Aligarh News: छतों पर सोलर क्रांति, रोज बन रही 1.75 लाख यूनिट हरित बिजली

Aligarh News: प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत अलीगढ़ में 13,228 सोलर रूफटॉप लग चुके हैं। रोज 1.75 लाख यूनिट हरित बिजली बन रही है और लाखों रुपये की बचत हो रही है।

Update:2026-07-31 19:15 IST

छतों पर सोलर क्रांति, रोज बन रही 1.75 लाख यूनिट हरित बिजली (Photo- Newstrack)

Aligarh News: 31 जुलाई। कभी सिर्फ धूप सेंकने वाली घरों की छतें अब बिजली की फैक्ट्री बन चुकी हैं। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना ने जिले में सौर ऊर्जा की ऐसी क्रांति ला दी है। कि अब हजारों परिवार अपनी ही छतों से बिजली पैदा कर रहे हैं। इसका सीधा फायदा बिजली बिल में भारी बचत के रूप में दिखाई दे रहा है।

जिले में अब तक 13,228 सोलर रूफटॉप प्लांट स्थापित किए जा चुके हैं, जिनकी कुल क्षमता 38 मेगावाट से अधिक है। इन संयंत्रों से प्रतिदिन करीब 1.75 लाख यूनिट हरित बिजली का उत्पादन हो रहा है, जिससे उपभोक्ताओं को रोजाना लगभग 10 लाख रुपये के बिजली बिल की बचत हो रही है।

जिला परियोजना अधिकारी अरुण कुमार शर्मा ने बताया कि योजना को लेकर लोगों का उत्साह लगातार बढ़ रहा है। अब तक 21,355 उपभोक्ता पंजीकरण कराने के बाद अधिकृत वेंडरों का चयन कर चुके हैं। जिले में औसतन 60 नए सोलर प्लांट प्रतिदिन लगाए जा रहे हैं। योजना की अवधि 31 मार्च 2027 तक होने के कारण आने वाले समय में सौर ऊर्जा उत्पादन में और तेजी आने की उम्मीद है।

बिजली बिल हुआ हल्का, कई घरों का बिल पहुंचा शून्य

सौर ऊर्जा का सबसे बड़ा असर बिजली बिल पर दिखाई दे रहा है। विद्युत विभाग के अनुसार अलीगढ़ शहर में 159 उपभोक्ताओं का बिजली बिल शून्य से भी कम आया है, जबकि 313 उपभोक्ताओं का बिल पूरी तरह शून्य रहा। इसके अलावा 30 उपभोक्ताओं का बिल 1 से 100 रुपये और 3,118 उपभोक्ताओं का बिल 101 से 500 रुपये के बीच रहा। इससे साफ है। कि सोलर प्लांट लगने के बाद हजारों परिवारों का मासिक बिजली खर्च काफी घट गया है।

सौर ऊर्जा की दौड़ में अलीगढ़ ने बढ़ाई रफ्तार

रूफटॉप सोलर स्थापना के मामले में अलीगढ़ प्रदेश में 14वें स्थान पर पहुंच चुका है, जबकि पिछले एक महीने में सबसे अधिक सोलर सिस्टम लगाने के मामले में जिले ने 8वां स्थान हासिल किया है। यह उपलब्धि बताती है। कि अलीगढ़ तेजी से हरित ऊर्जा की दिशा में आगे बढ़ रहा है। और घरों की छतें अब ऊर्जा उत्पादन का नया केंद्र बनती जा रही हैं।

बचत भी, पर्यावरण संरक्षण भी

सहायक निदेशक सूचना ने बताया कि सोलर रूफटॉप प्लांट से न केवल बिजली बिल में कमी आ रही है, बल्कि पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता भी घट रही है। इससे स्वच्छ, सस्ती और पर्यावरण अनुकूल ऊर्जा को बढ़ावा मिल रहा है। जिला प्रशासन योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार, पात्र उपभोक्ताओं की समयबद्ध स्वीकृति, बैंक ऋण सुविधा और अधिकृत वेंडरों के माध्यम से संयंत्र स्थापना की प्रक्रिया को लगातार गति दे रहा है।

प्रभारी पीओ नेडा अरुण शर्मा के अनुसार योजना का उद्देश्य सिर्फ सोलर प्लांट लगाना नहीं, बल्कि हर परिवार को अपनी छत से बिजली उत्पादन के लिए आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने बताया कि 38 मेगावाट क्षमता का सोलर प्लांट जमीन पर लगाने के लिए लगभग 152 एकड़ भूमि की आवश्यकता होती, लेकिन छतों पर स्थापित संयंत्रों के कारण इतनी भूमि का संरक्षण हुआ है, जिसका उपयोग अन्य विकास कार्यों में किया जा सकता है। अलीगढ़ में बढ़ती सौर क्षमता जिले को हरित ऊर्जा और ऊर्जा संरक्षण की नई पहचान दिला रही है।

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