Hero becomes king: ओला को झटका, दोपहिया बाजार में हीरो की बादशाहत
Two-wheeler sales surge in India: त्योहारों की रौनक, GST राहत और बढ़ती डिमांड से अक्टूबर में टू-व्हीलर की बिक्री ने रिकॉर्ड तोड़ा, हीरो मोटोकॉर्प बना नंबर वन, ओला की बिक्री घटी।
Two-wheeler sales surge in India
भारत का टू-व्हीलर बाजार हमेशा से ऑटो सेक्टर की रीढ़ रहा है। डेली आवागमन के लिए गांव-गांव तक बाइक और स्कूटर लोगों की जरूरत बन चुके हैं। अक्टूबर 2025 का महीना इस इंडस्ट्री के लिए बेहद खास साबित हुआ। त्योहारों की रौनक, सरकार की टैक्स रियायतें और बढ़ती खरीदारी ने मिलकर दोपहिया वाहनों की बिक्री को नए रिकॉर्ड तक पहुंचा दिया। आइए जानते हैं कौन-कौन सी कंपनियां रही टॉप पर और किसे लगा है बड़ा झटका-
फेस्टिव सीजन और GST कटौती से बाजार में बढ़ी बिक्री
अक्टूबर महीने में नवरात्र, दशहरा, धनतेरस और दिवाली जैसे त्योहारों के चलते देशभर के ऑटो शोरूम्स में खरीदारों की भीड़ उमड़ पड़ी। लोगों ने नए वाहन को त्योहारी सीजन पर घर लाना शुभ मानते हुए जमकर खरीदारी की। केंद्र सरकार द्वारा टू-व्हीलर्स पर जीएसटी दरों में कमी (28% से घटाकर 18%) किए जाने का फायदा भी सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचा। कीमतों में राहत और आसान फाइनेंसिंग स्कीम्स की वजह से आम लोगों ने बिना हिचकिचाहट नई बाइक और स्कूटर खरीदे। इसी का नतीजा रहा कि अक्टूबर 2025 में कुल 31,49,846 यूनिट्स टू-व्हीलर्स बिके। जो पिछले साल के मुकाबले 51.76% ज्यादा है।
हीरो मोटोकॉर्प ने बनाया नया रिकॉर्ड
इस बार भी हमेशा की तरह टू-व्हीलर सेगमेंट की बादशाहत Hero MotoCorp के नाम ही साबित हुई। कंपनी ने अक्टूबर में रिकॉर्ड-तोड़ प्रदर्शन करते हुए 9,94,787 यूनिट्स की बिक्री की, जो पिछले साल के मुकाबले 72.20% की ग्रोथ है। Splendor Plus और HF Deluxe जैसी बाइक्स अब भी ग्रामीण इलाकों में सबसे ज्यादा पसंद की जा रही हैं। कंपनी ने इस महीने अपनी अब तक की सबसे ज्यादा मासिक बिक्री दर्ज की और नंबर-वन पोजिशन को मजबूती से कायम रखा।
होंडा की Activa और Shine पर ग्राहकों ने दिखाया भरोसा
Honda Motorcycle and Scooter India (HMSI) ने अक्टूबर में शानदार प्रदर्शन किया। कंपनी ने 8,21,976 यूनिट्स बेचीं, जो सालाना आधार पर 47.78% की ग्रोथ है। होंडा की सबसे ज्यादा बिकने वाली स्कूटर Activa ने फिर से बाजार में धूम मचाई, जबकि CB Shine जैसी बाइक्स ने मिड-रेंज ग्राहकों को अपनी ओर खींचा। कंपनी अब इलेक्ट्रिक स्कूटर सेगमेंट में भी उतर रही है, जिससे आने वाले महीनों में होंडा की पकड़ और मजबूत हो सकती है।
टीवीएस, बजाज और रॉयल एनफील्ड ने भी दिखाई ताकत
