Hardoi News: भरावन में मक्खियों के प्रकोप पर गरमाई सियासत, पर्यावरण मंत्री से मिले अंशू अवस्थी

Hardoi News: हरदोई के भरावन क्षेत्र में मक्खियों के बढ़ते प्रकोप और कथित प्रदूषण के मामले को लेकर कांग्रेस नेता अंशू अवस्थी ने पर्यावरण मंत्री अरुण सक्सेना से मुलाकात कर कार्रवाई की मांग की। मंत्री ने जांच और नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई का आश्वासन दिया।

Update:2026-08-06 16:51 IST

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Hardoi News: हरदोई जिले के भरावन विकासखंड के हयातगंज, पिपरी नारायणपुर सहित आसपास के कई गांवों में मक्खियों के बढ़ते प्रकोप और कथित पर्यावरणीय प्रदूषण का मामला अब राजनीतिक स्तर पर भी चर्चा का विषय बन गया है। लंबे समय से इस समस्या से जूझ रहे ग्रामीणों की शिकायत अब प्रदेश सरकार तक पहुंच गई है। कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता अंशू अवस्थी ने लखनऊ में उत्तर प्रदेश के पर्यावरण मंत्री अरुण सक्सेना से मुलाकात कर प्रभावित ग्रामीणों की ओर से ज्ञापन सौंपा और मामले में तत्काल प्रभावी कार्रवाई की मांग की।अंशू अवस्थी ने मंत्री को बताया कि क्षेत्र में संचालित एक अंडा उत्पादन इकाई से निकलने वाले कथित अपशिष्ट के कारण आसपास के गांवों में मक्खियों की संख्या असामान्य रूप से बढ़ गई है। उनका कहना है कि इस स्थिति का असर केवल लोगों के घरों तक सीमित नहीं है, बल्कि पशुपालन, खेती और दैनिक जीवन भी प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों को भोजन बनाने, खाने और घरों की साफ-सफाई बनाए रखने में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकल सका है

उन्होंने यह भी कहा कि लगातार बढ़ते मक्खियों के प्रकोप से संक्रामक बीमारियां फैलने की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों में बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य को लेकर चिंता बढ़ रही है। प्रभावित गांवों के लोगों का आरोप है कि उन्होंने कई बार स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभागों से शिकायत की, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकल सका है।बताया जा रहा है कि पिछले लगभग एक महीने से किसान संगठनों और ग्रामीणों द्वारा इस मुद्दे को लेकर धरना-प्रदर्शन किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक प्रदूषण और मक्खियों की समस्या का समाधान नहीं होगा, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

इस बीच कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा 'मोना' ने भी पर्यावरण मंत्री को पत्र भेजकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने और प्रभावित गांवों को राहत दिलाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि किसी औद्योगिक इकाई के संचालन से आम लोगों के स्वास्थ्य और पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है तो संबंधित विभागों को तत्काल हस्तक्षेप करना चाहिए।पर्यावरण मंत्री अरुण सक्सेना ने कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और यदि नियमों का उल्लंघन पाया गया तो नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। वहीं अंशू अवस्थी ने कहा कि ग्रामीणों की आवाज को हर स्तर पर उठाया जाएगा और समस्या के समाधान तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।

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