Jio का 6G प्लान तैयार! 2030 में भारत की एंट्री पर कंपनी ने क्या कहा?

Jio 6G Technology: जियो ने 6जी तकनीक को लेकर अपनी तैयारी और भविष्य की योजनाएं पेश की हैं। जानिए 2030 के लक्ष्य, नई तकनीक और एआई सेवाओं से जुड़ी खास बातें।

Update:2026-10-09 14:55 IST

Jio 6G Technology

Jio 6G Technology: भारतीय टेलीकॉम कंपनी जियो ने 6जी तकनीक की तैयारी तेज कर दी है। कंपनी का दावा है कि वर्ष 2030 में जब दुनिया 6जी के स्टैंडर्ड फाइनल करेगी, तब भारत इसे रोलआउट करने वाले शुरुआती देशों में शामिल होगा। जियो ने अपना प्री-6जी स्टैक और गीगा मीमो रेडियो भी तैयार किया है। इन तकनीकों को दिल्ली में आयोजित इंडिया मोबाइल कांग्रेस (IMC) 2026 में प्रदर्शित किया गया है।

5G से पांच गुना तक ज्यादा हो सकती है 6G की क्षमता

जियो के मुताबिक, 6जी नेटवर्क की क्षमता मौजूदा 5जी के मुकाबले पांच गुना तक ज्यादा हो सकती है। वहीं, लेटेंसी को करीब 10 गुना कम करने का लक्ष्य है। आसान भाषा में समझें तो इससे नेटवर्क एक साथ ज्यादा डेटा और अधिक यूजर्स को संभाल सकेगा। साथ ही, किसी कमांड का जवाब मिलने में लगने वाला समय भी काफी कम हो सकता है। डेटा स्पीड बढ़ने का भी फायदा मिलेगा।

कंपनी के अनुसार, इन तकनीकी सुधारों का लाभ रियल टाइम एआई, होलोग्राफिक वीडियो, मेडिकल, एजुकेशन और दूसरी नई डिजिटल सेवाओं में देखने को मिल सकता है।

 IMC 2026 में गीगा मीमो रेडियो का प्रदर्शन

इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 में जियो की ओर से प्रदर्शित गीगा मीमो रेडियो कंपनी की 6जी तैयारी का अहम हिस्सा है। जियो इसे भारत का पहला गीगा मीमो रेडियो बता रहा है। इसके साथ एक कॉमन बेसबैंड यूनिट भी प्रदर्शित की गई, जो 5जी और 6जी दोनों के लिए काम कर सकती है।

 6G पेटेंट और ग्लोबल स्टैंडर्ड्स पर भी जोर

6जी की तैयारी केवल नेटवर्क की क्षमता बढ़ाने और लेटेंसी घटाने तक सीमित नहीं है। इसके वैश्विक मानक और तकनीक तैयार करने में भागीदारी भी अहम होगी। जियो के मुताबिक, कंपनी ने 8,000 से ज्यादा पेटेंट फाइल किए हैं, जिनमें सैकड़ों पेटेंट 6जी से जुड़े हैं। इसके अलावा, कंपनी ने ग्लोबल स्टैंडर्ड्स में 934 से ज्यादा योगदान देने का दावा किया है।

AI सेवाओं को तेज करने की तैयारी

जियो के अनुसार, 6जी नेटवर्क पर एआई सेवाओं का रिस्पॉन्स और तेज हो सकता है। इसका फायदा उन सेवाओं में मिल सकता है, जहां तुरंत जानकारी या जवाब की जरूरत होती है। कंपनी ने किसानों, डॉक्टरों और छात्रों तक एआई आधारित सेवाएं पहुंचाने को इसके संभावित इस्तेमाल के तौर पर पेश किया है।

जियो भविष्य के नेटवर्क को एआई नेटिव और क्वांटम सेफ बनाने की दिशा में भी काम कर रहा है। इसका उद्देश्य तेज नेटवर्क के साथ सुरक्षा को भी मजबूत बनाए रखना है।

हार्डवेयर से ग्लोबल स्टैंडर्ड्स तक विस्तार की योजना

जियो की कोशिश केवल 6जी नेटवर्क शुरू करने तक सीमित नहीं है। कंपनी हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर, पेटेंट और ग्लोबल स्टैंडर्ड्स, चारों मोर्चों पर अपनी मौजूदगी बढ़ाना चाहती है। जियो अपने इस विजन को ‘इंडियाज 6जी इन द मेकिंग’ और ‘फ्रॉम इंडिया टू द वर्ल्ड’ के रूप में पेश कर रहा है।

कंपनी के मुताबिक, 6जी की दिशा में ये प्रयास भारत को भविष्य की दूरसंचार तकनीक विकसित करने और वैश्विक मानकों में भागीदारी बढ़ाने के लिए तैयार करने का हिस्सा हैं।

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