RIP टेस्ट क्रिकेट'! कोलकाता पिच पर भड़के हरभजन सिंह; सिर्फ 2 दिन में मैच खत्म होने पर वॉन और फिंच ने भी उठाए सवाल

IND vs SA: हरभजन सिंह ने कोलकाता टेस्ट की पिच की कड़ी आलोचना की, क्योंकि मैच सिर्फ दो दिनों में खत्म हो गया। माइकल वॉन और एरॉन फिंच ने भी इस विकेट पर सवाल उठाए और कहा कि ऐसी पिचें टेस्ट क्रिकेट के संतुलन को नुकसान पहुंचाती हैं।

Update:2025-11-17 12:41 IST

IND vs SA Test: कोलकाता टेस्ट की पिच इस समय सबसे बड़ा मुद्दा बन गई है। भारत और साउथ अफ्रीका के बीच खेला गया मुकाबला दो दिनों में ही लगभग खत्म जैसी स्थिति में पहुंच गया, और इसी वजह से क्रिकेट फैंस से लेकर दिग्गज खिलाड़ियों तक, हर कोई इस पिच की आलोचना कर रहा है। मैच की चारों पारियों में सिर्फ टेम्बा बावुमा ही ऐसे बल्लेबाज रहे, जिन्होंने अर्धशतक लगाया। बाकी सभी बल्लेबाज रन बनाने के लिए संघर्ष करते रहे। इसी वजह से पूर्व भारतीय क्रिकेटर हरभजन सिंह काफी नाराज़ दिखे और उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा— “RIP टेस्ट क्रिकेट”।

पिच ने टेस्ट क्रिकेट की खूबसूरती छीनी

हरभजन सिंह ने एक्स पर पोस्ट करते हुए साफ कहा कि ऐसी पिचें टेस्ट क्रिकेट की खूबसूरती खत्म कर देती हैं। उन्होंने लिखा कि भारत बनाम साउथ अफ्रीका टेस्ट दूसरे दिन ही खत्म होने की कगार पर पहुंच गया था, जो टेस्ट फॉर्मेट के लिए बिल्कुल सही नहीं है। इसके बाद उन्होंने एक वीडियो जारी कर अपनी बात और विस्तार से समझाई। भज्जी ने कहा कि यह समस्या नई नहीं है, बल्कि कई सालों से ऐसी पिचें बनती आ रही हैं, जिन पर मैच समय से पहले खत्म हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि टीम भले ही ऐसे मैच जीत जाए, लेकिन इससे खिलाड़ी और टेस्ट क्रिकेट— दोनों का नुकसान होता है। हरभजन ने साफ कहा कि असली टेस्ट क्रिकेट तभी होता है, जब बल्लेबाज और गेंदबाज दोनों को बराबर मौका मिले। लेकिन कोलकाता की पिच पर बल्लेबाजों को टिकना ही मुश्किल हो रहा था। उन्होंने यह भी कहा कि अगर बल्लेबाज पिच की वजह से आउट हों, न कि गेंदबाज की काबिलियत से, तो इसे टेस्ट क्रिकेट की जीत नहीं कहा जा सकता.

कोलकाता की पिच बेकार

केवल हरभजन ही नहीं, कई विदेशी खिलाड़ी भी इस पिच पर सवाल उठा चुके हैं। इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन ने भी दूसरे दिन ही पोस्ट करते हुए कहा कि "कोलकाता की पिच बिल्कुल बेकार है।" उनका कहना था कि ऐसा विकेट टेस्ट क्रिकेट की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाता है। ऑस्ट्रेलिया के पूर्व क्रिकेटर एरॉन फिंच ने भी पिच पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि एक तरफ उन्हें यह देखना मजेदार लगता है कि बल्लेबाजों को स्पिन गेंदबाजों का सामना करना कितना कठिन हो रहा है और फील्डर्स चारों ओर घेरकर खड़े हैं, लेकिन दूसरी तरफ यह सवाल भी उठता है कि क्या ऐसी पिचों पर टेस्ट क्रिकेट अपना संतुलन खो रहा है?

इन विवादों ने एक बार फिर यह चर्चा शुरू कर दी है कि क्या भारत में तैयार की जाने वाली पिचें टेस्ट क्रिकेट की असली भावना को कमजोर कर रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर मैच ढाई या तीन दिनों में ही खत्म होने लगे, तो टेस्ट क्रिकेट की सुंदरता और रोमांच दोनों खत्म हो जाते हैं। कोलकाता टेस्ट ने साफ कर दिया कि अब समय आ गया है जब पिच तैयार करने के तरीके पर गंभीरता से विचार करना होगा, ताकि बल्लेबाज और गेंदबाज दोनों को अपनी क्षमताओं को दिखाने का पूरा मौका मिल सके और टेस्ट क्रिकेट अपनी असली चमक के साथ आगे बढ़ सके।

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