'काफिला रोका, फिर पथराव...' चंद्रशेखर आजाद को जिंदा जलाने की साजिश? सांसद के दावे से मचा हड़कंप!

Chandrashekhar Azad Murder Conspiracy: नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने बाराबंकी में काफिला रोके जाने और पथराव के बाद हत्या की साजिश का दावा किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि हमलावर पेट्रोल-डीजल की बोतलें लेकर उनकी कार जलाने की तैयारी में थे।

Update:2026-09-16 11:40 IST

Chandrashekhar Azad Murder Conspiracy: उत्तर प्रदेश की सियासत में उस वक्त हड़कंप मच गया जब नगीना लोकसभा सीट से सांसद और आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद ने अपनी जान को लेकर एक बहुत बड़ा दावा कर दिया। गोंडा जाने के दौरान बाराबंकी में पुलिस द्वारा रोके जाने, धक्कामुक्की और काफिले पर हुए पथराव के बाद चंद्रशेखर आजाद ने सीधा आरोप लगाया है कि एक फार्म हाउस के भीतर उनकी हत्या की भयानक साजिश रची गई थी। उन्होंने दावा किया कि हमलावर हाथों में पेट्रोल और डीजल से भरी बोतलें लेकर घूम रहे थे और उनकी कार को आग के हवाले करने की पूरी तैयारी थी। सांसद ने सरकार से इस पूरे घटनाक्रम की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है ताकि साजिशकर्ताओं के चेहरे बेनकाब हो सकें।

बाराबंकी में भारी बवाल और धक्कामुक्की

पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब गोंडा में हुए विनोद साहनी हत्याकांड के पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे चंद्रशेखर आजाद के काफिले को यूपी पुलिस ने बाराबंकी सीमा पर ही रोक दिया। इसी दौरान पुलिस और समर्थकों के बीच तीखी झड़प और धक्कामुक्की शुरू हो गई। देखते ही देखते माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया और आरोप है कि कुछ बाहरी उपद्रवियों ने समर्थकों के साथ मारपीट की और सांसद के काफिले पर अचानक पथराव कर दिया। दिनदहाड़े हुई इस घटना ने पूरे राज्य के प्रशासनिक महकमे में खलबली मचा दी है।

सोशल मीडिया पर शेयर किया वीडियो

सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी करते हुए चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि वे लगातार हर मुद्दे पर बेबाकी से जनता की आवाज उठा रहे हैं। चाहे आरक्षण का मामला हो, यूजीसी की नीतियां हों या फिर प्रदेश में लगातार हो रहे अपराध, उनकी पार्टी हर अत्याचार के खिलाफ सबसे आगे खड़ी रही है। उन्होंने कहा कि चाहे रामलखन मौर्य की हत्या हो, विनोद साहनी या रमेश कोहली का मामला हो, या फिर कौशांबी में पाल समाज की बेटी के साथ हुआ अत्याचार—उन्होंने हमेशा पीड़ित परिवार के पास पहुंचकर अन्याय का कड़ा विरोध किया है। सहारनपुर से लेकर बिजनौर तक, उन्होंने हर जगह जाकर कमजोरों और शोषितों की लड़ाई लड़ी है, इसीलिए राजनीतिक विरोधी अब उनकी आवाज को दबाने की घिनौनी कोशिश कर रहे हैं।

विरोधियों को खुली चेतावनी

राजनीतिक घेराबंदी में नाकाम रहने पर हत्या की साजिश रचने का सीधा आरोप लगाते हुए चंद्रशेखर आजाद ने अपने विरोधियों को इशारों-इशारों में कड़ी चेतावनी भी दी। उन्होंने बेहद आक्रामक अंदाज में कहा कि मौत तो एक दिन सभी को आनी है और वे मौत के डर से जीना नहीं सीखे हैं। अगर उनकी मौत किसी के हाथों लिखी होगी तो हो जाएगी, लेकिन अगर विरोधी अपनी इस खौफनाक साजिश में नाकाम रहे, तो वे अपने लोगों की ताकत से ऐसे गुंडों को प्रदेश से पलायन करने पर मजबूर कर देंगे। उन्होंने कहा कि पुलिस जांच से साफ हो जाएगा कि आखिर वो कौन लोग हैं जो पर्दे के पीछे बैठकर यह साजिश रच रहे थे।

सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर उठे सवाल

सांसद चंद्रशेखर आजाद ने राज्य की कानून-व्यवस्था और पुलिस प्रशासन की भूमिका पर बेहद गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि जब जनता द्वारा चुने गए एक मौजूदा सांसद, जिसे सवा पांच लाख से अधिक लोगों का समर्थन मिला है, उसे सुरक्षा घेरे में होने के बावजूद दिन के उजाले में निशाना बनाया जा रहा है, तो आम जनता की सुरक्षा का क्या हाल होगा? अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे पुलिस की मौजूदगी में पत्थरबाजी कर रहे हैं और पेट्रोल लेकर गाड़ियां जलाने घूम रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह व्यवहार दिखाता है कि उपद्रवी खुलेआम उन्हें ही खोज रहे थे, जिसकी निष्पक्ष जांच होना बेहद जरूरी है।

Tags:    

Similar News