Aligarh News: अलीगढ़ में सरकारी भोजन जांच तेज, डीएम ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश

Aligarh News: अलीगढ़ में अस्पताल, आंगनबाड़ी और स्कूलों के भोजन की जांच होगी। गड़बड़ी मिलने पर जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई और एफआईआर की चेतावनी दी गई है।

Update:2026-08-23 18:19 IST

 अलीगढ़ में सरकारी भोजन जांच तेज, डीएम ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश (Photo- Newstrack)

Aligarh News: जिले में सरकारी थाली में गड़बड़ी करने वालों के दिन अब लद गए हैं। जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने साफ कह दिया है कि मरीज हो, आंगनबाड़ी का बच्चा हो या स्कूल का छात्र - थाली में सिर्फ शुद्ध, सुरक्षित और पौष्टिक खाना ही परोसा जाएगा। गुणवत्ता में जरा भी चूक हुई तो सीधे कठोर कार्रवाई होगी।

दरअसल, मामला जिला अस्पताल से शुरू हुआ। मुख्य चिकित्सा अधिकारी से रिपोर्ट तलब की गई तो खुलासा हुआ कि अस्पताल की रसोई से लिए गए खाने के सैंपल जांच में असुरक्षित पाए गए थे। डीएम ने तुरंत एक्शन लेते हुए पुराने ठेकेदार की सेवा खत्म करा दी और मरीजों का खाना न रुके, इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था कराते हुए नए सेवा प्रदाता को काम सौंप दिया।

खाने की नियमित जांच के आदेश 

इसी कार्रवाई के बाद डीएम अविनाश कुमार ने पूरे जिले के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग को आदेश दिया है कि सिर्फ अस्पताल ही नहीं, बल्कि सभी आंगनबाड़ी केंद्रों, परिषदीय विद्यालयों, कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों और सरकारी प्रशिक्षण केंद्रों में भी खाने की नियमित जांच की जाए।

डीएम ने कहा, "जहां भी खाना बनता या बंटता है, वहां कच्चे माल की क्वालिटी से लेकर रसोई की सफाई, बर्तनों की धुलाई और खाने को रखने के तरीके तक, हर चीज की निगरानी जरूरी है।"

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है। कि जरूरत पड़ने पर बिना बताए सैंपल लेकर लैब में जांच कराई जाए। शिकायत का इंतजार न किया जाए, बल्कि रोजाना की निगरानी हो।

अलीगढ़ डीएम ने दो टूक कहा कि अगर कहीं से भी खाने की गुणवत्ता को लेकर शिकायत आती है, तो टीम तुरंत मौके पर पहुंचकर जांच करेगी। शिकायत सही मिली तो संबंधित ठेकेदार या जिम्मेदार कर्मचारी पर FIR से लेकर ब्लैकलिस्ट तक की कार्रवाई होगी।

भोजन सिर्फ पेट भरना नहीं, बल्कि स्वास्थ्य और जीवन से जुड़ा मामला है

उन्होंने कहा कि अस्पताल में भर्ती मरीज, स्कूल में पढ़ने वाला बच्चा और प्रशिक्षण ले रहा युवा, सब प्रशासन पर भरोसा करते हैं। उनके लिए भोजन सिर्फ पेट भरना नहीं, बल्कि स्वास्थ्य और जीवन से जुड़ा मामला है। इसलिए इसमें लापरवाही को गंभीर अपराध माना जाएगा।

खाद्य विभाग को अब हर सप्ताह रिपोर्ट डीएम कार्यालय में देनी होगी कि कहां-कहां जांच हुई और क्या खामियां मिलीं। डीएम अविनाश कुमार ने बर्तनों, गैस चूल्हों और खाना बनाने की जगह की विशेष सफाई पर भी जोर दिया है।

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