Jhansi News: बच्चों को अगवा करने वाली गैंग सक्रिय, बाल कल्याण समिति के न्यायपीठ ने SP को लिखा पत्र
Jhansi News: हाथरस में बालक को बहाने से कार में बैठाकर ट्रेन तक ले जाया गया, झांसी स्टेशन पर मौका पाकर बालक बच निकला, समिति ने पिता को सौंपा।
बच्चों को अगवा करने वाली गैंग सक्रिय, बाल कल्याण समिति के न्यायपीठ ने SP को लिखा पत्र (Photo- Newstrack)
Jhansi News: झांसी में अपहरणकर्ताओं के चंगुल से छूटकर भागे एक बालक को न्यायपीठ बाल कल्याण समिति ने उसके पिता के संरक्षण में सौंपने के आदेश दिए। बालक ने बताया कि वह हाथरस स्थित कॉलेज जाने के लिए टैम्पो का इंतजार कर रहा था, तभी एक मारुति ईको कार उसके सामने आकर रुकी। कार में दो लोग बैठे हुए थे। दोनों ने उससे पता पूछने के बहाने उसे अपने पास बुलाया और नजदीक पहुंचते ही जबरन अपनी गाड़ी में खींच लिया।
मुंह पर रूमाल रखकर किया बेहोश
बालक के मुताबिक, गाड़ी में खींचने के बाद आरोपियों ने उसके मुंह पर रूमाल रख दिया। करीब दस मिनट बाद वह बेहोश हो गया। जब उसे होश आया तो वह ट्रेन में था। उसके साथ वही दोनों व्यक्ति बैठे हुए थे और उसका हाथ पकड़े हुए थे। दोनों इशारा कर रहे थे कि वह कुछ न बोले।
बालक ने बताया कि करीब 15 मिनट बाद ट्रेन झांसी स्टेशन पहुंच गई। स्टेशन पर भीड़ का फायदा उठाकर उसने दोनों लोगों से अपना हाथ छुड़ा लिया और प्लेटफार्म पर उतर गया। इसके बाद उसने अपने पिता को फोन कर पूरी घटना की जानकारी दी। पिता ने उसे तत्काल पुलिस के पास जाने के लिए कहा।
चाइल्ड हेल्पलाइन ने पिता से किया संपर्क
बालक के पुलिस के पास पहुंचने के बाद उसे चाइल्ड हेल्पलाइन को सौंप दिया गया। चाइल्ड हेल्पलाइन ने बालक के पिता से संपर्क किया और उन्हें झांसी बुलाया। इसके बाद बाल कल्याण समिति की न्यायपीठ के आदेश पर बालक को उसके पिता के संरक्षण में सौंप दिया गया।
बांदा में भी इसी तरह दो बच्चों के अपहरण का मामला आया था सामने
न्यायपीठ के अध्यक्ष राजीव शर्मा ने बताया कि 29 मई 2026 को भी बांदा से इसी तरह अपहरण किए गए दो बच्चों को उनके समक्ष प्रस्तुत किया गया था। दोनों मामलों में तरीका एक जैसा होने के कारण उन्हें संदेह है कि गांवों और कस्बों में बच्चों के अपहरण के लिए कोई गैंग सक्रिय हो सकती है।
राजीव शर्मा ने बताया कि इस संबंध में उन्होंने पुलिस अधीक्षक बांदा को भी कार्रवाई के लिए पत्र भेजा था। अब वह पुलिस अधीक्षक हाथरस को भी पत्र भेज रहे हैं, ताकि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
न्यायपीठ के सदस्य और कार्यालय प्रभारी रहे मौजूद
बालक को उसके पिता के संरक्षण में सौंपने की कार्रवाई के दौरान न्यायपीठ सदस्य कोमल सिंह, परवीन खान, हरीकृष्ण सक्सैना और दीप्ति सक्सैना के साथ कार्यालय प्रभारी साजिद खान मौजूद रहे। न्यायपीठ ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर सामने आए इन मामलों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित पुलिस अधिकारियों को कार्रवाई के लिए पत्र भेजने की बात कही है।