Balrampur News: रजिस्ट्रेशन खत्म फिर भी चल रहा मां पाटेश्वरी डायग्नोस्टिक सेंटर, स्वास्थ्य विभाग बेख
Balrampur News: बलरामपुर स्वास्थ्य विभाग की नाक के नीचे बिना मानकों के संचालित हो रहा मां पाटेश्वरी डायग्नोस्टिक सेंटर। रजिस्ट्रेशन समाप्त होने के बाद भी सेवाएं जारी।
Balrampur News(Photo-Social Media)
Balrampur News: बलरामपुर जनपद मुख्यालय के भगवतीगंज क्षेत्र में संचालित मां पाटेश्वरी डायग्नोस्टिक सेंटर पर नियमों की अनदेखी कर संचालन किए जाने का मामला सामने आया है। सूत्रों के अनुसार केंद्र का पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) पूर्व में समाप्त हो चुका है और अभी तक उसका नवीनीकरण नहीं हो सका है। इसके बावजूद डायग्नोस्टिक सेंटर में जांच संबंधी कार्य धड़ल्ले से जारी है।
दैनिक भास्कर टीम द्वारा मामले की पड़ताल के लिए मरीज बनकर केंद्र पर पहुंचा। जांच के दौरान वहां न तो किसी एमबीबीएस चिकित्सक की मौजूदगी मिली और न ही वह लैब टेक्नीशियन उपस्थित पाए गए जिनके नाम पर केंद्र का पंजीकरण कराया गया था। केंद्र पर एक अन्य युवक मरीजों की जांच संबंधी कार्य करता दिखाई दिया।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि केंद्र में निर्धारित मानकों की अनदेखी कर मनमाने तरीके से जांच की जा रही है और मरीजों से मोटी रकम वसूली जा रही है। लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग के नियमों का पालन किए बिना डायग्नोस्टिक सेवाएं संचालित की जा रही हैं, जिससे मरीजों की स्वास्थ्य सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
गौरतलब है कि यह केंद्र मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय से महज करीब दो किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इसके बावजूद लंबे समय से कथित अनियमितताओं के साथ संचालन होने से स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। मामले में जानकारी के लिए केंद्र संचालक चंद्रभान से संपर्क किया गया। उन्होंने अपने दस्तावेज उपलब्ध कराने की बात कही, लेकिन पूछे गए सवालों के अनुरूप वैध और अद्यतन अभिलेख प्रस्तुत नहीं कर सके और ना ही उचित जवाब दे पाए है।
वहीं इस संबंध में सीएमओ कार्यालय में कार्यरत बाबू राजेश कुमार हंस ने बताया कि संबंधित डायग्नोस्टिक सेंटर का पंजीकरण पूर्व में समाप्त हो चुका है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी और यदि अनियमितता पाई जाती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अब सवाल यह है कि जब केंद्र का पंजीकरण समाप्त हो चुका है और निर्धारित कार्मिक भी मौके पर मौजूद नहीं रहते, तो आखिर किस आधार पर डायग्नोस्टिक सेंटर का संचालन किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की जांच और कार्रवाई पर अब सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।