Firozabad News: ट्रामा सेंटर में मेडिकल परीक्षण कराने पहुंचे युवक ने लगाया रिश्वत लेने का आरोप
Firozabad News: फिरोजाबाद ट्रॉमा सेंटर में मेडिकल कराने आए युवक ने फार्मासिस्ट पर 5 हजार रुपये लेने का आरोप लगाया, शिकायत के बाद रकम वापस कराई गई।
Firozabad News:फिरोजाबाद जिले के सरकारी ट्रामा सेंटर में मेडिकल परीक्षण कराने आए एक युवक से ड्यूटी पर तैनात फार्मासिस्ट द्वारा 5 हजार रुपये लेने का मामला सामने आया है। शिकायत के बाद मामला अधिकारियों तक पहुंचा, जिसके बाद पीड़ित को उसकी रकम वापस कराई गई। घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े होने लगे हैं और पूरे मामले की जांच जारी है।
पत्नी और मां का मेडिकल कराने पहुंचे थे दीपक
जानकारी के अनुसार थाना लाइनपार क्षेत्र के छारबाग निवासी दीपक सोमवार देर रात अपनी पत्नी और मां का मेडिकल परीक्षण कराने के लिए ट्रामा सेंटर पहुंचे थे। आरोप है कि वहां ड्यूटी पर तैनात फार्मासिस्ट अजय राठौर ने मेडिकल कराने के नाम पर उनसे 5 हजार रुपये ले लिए। इतना ही नहीं, आरोप है कि उनसे 3 हजार रुपये और देने की बात भी कही गई।
दीपक ने जब इस पूरे मामले की शिकायत उच्चाधिकारियों से की तो मामले की जांच शुरू कर दी गई। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों ने हस्तक्षेप किया, जिसके बाद पीड़ित से लिए गए 5 हजार रुपये वापस करा दिए गए।
शिकायत के बाद हरकत में आया प्रशासन
मामला अधिकारियों तक पहुंचने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हलचल मच गई। अस्पताल प्रशासन और संबंधित अधिकारियों की ओर से पूरे प्रकरण की जांच की बात कही गई है। अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित कर्मचारी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले की जांच जारी है और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी पूरे घटनाक्रम की पड़ताल कर रहे हैं।
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने कही जांच की बात
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक नवीन जैन ने मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्होंने सभी जगह फोन किया, लेकिन उनके पास रात से कोई स्पष्ट सूचना नहीं थी, जबकि संबंधित व्यक्ति रात 9 बजे से वहां मौजूद था। उन्होंने कहा कि मेडिकल के नाम पर पैसे लेने का मामला सामने आया है, लेकिन पूरी जांच होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
उन्होंने बताया कि जिसने पैसे दिए उससे भी बात हुई है और जिसको पैसे दिए गए उससे भी बातचीत की गई है। फिलहाल जांच चल रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि पैसे किस वजह से मांगे गए और किन परिस्थितियों में दिए गए। उन्होंने कहा कि मेडिकल के नाम पर किसी भी व्यक्ति को रुपये नहीं देने चाहिए और किसी कर्मचारी को भी ऐसे रुपये नहीं लेने चाहिए।
ट्रामा सेंटर में बाहरी लोगों की मौजूदगी पर भी उठाए सवाल
नवीन जैन ने बातचीत के दौरान यह भी कहा कि मामले में एक पत्रकार की भूमिका सामने आने की बात कही जा रही है, लेकिन उन्होंने नाम उजागर करने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि ट्रामा सेंटर में पत्रकार, दलाल या किसी भी रूप में बाहरी लोगों की मौजूदगी से अव्यवस्था की स्थिति पैदा हो रही है।
उन्होंने बताया कि इस संबंध में जिलाधिकारी और जिला सूचना अधिकारी को भी अवगत कराया गया है। उनका कहना था कि यदि कोई व्यक्ति अस्पताल परिसर में बैठकर उसका नाजायज फायदा उठा रहा है या दलाली कर रहा है तो यह गलत है। ऐसे लोगों को कई बार मौखिक रूप से समझाया भी गया है, लेकिन इसके बावजूद वे अपनी गतिविधियां बंद नहीं कर रहे हैं।
अस्पताल में वीडियो बनाने को लेकर भी दी जानकारी
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने कहा कि अस्पताल में किसी मरीज की निजता का उल्लंघन नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अस्पताल परिसर में किसी का वीडियो बनाने के लिए पहले जिला सूचना अधिकारी, मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल और मुख्य चिकित्सा अधीक्षक से अनुमति लेना आवश्यक है। उनका कहना था कि अस्पताल से जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए प्रशासन स्वयं मीडिया को सूचना उपलब्ध करा सकता है।
फिलहाल मेडिकल परीक्षण के नाम पर रुपये लेने के आरोपों की जांच जारी है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।