आफत या राहत? अब्बास अंसारी मामले में कोर्ट ने सुरक्षित किया निर्णय, हेट स्पीच केस में सुनवाई पूरी

Abbas Ansari Case: साल 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान माफिया मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी ने प्रचार के दौरान भड़काऊ भाषण दिया था।

Update:2025-07-30 17:44 IST

Abbas Ansari Case

Abbas Ansari Case: भड़काऊ भाषण देने के मामले में माफिया मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी की याचिका पर इलाहाबाद उच्च न्यायालय में बुधवार को दोनों पक्षों की सुनवाई पूरी हो गयी। दोनों पक्षों की लगभग एक घंटे तक चली बहस सुनने के बाद हाईकोर्ट ने अपना निर्णय रिजर्व कर लिया है। कोर्ट अपना निर्णय अगले सप्ताह सुनाएगी। न्यायमूर्ति समीर जैन की सिंगल बेंच ने मामले की सुनवाई की। मऊ से पूर्व विधायक अब्बास अंसारी ने एमपी-एमएल स्पेशल कोर्ट से मिली दो साल की सजा को रद्द किये जाने को लेरक याचिका दायर की है।

क्या है पूरा मामला

साल 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान माफिया मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी ने प्रचार के दौरान भड़काऊ भाषण दिया था। एमपी-एमएलए कोर्ट ने अब्बास को इस मामले में दोषी करार देते हुए दो साल की सजा और तीन हजार रुपए का जुर्माना लगाया था। कोर्ट से सजा होने के बाद अब्बास अंसारी को एक जून 2025 को विधायकी से भी हाथ धोना पड़ गया। 5 जुलाई को जिला जज मऊ की कोर्ट में सजा के खिलाफ अब्बास अंसारी ने याचिका दाखिल की लेकिन वहां भी निराशा ही मिली।

जिसके बाद अब्बास अंसारी ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। अब्बास ने हाईकोर्ट में दो साल की सजा पर रोक लगाने के लिए याचिका दायर की। जिस पर बुधवार को सुनवाई पूरी कर ली गयी है। अगर इलाहाबाद उच्च न्यायालय एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट मऊ से अब्बास अंसारी को मिली दो साल की सजा को रद्द कर देती है तो फिर उन्हें बड़ी राहत मिलेगी।

इसके बाद अब्बास अंसारी की विधायकी भी बहाल हो जाएगी। जिससे मऊ की सदर विधानसभा सीट पर उपचुनाव नहीं कराना पड़ेगा। अब इलाहाबाद उच्च न्यायालय का निर्णय अब्बास अंसारी के राजनीतिक भविष्य की दिशा तय करेगा। सभी की निगाहें अब उच्च न्यायालय के निर्णय पर ही टिकी हुई हैं। जिसकी घोषणा संभवतः अगले हफ्ते होगी।

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