Aligarh News: स्वास्थ्य विभाग का बड़ा एक्शन, 44 झोलाछाप क्लीनिक बंद, कई पर एफआईआर की तैयारी
Aligarh News: अलीगढ़ में डीएम के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की बड़ी कार्रवाई। 44 अवैध क्लीनिक बंद, कई झोलाछाप डॉक्टरों पर एफआईआर की तैयारी।
Aligarh News(Photo-Social Media)
Aligarh News: जनपद में अवैध रूप से संचालित अस्पतालों, झोलाछाप डॉक्टरों और बिना मानकों के चल रही चिकित्सा इकाइयों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिलाधिकारी अविनाश कुमार के कड़े निर्देशों के बाद स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सक्रिय हो गया है। विभागीय अभियान के तहत अब तक 44 अवैध चिकित्सा इकाइयों को बंद कराया जा चुका है, जबकि 4 अन्य के खिलाफ कार्रवाई प्रस्तावित है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. नीरज त्यागी ने जिलाधिकारी को प्रस्तुत रिपोर्ट में बताया कि जिले में निजी अस्पतालों एवं नर्सिंग होम के पंजीकरण और नवीनीकरण की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन संचालित की जाती है। उन्होंने बताया कि आवेदन प्राप्त होने के बाद चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ की शैक्षिक योग्यता, बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन, प्रदूषण नियंत्रण एवं फायर एनओसी सहित सभी आवश्यक दस्तावेजों की जांच की जाती है। इसके अलावा संबंधित अस्पताल या चिकित्सा इकाई का स्थलीय निरीक्षण और भौतिक सत्यापन भी कराया जाता है। सभी मानक पूरे होने पर ही क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के तहत पंजीकरण या नवीनीकरण जारी किया जाता है।
सीएमओ ने बताया कि विभागीय नोडल अधिकारियों द्वारा लगातार निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम, अल्ट्रासाउंड सेंटर और झोलाछाप चिकित्सकों के खिलाफ निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। एक मई 2025 से अप्रैल 2026 तक 50 बेड से कम क्षमता वाली 359 पंजीकृत चिकित्सा इकाइयों में से 53 का निरीक्षण किया गया, जिनमें से 3 के खिलाफ कार्रवाई की गई। इसी दौरान 166 अपंजीकृत चिकित्सकों का निरीक्षण कर उन्हें नोटिस जारी किए गए। जवाबों की समीक्षा के बाद 19 चिकित्सा इकाइयों को सील करते हुए उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की संस्तुति की गई।
जांच के दौरान 15 मेडिकल स्टोर अवैध रूप से इलाज करते पाए गए, जबकि 29 इकाइयां आयुर्वेदिक एवं यूनानी विभाग के अंतर्गत संचालित मिलीं। वहीं 18 संचालकों ने ऑनलाइन पंजीकरण के लिए आवेदन किया है। स्वास्थ्य विभाग के अभियान में अब तक 44 अवैध चिकित्सा इकाइयों को बंद कराया जा चुका है, जबकि 4 अन्य के खिलाफ कार्रवाई प्रस्तावित है। पीसीपीएनडीटी अधिनियम के तहत जिले में पंजीकृत 166 अल्ट्रासाउंड केंद्रों में से 79 का औचक निरीक्षण किया गया। वहीं 50 बेड से अधिक क्षमता वाले 22 पंजीकृत अस्पतालों में से 12 का निरीक्षण भी किया गया।
जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अधीक्षकों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में भ्रमण कर झोलाछाप चिकित्सा इकाइयों को चिन्हित करें, उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराएं और कार्रवाई का पूरा रिकॉर्ड तैयार करें। डीएम ने स्पष्ट कहा कि आमजन को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और अवैध चिकित्सा इकाइयों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।