Barrierless Toll FASTag Rules: गलती हुई तो कटेगा डबल टोल, जानें नियम

Barrierless Toll FASTag Rules: के तहत कम बैलेंस, अमान्य FASTag या गलत तरीके से लगे टैग पर ई-नोटिस और डबल टोल का सामना करना पड़ सकता है।

Update:2026-08-16 13:50 IST

Barrierless Toll FASTag Rules: Mistakes Can Lead to Double Toll

Barrierless Toll Plaza FASTag Rules: हाईवे पर अब टोल प्लाजा पार करना पहले से आसान होने जा रहा है। गाड़ी रोकने, कैश देने या बैरियर खुलने का इंतजार करने की जरूरत नहीं होगी। कैमरे और FASTag की मदद से वाहन की पहचान होगी और टोल की प्रक्रिया अपने आप पूरी हो जाएगी। लेकिन इस सुविधा के साथ ही कुछ ऐसा भी है जिसके प्रति आपको बहुत ज्यादा अलर्ट रहने की जरूरत है। असल में FASTag में कम बैलेंस, खराब या अमान्य टैग लेकर चलना अब जेब पर भारी पड़ सकता है। भारत में Multi-Lane Free Flow (MLFF) यानी बैरियरलेस टोलिंग की शुरुआत हो चुकी है। मई 2026 में गुजरात के चोरयासी टोल प्लाजा पर देश का पहला MLFF सिस्टम शुरू किया गया था। इस व्यवस्था में वाहन बिना रुके गुजरते हैं और FASTag तथा Automatic Number Plate Recognition (ANPR) कैमरों की मदद से टोल वसूला जाता है।

FASTag में बैलेंस नहीं तो आएगा ई-नोटिस

बैरियरलेस टोल का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि टोल दिए बिना गाड़ी निकल जाएगी। अगर वाहन का FASTag वैध नहीं है, काम नहीं कर रहा है या उसमें पर्याप्त बैलेंस नहीं है, तो वाहन की पहचान नंबर प्लेट के जरिए की जा सकती है। ऐसी स्थिति में वाहन मालिक को ई-नोटिस भेजा जाएगा। सरकार के नए नियमों के मुताबिक ई-नोटिस जारी होने के बाद वाहन मालिक के पास 72 घंटे का समय होता है। इस दौरान सामान्य टोल शुल्क जमा करने पर अतिरिक्त शुल्क नहीं लगेगा। लेकिन 72 घंटे की समयसीमा खत्म होने के बाद भुगतान करने पर संबंधित वाहन श्रेणी के सामान्य टोल का दोगुना शुल्क देना पड़ सकता है।

ई-नोटिस सिर्फ मैसेज नहीं, इसे नजरअंदाज करना महंगा होगा

ई-नोटिस में वाहन की जानकारी, टोल पार करने की तारीख और जगह तथा बकाया राशि जैसी जानकारी दी जाती है। यह नोटिस SMS, ईमेल या अन्य इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से भेजा जा सकता है और निर्धारित ऑनलाइन पोर्टल पर भी उपलब्ध कराया जाता है।

यानी बैरियर नहीं दिखने का मतलब यह नहीं है कि सिस्टम ने वाहन को रिकॉर्ड नहीं किया। ANPR कैमरे वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर पढ़ सकते हैं और FASTag सिस्टम से मिली जानकारी के साथ उसे जोड़ा जा सकता है।

72 घंटे में शिकायत भी कर सकते हैं

अगर आपको लगता है कि टोल गलत तरीके से वसूला गया है, FASTag काम कर रहा था या तकनीकी समस्या की वजह से भुगतान नहीं हो पाया, तो ई-नोटिस को चुपचाप भरने की जरूरत नहीं है। नियमों के तहत ई-नोटिस जारी होने के 72 घंटे के भीतर शिकायत या आपत्ति दर्ज की जा सकती है।

NHAI के मुताबिक FASTag से जुड़ी शिकायतों के लिए 1033 हेल्पलाइन भी उपलब्ध है। गलत कटौती, ब्लैकलिस्टिंग और अन्य FASTag संबंधी मामलों में शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।

बकाया नहीं चुकाया तो वाहन संबंधी काम अटक सकते हैं

नए नियमों में बकाया टोल की वसूली को वाहन के रिकॉर्ड से जोड़ने की व्यवस्था भी की गई है। NHAI के अनुसार यदि ई-नोटिस का भुगतान नहीं किया जाता है, तो कुछ परिस्थितियों में FASTag ब्लैकलिस्ट होने के साथ VAHAN पर वाहन से जुड़ी सेवाओं पर भी प्रतिबंध लगाया जा सकता है। मार्च 2026 में जारी नियमों के मुताबिक 15 दिन से ज्यादा समय तक बकाया रहने पर, और कोई शिकायत लंबित नहीं होने की स्थिति में, राशि VAHAN सिस्टम में दर्ज की जा सकती है।

इसका असर भविष्य में वाहन से जुड़े कामों पर पड़ सकता है। इसलिए ई-नोटिस को नजरअंदाज करने के बजाय समय रहते उसका निपटारा करना बेहतर है।

FASTag लगाते समय भी रखें सावधानी

सिर्फ FASTag में पैसा रखना ही काफी नहीं है। FASTag को वाहन की फ्रंट विंडशील्ड पर सही तरीके से चिपकाना भी जरूरी है। NHAI पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि विंडशील्ड पर सही तरीके से चिपका हुआ FASTag न होने पर डबल टोल वसूला जा सकता है और टैग को ब्लैकलिस्ट भी किया जा सकता है। लंबी यात्रा से पहले FASTag का बैलेंस जरूर जांचें। यह भी देखें कि टैग ब्लैकलिस्ट या हॉटलिस्ट तो नहीं है और वही FASTag उसी वाहन के रजिस्ट्रेशन नंबर से जुड़ा है। इस छोटी-सी सावधानी से ई-नोटिस और डबल टोल जैसी परेशानी से बचा जा सकता है। बैरियरलेस टोलिंग का मकसद सफर को तेज और आसान बनाना है, लेकिन नई व्यवस्था में जिम्मेदारी भी वाहन मालिक की बढ़ गई है। इसलिए हाईवे पर बिना रुके निकलने से पहले यह जरूर सुनिश्चित कर लें कि FASTag वैध है, विंडशील्ड पर सही लगा है और उसमें पर्याप्त बैलेंस है।

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