Jhansi News: झांसी में चरस तस्करी के आरोपी को सजा, सात माह दस दिन का कठोर कारावास
Jhansi News: झांसी में छह साल पुराने चरस बरामदगी मामले में आरोपी दीपक अहिरवार ने न्यायालय में जुर्म स्वीकार किया। विशेष एनडीपीएस अदालत ने जेल में बिताई गई सात माह दस दिन की अवधि के कठोर कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
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Jhansi News: छह वर्ष पूर्व अवैध चरस के साथ पकड़े गए आरोपी द्वारा न्यायालय में अपना जुर्म स्वीकार किए जाने पर विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस एक्ट/अपर सत्र न्यायाधीश (एफटीसी) ओमपाल सिंह की अदालत ने उसे जेल में बिताई गई अवधि सात माह दस दिन के कठोर कारावास और पांच हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।विशेष अभियोजक दीपक तिवारी ने बताया कि 7 मार्च 2020 को थाना सीपरी बाजार पुलिस ने दीपक अहिरवार पुत्र घनश्याम अहिरवार निवासी लहर गिर्द, सीपरी बाजार को मनोरंजन गृह के सामने, राजघाट कॉलोनी के निकट गिरफ्तार किया था। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से 600 ग्राम चरस बरामद हुई थी।
इस मामले में पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 18/20 एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया था। विवेचना पूरी होने के बाद आरोपपत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।न्यायालय में सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर अभियुक्त ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। इसके बाद विशेष न्यायाधीश ने धारा 18/20 एनडीपीएस एक्ट के तहत उसे जेल में बिताई गई अवधि सात माह दस दिन के कठोर कारावास और पांच हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।न्यायालय ने आदेश दिया कि अर्थदंड जमा नहीं करने की स्थिति में अभियुक्त को एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
युवती द्वारा आग लगाकर आत्महत्या के मामले में दोषी को 07 साल की सजा
पांच वर्ष पूर्व युवती को आत्महत्या के लिए उत्प्रेरित करने के मामले में दोषी को अपर सत्र न्यायाधीश, गरौठा, जिला झाँसी सत्य प्रकाश आर्य के न्यायालय ने 07 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई।10 हजार रूपये अर्थदण्ड से भी दंडित किया।सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता पुष्पेन्द्र राजपूत ने बताया कि वादी मुकदमा सन्तोष पुत्र मनप्यारे साहू निवासी ग्राम कैरोखर थाना-ककरबई ने थाना ककरबई में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके गांव का रामजी पुत्र राधेलाल उसकी लड़की कु० कमलेश उम्र 20 वर्ष से बातचीत करता था। 10 नवंबर 2021 को उसकी बेटी ने दीवार पर रामजी का नाम लिखकर सुबह चार बजे मिट्टी का तेल डालकर आग लगाकर आत्महत्या कर ली।
उसे विश्वास है कि उसकी बेटी ने रामजी यादव के कारण ही दुखी होकर आग लगाकर आत्महत्या कर ली।धारा-306 भा०दं०सं० के तहत रामजी यादव पुत्र राधेलाल यादव व राधेलाल यादव पुत्र झुल्लीराम के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। न्यायालय में प्रस्तुत साक्ष्यों एवं गवाहों के आधार पर दोषसिद्ध अभियुक्त रामजी यादव को धारा-306 भा०द०सं०/108 बी०एन०एस० के आरोप में 07 वर्ष के सश्रम कारावास व 10 हजार रूपये अर्थदण्ड से दंडित किया गया।अर्थदण्ड अदा न करने पर अभियुक्त को छः माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।अभियुक्त राधेलाल यादव को न्यायालय द्वारा दोषमुक्त कर दिया गया।