Hardoi News: स्कूल का रास्ता बना दलदल, ग्रामीणों ने लगाया जाम; सांडी-श्रीमऊ मार्ग दो घंटे रहा बाधित
Hardoi News: हरदोई के औरेनी गांव में स्कूल के बदहाल रास्ते और जलभराव से नाराज ग्रामीणों ने सांडी-श्रीमऊ मार्ग पर जाम लगाया, करीब दो घंटे बाद यातायात बहाल हुआ।
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Hardoi News: हरदोई में विकास कार्यों की अनदेखी और प्राथमिक विद्यालय तक जाने वाले रास्ते की बदहाल स्थिति से नाराज औरेनी गांव के ग्रामीणों ने शनिवार को सांडी-श्रीमऊ मार्ग पर जाम लगाकर जोरदार प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में ग्रामीणों के सड़क पर उतरने से मार्ग पर यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया। करीब दो घंटे तक सड़क बाधित रहने के कारण दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा।ग्रामीणों का कहना है कि गांव में काफी समय से जरूरी विकास कार्यों की ओर जिम्मेदार अधिकारियों और ग्राम पंचायत का पर्याप्त ध्यान नहीं है। सबसे गंभीर समस्या प्राथमिक विद्यालय तक पहुंचने वाले रास्ते की है।
ग्रामीणों के मुताबिक बारिश होते ही स्कूल जाने वाला रास्ता कीचड़ और पानी से भर जाता है। हालत यह है कि बच्चों को इसी जलभराव और फिसलन भरे रास्ते से होकर विद्यालय पहुंचना पड़ता है।ग्रामीणों ने बताया कि रास्ते पर जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश का पानी लंबे समय तक जमा रहता है। कीचड़ के कारण बच्चों के साथ-साथ शिक्षकों और ग्रामीणों को भी आवागमन में परेशानी होती है। कई बार बच्चे फिसलकर गिर चुके हैं, जिससे अभिभावकों में भी नाराजगी बनी हुई है।
विकास कार्यों की जांच कराने की मांग भी रखी
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने प्राथमिक विद्यालय तक पक्की सड़क बनवाने और जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग उठाई। इसके साथ ही उन्होंने ग्राम पंचायत में पिछले समय में कराए गए विकास कार्यों की जांच कराने की मांग भी रखी। ग्रामीणों का आरोप है कि विकास के नाम पर केवल औपचारिकता पूरी की जा रही है, जबकि गांव की मूलभूत समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है।जाम की सूचना मिलने पर हरपालपुर थाना प्रभारी निरीक्षक संदीप शुक्ला पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और उन्हें समझाने का प्रयास किया। पुलिस अधिकारियों के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने करीब दो घंटे बाद जाम समाप्त कर दिया। इसके बाद सांडी-श्रीमऊ मार्ग पर वाहनों का आवागमन सामान्य हो सका।ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि यदि स्कूल के रास्ते की समस्या जल्द दूर नहीं हुई और विकास कार्यों की जांच नहीं कराई गई तो वे दोबारा सड़क पर उतरकर आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।