jersey: FIH विश्व कप से पहले भारतीय पुरुष और महिला हॉकी टीम की नई भगवा जर्सी को लेकर विवाद तेज हो गया है। हॉकी इंडिया ने रंग बदलने की तकनीकी वजह बताते हुए कहा कि यह फैसला खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ की सलाह पर लिया गया है।

Update:2026-07-30 13:18 IST

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India Hockey Team Jersey: भारतीय पुरुष हॉकी टीम (Indian Men's Hockey Team) और भारतीय महिला हॉकी टीम (Indian Women's Hockey Team) अगले महीने नीदरलैंड (Netherlands) और बेल्जियम (Belgium) में होने वाले एफआईएच विश्व कप (FIH World Cup) में अपनी पारंपरिक नीली जर्सी (Blue Jersey) की जगह भगवा यानी केसरिया रंग (Saffron Jersey) की जर्सी पहनकर मैदान में उतरेगी। इस फैसले को लेकर विवाद शुरू हो गया है। अब हॉकी इंडिया (Hockey India) ने इस पूरे मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए जर्सी का रंग बदलने की असली वजह बताई है।

खिलाड़ियों की सलाह पर लिया गया फैसला

हॉकी इंडिया ने कहा है कि जर्सी का रंग बदलने का फैसला सपोर्ट स्टाफ (Support Staff) और खिलाड़ियों (Players) के साथ विस्तृत चर्चा और उनकी सलाह के बाद लिया गया है।

संस्था के मुताबिक इस बदलाव की सबसे बड़ी वजह तकनीकी (Technical Reason) थी। हॉकी इंडिया का कहना है कि पारंपरिक नीली जर्सी नीली सिंथेटिक प्लेइंग सतह (Blue Synthetic Playing Surface) के साथ घुल-मिल जाती थी। अब यही सतह अंतरराष्ट्रीय हॉकी पिचों (International Hockey Pitches) का मानक रंग बन चुकी है।

हॉकी इंडिया के अनुसार, एक जैसे रंग होने की वजह से खिलाड़ियों को मैदान पर एक-दूसरे को साफ-साफ देखने में दिक्कत होती थी। इसी कारण जर्सी का रंग बदलने की जरूरत महसूस की गई।

क्यों चुना गया केसरिया रंग?

हॉकी इंडिया ने बताया कि इस समस्या को देखते हुए कोच (Coach) और खिलाड़ियों ने पीले (Yellow) या केसरिया (Saffron) जैसे दूसरे रंगों का सुझाव दिया था।

विस्तृत विचार-विमर्श के बाद आखिरकार केसरिया रंग को अंतिम रूप दिया गया। संस्था का कहना है कि यह रंग तकनीकी जरूरत को पूरा करने के साथ-साथ भारतीय राष्ट्रीय ध्वज (Indian National Flag) का भी हिस्सा है। केसरिया रंग साहस (Courage), त्याग (Sacrifice) और राष्ट्रीय गौरव (National Pride) का प्रतीक माना जाता है।

पहले भी कई बार बदल चुकी है जर्सी

हॉकी इंडिया ने यह भी स्पष्ट किया कि भारतीय हॉकी टीम (Indian Hockey Team) की जर्सी का रंग बदलना कोई नई बात नहीं है। समय-समय पर जरूरत और परिस्थितियों के हिसाब से राष्ट्रीय टीम की प्लेइंग किट (Playing Kit) में बदलाव किए जाते रहे हैं।

संस्था ने बताया कि साल 2014 के एफआईएच हॉकी विश्व कप (2014 FIH Hockey World Cup) के दौरान भारतीय टीम ने पीले रंग की जर्सी पहनी थी। इसके बाद 2018 के एफआईएच हॉकी विश्व कप (2018 FIH Hockey World Cup) में टीम की जर्सी का रंग बदलकर आसमानी नीला (Sky Blue) कर दिया गया था। उस समय जर्सी का डिजाइन भी पूरी तरह अलग था।

हॉकी इंडिया का कहना है कि इस बार केसरिया रंग को तकनीकी फीडबैक और राष्ट्रीय ध्वज में उसके प्रतीकात्मक महत्व, दोनों को ध्यान में रखकर चुना गया है।

डिजाइन में दिखेगी भारतीय संस्कृति की झलक

नई केसरिया जर्सी में कई खास डिजाइन एलिमेंट (Design Elements) शामिल किए गए हैं। हॉकी इंडिया के मुताबिक यह जर्सी सिर्फ रंग बदलने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें भारत की सांस्कृतिक पहचान और राष्ट्रीय गौरव को भी प्रमुखता दी गई है।

जर्सी की डिजाइन "एक भारत, श्रेष्ठ भारत" (Ek Bharat Shreshtha Bharat) की भावना को दर्शाने के उद्देश्य से तैयार की गई है। इसमें मंडला प्रेरित पैटर्न (Mandala Inspired Pattern) का इस्तेमाल किया गया है, जो भारत की सांस्कृतिक विरासत को दर्शाता है।

जर्सी में गहरे नेवी ब्लू (Navy Blue) रंग के हिस्से अशोक चक्र (Ashoka Chakra) से प्रेरित हैं, जो प्रगति, शांति और एकाग्रता का प्रतीक माने जाते हैं। वहीं छाती पर आधुनिक शैली में सुदर्शन चक्र (Sudarshan Chakra) का ग्राफिक बनाया गया है, जो ताकत, एकता और गति का संदेश देता है।

तिरंगे की झलक और सफेद किट भी होगी साथ

नई जर्सी के कंधों और किनारों पर तिरंगे (Tricolour) की पाइपिंग दी गई है, जिससे राष्ट्रीय पहचान और गौरव को और मजबूत किया गया है।

इसके अलावा "इंडिया" (INDIA) की ब्रांडिंग को देवनागरी प्रेरित स्टाइलिश डिजाइन में तैयार किया गया है, ताकि देश की भाषाई और सांस्कृतिक विविधता को भी प्रदर्शित किया जा सके।

हॉकी इंडिया ने यह भी बताया कि केसरिया जर्सी के अलावा भारतीय टीम के पास एक वैकल्पिक सफेद जर्सी (White Jersey) भी होगी, जिसमें यही सभी डिजाइन एलिमेंट शामिल रहेंगे।

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