Ghazipur News: संजय निषाद ने उठाया सवाल कहा, कमलेश बिंद नहीं था विनीत राय का मुख्य आरोपी
Ghazipur News: योगी सरकार के सहयोगी दल के नेता और मंत्री संजय निषाद ने कमलेश बिन्द के एनकाउंटर को बताया बिंद वोटों पर हमला
Ghazipur News: प्रदेश के काबिना मंत्री व भारतीय जनता पार्टी के सहयोगी संजय निषाद ने विनीत राय हत्या कांड के मुख्य आरोपी कमलेश बिंद के पुलिस एनकाउंटर में मारे जाने के बाद पुलिस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संजय निषाद ने अपने एक बयान में कहा कि कमलेश बिंद विनीत राय की हत्या का आरोपी नहीं है। उनके इस बयान से राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है। संजय निषाद ने कहा कि आगामी चुनाव में भाजपा को भारी नुकसान पहुंच सकता है। मंत्री ने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाया जायेगा।
गाजीपुर पुलिस को करनी चाहिए थी पूछताछ
संजय निषाद ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि मैं दावे के साथ कहता हूं कि विनीत राय हत्या कांड का मुख्य आरोपी कमलेश नहीं है। पुलिस को मुख्य आरोपियों का एनकाउंटर करना चाहिए था। पुलिस इनका एनकाउंटर करके दिखाए। अगर पुलिस को ये लगता है कि कमलेश बिंद विनीत राय हत्याकांड का मुख्य आरोपी है तो पुलिस को कमलेश बिंद को गिरफ्तार कर पूछताछ करनी चाहिए थी। जब पूछताछ होती तो सारी सच्चाई सामने आ जाती और हत्या का राज भी खुल जाता। संजय निषाद ने अपने बयान में कहा कि मृतक कमलेश बिंद की पत्नी ने आरोप लगाया कि कमलेश बिंद को पुलिस पकड़ कर थाने ले गई, उसके साथ मारपीट की। तत्पश्चात उसका एनकाउंटर कर दिया गया।
संजय निषाद ने पुलिस को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि पुलिस स्पष्ट करे, कमलेश बिंद का एनकाउंटर पुलिस ने किन परिस्थितियों में किया। उन्होंने कहा की अपराधियों की कोई जाति नहीं होती, लेकिन हर व्यक्ति की एक जाति विशेष होती है। मंत्री ने कहा कि आज कुछ अधिकारी ऐसे कार्य कर रहे हैं जो मनुष्यता के खिलाफ है। उन्होंने ने पुलिस पर बरसते हुए कहा कि पुलिस जब पहले ही कमलेश बिंद को अपने कस्टडी में ले चुकी थी, तो आत्मरक्षा का नाटक कर कमलेश का एनकाउंटर क्यों किया।
रासुका की बात पर भड़के संजय निषाद
कमलेश बिंद के एनकाउंटर के बाद गाजीपुर में हुए बवाल और रासुका लगाने की तैयारी को लेकर भी संजय निषाद गाजीपुर पुलिस पर भड़के हुए हैं। संजय निषाद ने कहा कि पुलिस की एलआइयू की टीम क्या कर रही थी क्या उनकी टीम ने यह नहीं बताया कि जो अनैतिक कार्य किया गया है, उसके खिलाफ जन आक्रोश होगा, अगर पता था तो पर्याप्त पुलिस बल को तैनात क्यों नहीं किया। उन्होंने अपने बयान में कहा कि अगर हमारे समाज के साथ अन्याय होगा तो मैं कोर्ट का दरवाजा खटखटाऊंगा और मुख्यमंत्री के पास भी जाऊंगा।
संजय निषाद ने गाजीपुर पुलिस से मांगे पांच सवालों के जवाब
पहला सवाल
कमलेश बिंद का एनकाउंटर पुलिस ने किन परिस्थितियों में किया जबकि उसकी पत्नी मीडिया के सामने दावे के साथ कह रही है कि कमलेश को पकड़कर पुलिस थाने ले गई, जहां उसके सामने ही उसको मारा-पीटा गया और इसके बाद एनकाउंटर कर दिया गया । इस बात की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
दूसरा सवाल
क्या भारतीय न्याय व्यवस्था में आरोपी को सरेंडर करने का अधिकार है ही नहीं, पुलिस तो न्यायालय गेट से ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लेती है जो मौलिक अधिकारों का हनन है।
तीसरा सवाल
जब आप जानते थे कि एनकाउंटर के बाद रोष का माहौल बनेगा तो आप ने पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती क्यों नहीं की, आप की एलआइयू की टीम क्या कर रही थी। आप की टीम ने आप को सूचना क्यों नहीं दी कि परिजन व समाज विरोध कर सकता है।
चौथा सवाल
मृतक कमलेश बिंद के शव को ले जाते वक्त आप ने पर्याप्त व्यवस्था क्यों नहीं की।
पांचवां सवाल
गाजीपुर पुलिस अधीक्षक रासुका लगाने की बात कह रहे हैं तो वो पहले संजय निषाद के उपर रासुका लगाएं।
निषाद समाज का अपना इतिहास
उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री संजय निषाद ने कहा की गाजीपुर जनपद में निषाद समाज का एक अलग ही इतिहास है । उन्होंने कहा कि आप रासुका लगाने की बात कह रहे हैं। जो काले कानून की भांति है। उन्होंने कहा कि जब अंग्रेज यहां रहते थे तब भी क्रिमिनल ट्राइब्स एक्ट के तहत ऐसा नहीं हुआ था । उन्होंने गाजीपुर पुलिस को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि अगर आप रासुका लगाएगे तो उत्तर प्रदेश की जेलें छोटी हो जायेंगी।
(मंत्री संजय निषाद ने गाजीपुर पुलिस अधीक्षक को संबोधित करते हुए कहा कि हम आप से ये पूछना चाहते हैं कि जब आप उत्तर प्रदेश के जालौन के कप्तान थे तो आप बताएं उस समय कितने पथराव की घटनाएं हुई हैं और कितनों पर आप ने रासुका लगाया था। यही नहीं जब गाजीपुर जनपद के ही करंडा में विश्वकर्मा मामले में भी पुलिस पर पथराव हुआ था, तब आप ने कितनों पर रासुका के तहत कार्रवाई की है ।अगर आप रासुका लगायेंगे तो हम न्यायालय तक जायेंगे)