Hapur News: 14 अगस्त को चलेगा राष्ट्रीय कृमि मुक्ति अभियान, छूटे बच्चों को 18 अगस्त को मिलेगा मौका
Hapur News: हापुड़ में 14 अगस्त को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति अभियान चलाया जाएगा। छूटे बच्चों को 18 अगस्त को कृमिनाशक दवा खिलाने का मौका मिलेगा।
Hapur News(Photo-Social Media)
Hapur News: बच्चों और किशोर-किशोरियों को कृमि संक्रमण से बचाने के लिए जनपद हापुड़ में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस (National Deworming Day) का आयोजन 14 अगस्त 2026 को किया जाएगा। अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग और शिक्षा विभाग के समन्वय से विद्यालयों एवं अन्य चिन्हित स्थानों पर निर्धारित आयु वर्ग के बच्चों और किशोर-किशोरियों को स्वास्थ्य विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुसार Albendazole (कृमिनाशक दवा) का सेवन कराया जाएगा।अभियान का उद्देश्य केवल बच्चों को कृमि संक्रमण से बचाना ही नहीं, बल्कि उनके स्वास्थ्य, पोषण, शारीरिक क्षमता और समुचित विकास को बेहतर बनाना भी है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार कृमि संक्रमण लंबे समय तक रहने पर बच्चों में कमजोरी, खून की कमी, भूख में कमी और कुपोषण जैसी समस्याएं उत्पन्न कर सकता है। इसका असर बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास पर भी पड़ सकता है।
14 अगस्त को स्कूलों में चलेगा विशेष अभियान
राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के तहत 14 अगस्त को जनपद के विद्यालयों तथा अन्य निर्धारित स्थानों पर अभियान चलाया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग एवं शिक्षा विभाग की टीमें आपसी समन्वय से अभियान को सफल बनाने में जुटी हैं।अधिकारियों का प्रयास है कि निर्धारित आयु वर्ग का कोई भी बच्चा अभियान से वंचित न रहे। इसके लिए विद्यालय स्तर पर बच्चों को अभियान के संबंध में जानकारी देने के साथ ही अभिभावकों को भी जागरूक किया जा रहा है।
18 अगस्त को होगा मॉप-अप दिवस
स्वास्थ्य विभाग ने ऐसे बच्चों और किशोर-किशोरियों के लिए भी विशेष व्यवस्था की है, जो 14 अगस्त को किसी कारणवश कृमिनाशक दवा का सेवन नहीं कर पाएंगे। ऐसे बच्चों को 18 अगस्त 2026 को मॉप-अप दिवस के दौरान निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार दवा खिलाई जाएगी।इस व्यवस्था का उद्देश्य अभियान के दौरान छूटे बच्चों को दोबारा अवसर उपलब्ध कराना और अधिक से अधिक बच्चों को कृमि संक्रमण से सुरक्षा प्रदान करना है।
अभिभावकों से की गई खास अपील
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ किशोर आहूजा ने अभिभावकों से अपील की है कि वे राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस को गंभीरता से लें और अपने बच्चों को अभियान में अवश्य शामिल कराएं। उन्होंने कहा कि विद्यालय अथवा स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार बच्चों को कृमिनाशक दवा का सेवन कराया जाए।उन्होंने अभिभावकों से यह भी अपील की कि बच्चों में व्यक्तिगत स्वच्छता की आदतों को बढ़ावा दें। बच्चों को नियमित रूप से हाथ धोने, स्वच्छ भोजन खाने, सुरक्षित पेयजल का इस्तेमाल करने तथा नाखून छोटे और साफ रखने के लिए प्रेरित किया जाए।
स्वच्छता से भी रुकेगा कृमि संक्रमण
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक कृमि संक्रमण से बचाव के लिए केवल दवा ही नहीं, बल्कि साफ-सफाई भी बेहद महत्वपूर्ण है। बच्चों को खाना खाने से पहले और शौचालय के बाद साबुन से हाथ धोने, खुले में गंदगी से बचने और स्वच्छ पानी का इस्तेमाल करने के प्रति जागरूक किया जाएगा।
अफवाहों से बचें, आधिकारिक जानकारी पर करें भरोसा
स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों, शिक्षकों और आमजन से अपील की है कि अभियान को लेकर किसी भी प्रकार की भ्रांति या अफवाह पर ध्यान न दें। बच्चों को दवा स्वास्थ्य विभाग के निर्धारित दिशा-निर्देशों और प्रक्रिया के अनुसार ही दी जाएगी।विभाग ने सभी संबंधित विभागों, शिक्षकों और अभिभावकों से अभियान में सहयोग करने की अपील की है, ताकि जनपद में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस को प्रभावी ढंग से संचालित किया जा सके और कोई भी पात्र बच्चा इस अभियान से छूटने न पाए।