Hamirpur News: हमीरपुर के मदारपुर में सड़क निर्माण न होने पर ग्रामीणों का प्रदर्शन: आजादी के 79 साल बाद भी पक्की सड़क का इंतजार
Hamirpur News: हमीरपुर जिले के मदारपुर गांव की तस्वीर आज भी नहीं बदली। देश को आजाद हुए 79 साल बीत चुके हैं, लेकिन मदारपुर गांव के लोग आज भी पक्की सड़क की एक झलक देखने को तरस रहे हैं।
Hamirpur road issue
Hamirpur News: सरकारें आईं और गईं, लेकिन हमीरपुर जिले के मदारपुर गांव की तस्वीर आज भी नहीं बदली। देश को आजाद हुए 79 साल बीत चुके हैं, लेकिन मदारपुर गांव के लोग आज भी पक्की सड़क की एक झलक देखने को तरस रहे हैं।उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र का यह गांव बुनियादी विकास की बुनियादी सुविधाओं से अब भी कोसों दूर है। आज हम आपको मदारपुर गांव की उस जमीनी हकीकत से रूबरू करवाते हैं, जो सरकारी दावों और जमीनी सच्चाई के बीच की गहरी खाई को उजागर करती है।
सड़क नहीं, दलदल है विकास का रास्ता
मदारपुर गांव की हालत यह है कि कुछ ही मीटर की दूरी तय करना भी पहाड़ी रास्ते पर चलने जैसा लगता है। गांव को जोड़ने वाली कोई पक्की सड़क नहीं है। बारिश में यह रास्ता दलदल में तब्दील हो जाता है, जिससे न सिर्फ बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है बल्कि बीमारों को अस्पताल ले जाना भी मुश्किल हो जाता है।
ग्रामीणों का विरोध प्रदर्शन
गांव के हालात से तंग आकर सैकड़ों ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट में पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। नारेबाजी करते हुए ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा और मुख्य सड़क निर्माण की मांग की।ग्रामीणों ने प्रशासन को गांव की स्थिति दिखाने के लिए खुद वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया। वीडियो में दिखाया गया कि कैसे बीमार व्यक्ति को चारपाई पर लादकर कीचड़ भरे रास्ते से मुख्य सड़क तक लाया जाता है। यह वीडियो अब जिलेभर में चर्चा का विषय बना हुआ है और यह प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के लिए एक करारा तमाचा है।
अस्पताल और शिक्षा दोनों प्रभावित
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क न होने से न तो एम्बुलेंस गांव में पहुंच पाती है, और न ही शिक्षक समय से स्कूल आते हैं। गर्भवती महिलाओं और बीमार लोगों को मजबूरन कंधे पर उठाकर मुख्य मार्ग तक लाना पड़ता है।
सरकारी योजनाओं से दूर मदारपुर
बुंदेलखंड क्षेत्र में केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा हजारों करोड़ के विकास पैकेज की घोषणा की गई, लेकिन मदारपुर जैसे गांवों तक उसका कोई लाभ नहीं पहुंचा। मदारपुर गांव आज भी विकास की किरण का इंतजार कर रहा है।
ग्रामीणों की मांग
ग्रामीणों की स्पष्ट मांग है कि जल्द से जल्द उनके गांव की