Ram Mandir Donation Scam: आज रात अयोध्या पहुंचेगी SIT, जांच से पहले चंपत राय बीमार और अनिल मिश्रा शहर से बाहर

Ram Mandir Donation Scam: अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा गबन के कथित मामले ने सियासी हलचल तेज कर दी है। एसआईटी जांच से पहले ट्रस्ट महासचिव चंपत राय के अस्वस्थ होने और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा के शहर से बाहर होने की चर्चा है। जांच को लेकर प्रशासन, ट्रस्ट और राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ गई है।

Update:2026-06-14 21:39 IST

Ram Mandir Donation Scam: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में हुए कथित करोड़ों रुपये के चढ़ावा गबन मामले ने अयोध्या का सियासी पारा अचानक चढ़ा दिया है। विशेष जांच दल (एसआईटी) के शहर में कदम रखने से ठीक पहले प्रशासनिक गलियारों में एक अजीब सी बेचैनी देखने को मिल रही है। शहर में सबसे ज्यादा चर्चा ट्रस्ट के दो बेहद प्रभावशाली नामों की हो रही है। जानकारी निकलकर सामने आ रही है कि एसआईटी की पूछताछ शुरू होने से ऐन पहले ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय की तबीयत अचानक बिगड़ गई है। बताया जा रहा है कि उन्हें तेज जुकाम की शिकायत है और उनका शुगर लेवल भी बढ़ गया है।

विनय कटियार की खुली चेतावनी और ट्रस्टियों की गैरमौजूदगी

चंपत राय के अलावा ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा के भी फिलहाल रामनगरी में मौजूद न होने की खबर है। सूत्रों का कहना है कि वे भी अपने स्वास्थ्य कारणों के चलते इलाज के लिए शहर से बाहर गए हुए हैं। इसी उठापटक के बीच फायरब्रांड नेता विनय कटियार के बयानों ने आग में घी डालने का काम किया है। कटियार ने सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि वह कल खुद अयोध्या पहुंच रहे हैं और इस मामले से जुड़े 'चोरों' को खदेड़ेंगे, वरना सभी को जेल जाना पड़ेगा। उनकी इस तीखी धमकी के बाद विश्व हिंदू परिषद तुरंत डैमेज कंट्रोल में जुट गई। विहिप ने जल्दबाजी में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया है। हालांकि, विनय कटियार अब भी अपनी मांग पर अड़े हुए हैं और उन्हें शांत करने के लिए अंदरखाने बातचीत का दौर शुरू हो चुका है।

एसआईटी की दस्तक और रसूखदार चेहरों पर सस्पेंस

चढ़ावे की भारी रकम में कथित हेरफेर और रिकवरी की कोशिशों के बावजूद अब तक इस मामले में कोई आधिकारिक एफआईआर दर्ज नहीं की गई है, जिसने पूरे प्रकरण को और भी ज्यादा संवेदनशील बना दिया है। सूत्रों की मानें तो एसआईटी की टीम आज रात ही अयोध्या पहुंच जाएगी और कल सुबह से कड़ाई के साथ अपनी जांच पड़ताल शुरू कर देगी। अब सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि जांच शुरू होने के बाद चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा जैसे दिग्गज पदाधिकारी एसआईटी के सामने कब और किस तरह पेश होंगे। पूरे शहर की निगाहें इसी बात पर टिकी हैं कि क्या जांच दल की यह कार्रवाई सिर्फ निचले स्तर के कर्मचारियों से पूछताछ तक ही सीमित रहेगी, या फिर ट्रस्ट के बड़े और रसूखदार नामों को भी कड़े सवालों का सामना करना पड़ेगा।

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