Hardoi News: महिला नेताओं पर कथित टिप्पणी को लेकर घिरे शराफत अली, सपा में बढ़ी हलचल

Hardoi News : हरदोई में वायरल वीडियो को लेकर सियासत गरमाई, महिला नेताओं पर कथित टिप्पणी के आरोपों से सपा जिलाध्यक्ष शराफत अली विवादों में घिरे

Update:2026-06-13 13:45 IST

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Hardoi News: उत्तर प्रदेश के हरदोई जनपद में समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष शराफत अली से जुड़े एक कथित वायरल वीडियो को लेकर राजनीतिक माहौल अचानक गर्म हो गया है। वीडियो में पार्टी की वरिष्ठ नेताओं और महिला कार्यकर्ताओं के संबंध में कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणियां किए जाने का दावा किया जा रहा है। मामला सामने आने के बाद सियासी गलियारों में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।बताया जा रहा है कि वायरल वीडियो में पूर्व सांसद ऊषा वर्मा, पूर्व विधायक राजेश्वरी देवी समेत कुछ महिला नेताओं पर कथित अभद्र और व्यक्तिगत टिप्पणियां की गई हैं।

इसके अलावा सेना में भर्ती होने वाली बेटियों को लेकर भी विवादित बयान दिए जाने का आरोप लगाया जा रहा है। हालांकि वीडियो की सत्यता और उसके मूल स्रोत की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।मामले को लेकर पूर्व सांसद ऊषा वर्मा ने गहरी नाराजगी जताई। मीडिया से बातचीत के दौरान वह भावुक भी नजर आईं। उन्होंने कहा कि यदि वीडियो में दिखाई और सुनाई दे रही बातें सही हैं तो यह महिलाओं के सम्मान पर सीधा आघात है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की।

ऊषा वर्मा ने यह भी कहा कि इस पूरे प्रकरण की शिकायत समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व से की जाएगी। उनका कहना है कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने ही शराफत अली को हरदोई की जिम्मेदारी सौंपी थी, इसलिए अब उनसे ही न्याय की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि संगठन को इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच करानी चाहिए।दूसरी ओर, सपा जिलाध्यक्ष शराफत अली ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है।

उनका कहना है कि उन्हें राजनीतिक रूप से बदनाम करने के उद्देश्य से यह पूरा षड्यंत्र रचा गया है। उन्होंने दावा किया कि कुछ लोग ब्लैकमेलिंग और दबाव की राजनीति कर रहे हैं तथा उसी के तहत इस प्रकार की सामग्री प्रसारित की जा रही है।वहीं प्रदेश सरकार में उच्च शिक्षा राज्यमंत्री रजनी तिवारी ने इस विवाद को लेकर समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह मामला सपा के "चाल, चरित्र और चेहरे" को उजागर करता है। मंत्री के बयान के बाद राजनीतिक बहस और तेज हो गई है। फिलहाल पूरे प्रकरण को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों और समर्थकों के बीच चर्चाओं का दौर जारी है।

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