Hardoi News: सांसद की आपत्ति के बावजूद स्टेशन डिजाइन पर काम शुरू, रेलवे के लिखित आश्वासन से उठे सवाल

Hardoi News: हरदोई रेलवे स्टेशन के बदले डिजाइन पर सांसद की आपत्ति के बावजूद काम शुरू होने से सवाल उठे हैं। रेलवे के लिखित आश्वासन पर भी चर्चा तेज है।

Update:2026-08-16 14:22 IST

Hardoi News(Photo-Social Media)

Hardoi News: हरदोई रेलवे स्टेशन के अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत चल रहे विकास कार्यों में डिजाइन को लेकर रेलवे प्रशासन और सांसद के बीच मतभेद का मामला अब आगे बढ़ता दिखाई दे रहा है। रेलवे की ओर से दिए गए एक लिखित स्पष्टीकरण में कहा गया था कि स्टेशन भवन के संशोधित डिजाइन को अंतिम रूप देने के बाद माननीय सांसद को अवगत कराया जाएगा और सक्षम स्तर से अनुमोदन एवं सहमति प्राप्त होने के बाद ही कार्य कराया जाएगा। ऐसे में यदि सांसद को जानकारी दिए बिना संशोधित डिजाइन के आधार पर काम शुरू कराया गया है तो यह सवाल उठने लगा है कि क्या मामले को लोकसभा में उठाया जाएगा।

दरअसल, हरदोई स्टेशन के भवन के डिजाइन में किए जा रहे संशोधनों को लेकर सांसद जयप्रकाश रावत ने रेलवे अधिकारियों के समक्ष आपत्ति जताई थी। सांसद की ओर से फोन पर अधिकारियों से वार्ता कर डिजाइन में बदलाव को लेकर नाराजगी जाहिर किए जाने के बाद रेलवे प्रशासन की ओर से लिखित जवाब दिया गया था।

अनुमति के बिना नहीं होगा कार्य लेकिन स्टेशन पर जेसीबी से होने लगा गड्ढा

इस पत्र में स्टेशन भवन के डिजाइन को लेकर किए जा रहे संशोधनों की जानकारी देते हुए स्पष्ट किया गया कि वर्तमान डिजाइन पुनरीक्षणाधीन है। अंतिम संशोधित डिजाइन तैयार होने के बाद उसे सांसद को अवगत कराया जाएगा तथा सक्षम स्तर से अनुमोदन एवं सहमति प्राप्त होने के उपरांत कार्य निष्पादित किया जाएगा। पत्र में यह भी उल्लेख किया गया कि संशोधित डिजाइन में स्टेशन की कार्यक्षमता, यात्री सुविधाओं, सर्कुलेटिंग एरिया, प्रवेश-निकास व्यवस्था, दिव्यांगजन सुविधाओं और प्लेटफॉर्म से संपर्क जैसी आवश्यकताओं को प्राथमिकता दी जाएगी।

अब विवाद इस बात को लेकर है कि रेलवे द्वारा दिए गए लिखित आश्वासन के बावजूद यदि सांसद को अंतिम डिजाइन की जानकारी दिए बिना निर्माण कार्य आगे बढ़ाया गया है तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी। क्या सांसद इस पूरे मामले की शिकायत रेलवे के उच्च अधिकारियों से करेंगे या फिर इसे लोकसभा की विशेषाधिकार समिति के समक्ष उठाने पर विचार करेंगे?हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि सांसद जयप्रकाश रावत इस मामले को लोकसभा में विशेषाधिकार हनन के रूप में उठाएंगे या नहीं। यह भी स्पष्ट होना बाकी है कि वर्तमान में स्टेशन पर जिस डिजाइन के अनुसार कार्य कराया जा रहा है, उसे सक्षम स्तर से अंतिम स्वीकृति प्राप्त है अथवा नहीं।रेलवे का यह लिखित पत्र अब पूरे मामले में अहम दस्तावेज बन गया है। यदि सांसद की आपत्ति के बावजूद निर्धारित प्रक्रिया और लिखित आश्वासन की अनदेखी किए जाने की पुष्टि होती है, तो मामला रेलवे के प्रशासनिक स्तर से निकलकर संसद तक पहुंच सकता है।

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