TVS Motor Company ने भी इस बार शानदार प्रदर्शन किया। कंपनी ने 5,58,075 यूनिट्स की बिक्री करते हुए 57.82 प्रतिशत की ग्रोथ दर्ज की। Jupiter, Apache और Raider जैसे मॉडल्स ग्राहकों की पहली पसंद बने हुए हैं, वहीं इलेक्ट्रिक स्कूटर TVS iQube की मांग भी बढ़ रही है। Bajaj Auto ने भी दमदार वापसी की है। कंपनी की बिक्री 3,23,713 यूनिट्स रही, जो पिछले साल से करीब 40 प्रतिशत ज्यादा है। ग्रामीण इलाकों में Pulsar और Platina जैसे मॉडल्स ने बाजाज को मजबूती दी।
Royal Enfield ने भी अपने क्लासिक और एडवेंचर बाइक्स से बाजार में धमाल मचाया। कंपनी ने 1,44,615 यूनिट्स बेचकर 47.32 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की। Hunter 350 और Himalayan 450 जैसी बाइक्स की जबरदस्त डिमांड बनी हुई है।
इलेक्ट्रिक सेगमेंट में बदला खेल - Ola गिरी, Ather और Ampere चमके
जहां पेट्रोल-बेस्ड बाइक्स में तेजी देखी गई, वहीं इलेक्ट्रिक सेगमेंट में तस्वीर थोड़ी उलटी रही। Ather Energy ने इस बार कमाल किया और 28,101 यूनिट्स बेचकर 72.95 प्रतिशत की ग्रोथ दर्ज की। इसके मुकाबले Ola Electric की बिक्री में भारी गिरावट आई। कंपनी की बिक्री 61.68 प्रतिशत घटकर 16,036 यूनिट्स पर सिमट गई। जिसके पीछे वजह डिलीवरी में देरी, आफ्टर-सेल्स सर्विस की कमी और कमजोर नेटवर्क आदि रहीं।
इसके उलट, Greaves Electric Mobility की Ampere ब्रांड ने धमाकेदार प्रदर्शन किया। Ampere की बिक्री 3,990 से बढ़कर 7,629 यूनिट्स तक पहुंच गई, यानी 91.20 प्रतिशत की जबरदस्त ग्रोथ दर्ज की।
पिछले महीने क्यों बढ़ी टू-व्हीलर की डिमांड
इस बार टू-व्हीलर की बिक्री बढ़ने के पीछे कई वजहें रहीं। इसका सबसे बड़ा कारण रहा त्योहारों का सीजन, जब लोग नई चीजें खरीदने को शुभ मानते हैं। सरकार की ओर से टैक्स में राहत और कंपनियों द्वारा दिए गए फेस्टिव ऑफर्स ने बाजार में रौनक बढ़ा दी। ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ती आय और रोजगार के अवसरों ने भी मांग को सहारा दिया। वहीं पेट्रोल की कीमतों में स्थिरता और आसान लोन स्कीम्स ने ग्राहकों को और प्रोत्साहित किया।
दो पहिया वाहन मार्केट में आगे की चुनौतियां और उम्मीदें
हालांकि अक्टूबर का महीना रिकॉर्ड ब्रेकिंग रहा, लेकिन आगे कंपनियों को कई चुनौतियों से जूझना होगा। इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर अभी भी सीमित है। Ola जैसी कंपनियों को ग्राहक भरोसा दोबारा जीतने की जरूरत है। साथ ही, उत्पादन में चिप्स और पार्ट्स की कमी जैसी समस्याएं अब भी पूरी तरह खत्म नहीं हुईं।
फिर भी, बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सरकार की नीति समर्थन जारी रही और कंपनियां इन्वेंटरी और सर्विस नेटवर्क को मजबूत करें, तो आने वाले महीनों में टू-व्हीलर इंडस्ट्री एक और ऐतिहासिक स्तर छू सकती है।
डिस्क्लेमर:
इस आलेख में दिए गए आंकड़े और जानकारी विभिन्न ऑटो इंडस्ट्री रिपोर्ट्स पर आधारित हैं। आंकड़ों में मामूली अंतर संभव है। लेख का उद्देश्य केवल सूचनात्मक है।